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बोर्ड परीक्षा तैयारी में बिजली बनी बाधा
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 17 Jan 2015 12:43 AM IST
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मंझनपुर। बिजली की अंधाधुंध कटौती बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ रही है। गांवों में रात 10 से दो बजे की बिजली सप्लाई दी जा रही है। इस आपूर्ति समय से बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे 54 हजार लड़के-लड़कियां घर में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। आरोप है कि शिकायत के बाद भी बिजली आपूर्ति का समय नहीं बदला जा रहा है। वहीं दिन-रात हो रही अघोषित कटौती भी बंद नहीं हो रही है।
अबकी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से है। जिले के 54 हजार छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। पर, जिले में बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति, सप्लाई रोस्टर और अंधाधुंध अघोषित कटौती इनकी तैयारी पर ग्रहण बना हुआ है। देखें तो कौशाम्बी के गांवों में इन दिनों रात 9.45 से 2.45 और सुबह छह बजे से पूर्वाह्न 11 बजे की बिजली सप्लाई दी जा रही है। हाईस्कूल परीक्षा देने जा रही मंझनपुर की शिवांगी गुप्ता, बिसारा गांव का अश्विनी कुमार, अभय यादव, अरविंद पाल, दशरथपुर गांव के मुकेंद्र यादव, विपिन दूबे, गिरिसा गांव निवासी हिमांशु तिवारी, परसरा गांव के सत्यम ओझा और 12 वीं क्लास में पढ़ने वाली बालकमऊ गांव की श्वेता, रजनीश पांडेय बिसारा की अनामिका पाल, नियामतपुर के भोलानाथ आदि ने बताया कि रात में 10 बजे जब छात्र-छात्राएं सो जाते हैं, तब बिजली आती है और जागने से पहले ही गुल हो जाती है।
शिवांगी, अनामिका, श्वेता आदि ने बताया कि शाम और सुबह चार बजे से बच्चे पढ़ाई करते हैं। यह समय पढ़ने के लिए अच्छा माना जाता है। पर, इस समय बिजली ही नहीं रहती है। बिजली नहीं मिलने से बच्चे घर में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका अभिभावकों में भी गुस्सा है। आरोप है कि कई बार डीएम, एक्सईएन से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी सुबह-शाम बिजली की सप्लाई नहीं दी जा रही है।
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कौशाम्बी के गांवों में जहां बिजली रोस्टर से लोग परेशान हैं। वहीं भरवारी उपकेंद्र के बिदनपुर, भदवां, सरायअकिल के अमवां, घोसिया, गोविंदपुर, चायल के अजमतगंज आदि करीब दो दर्जन गांवों में ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली गुल है। अमवा गांव के रहने वाले अरूण सिंह, सुभाष पांडेय, मल्हू सरोज, बुधराम प्रजापति, गुड्डू सिंह, कंचन सिंह, जयसिंह आदि ने बताया कि 11 जनवरी से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। बताया कि 13 जनवरी की सुबह ही इसकी लिखित शिकायत अवर अभियंता से की गई थी। इसके बाद भी अब तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका है।
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अबकी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से है। जिले के 54 हजार छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। पर, जिले में बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति, सप्लाई रोस्टर और अंधाधुंध अघोषित कटौती इनकी तैयारी पर ग्रहण बना हुआ है। देखें तो कौशाम्बी के गांवों में इन दिनों रात 9.45 से 2.45 और सुबह छह बजे से पूर्वाह्न 11 बजे की बिजली सप्लाई दी जा रही है। हाईस्कूल परीक्षा देने जा रही मंझनपुर की शिवांगी गुप्ता, बिसारा गांव का अश्विनी कुमार, अभय यादव, अरविंद पाल, दशरथपुर गांव के मुकेंद्र यादव, विपिन दूबे, गिरिसा गांव निवासी हिमांशु तिवारी, परसरा गांव के सत्यम ओझा और 12 वीं क्लास में पढ़ने वाली बालकमऊ गांव की श्वेता, रजनीश पांडेय बिसारा की अनामिका पाल, नियामतपुर के भोलानाथ आदि ने बताया कि रात में 10 बजे जब छात्र-छात्राएं सो जाते हैं, तब बिजली आती है और जागने से पहले ही गुल हो जाती है।
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शिवांगी, अनामिका, श्वेता आदि ने बताया कि शाम और सुबह चार बजे से बच्चे पढ़ाई करते हैं। यह समय पढ़ने के लिए अच्छा माना जाता है। पर, इस समय बिजली ही नहीं रहती है। बिजली नहीं मिलने से बच्चे घर में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। इसका अभिभावकों में भी गुस्सा है। आरोप है कि कई बार डीएम, एक्सईएन से शिकायत भी की गई। इसके बाद भी सुबह-शाम बिजली की सप्लाई नहीं दी जा रही है।
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कौशाम्बी के गांवों में जहां बिजली रोस्टर से लोग परेशान हैं। वहीं भरवारी उपकेंद्र के बिदनपुर, भदवां, सरायअकिल के अमवां, घोसिया, गोविंदपुर, चायल के अजमतगंज आदि करीब दो दर्जन गांवों में ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली गुल है। अमवा गांव के रहने वाले अरूण सिंह, सुभाष पांडेय, मल्हू सरोज, बुधराम प्रजापति, गुड्डू सिंह, कंचन सिंह, जयसिंह आदि ने बताया कि 11 जनवरी से ट्रांसफार्मर जला हुआ है। बताया कि 13 जनवरी की सुबह ही इसकी लिखित शिकायत अवर अभियंता से की गई थी। इसके बाद भी अब तक ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका है।