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ताला बंद और दागी स्कूल भी बन गए परीक्षा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:18 AM IST
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आशा देवी इंटर कालेज का टूटा छप्पर।
- फोटो : amar ujala
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के परीक्षा केंद्र निर्धारण में मानकों का खूब मजाक उड़ाया गया। रोजाना कोई न कोई गड़बड़ी सामने आ रही है। अनंतिम सूची में शामिल ताला बंद और सामूहिक नकल के आरोपी स्कूलों को भी सेंटर बनाया गया है। इन गड़बड़ियों को लेकर दूसरे स्कूल संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद ने पिछले हफ्ते जिले के 65 स्कूलों की अनंतिम सूची जारी की थी। परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक होते ही गड़बड़ियों को लेकर होहल्ला शुरू हो गया। लोग धड़ाधड़ आपत्तियां दर्ज कराने लगे। इन्हीं आपत्तियों के चलते दो ऐसे स्कूलों का नाम सामने आया जिन्हें किसी भी सूरत में केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए था।
सूची में शामिल आशा देवी इंटर कॉलेज धुमाई में सीसीटीवी, शौचालय, कम्प्यूटर कक्ष तो दूर बच्चों के बैठने के लिए न तो भवन है और न ही फर्नीचर। इसके बाद भी मानक को दरकिनार कर सेंटर बना दिया गया। इसी तरह केंद्रों की सूची में शामिल देशबंधु इंटर कॉलेज बैशकांटी में तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वीर बहादुर सिंह ने 13 अप्रैल को इंटर अंग्रेजी की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी थी।
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उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सामूहिक नकल के आरोप में कॉलेज की परीक्षा निरस्त कर काली सूची में डालने की संस्तुति की थी। इसके बाद भी कॉलेज को सेंटर बनाए जाने से दूसरे स्कूल संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का कहना है कि केंद्र की यह अनंतिम सूची है। अंतिम सूची से पहले आपत्तियों की जांच-पड़ताल की जाएगी।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए परिषद ने पिछले हफ्ते जिले के 65 स्कूलों की अनंतिम सूची जारी की थी। परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक होते ही गड़बड़ियों को लेकर होहल्ला शुरू हो गया। लोग धड़ाधड़ आपत्तियां दर्ज कराने लगे। इन्हीं आपत्तियों के चलते दो ऐसे स्कूलों का नाम सामने आया जिन्हें किसी भी सूरत में केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए था।
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सूची में शामिल आशा देवी इंटर कॉलेज धुमाई में सीसीटीवी, शौचालय, कम्प्यूटर कक्ष तो दूर बच्चों के बैठने के लिए न तो भवन है और न ही फर्नीचर। इसके बाद भी मानक को दरकिनार कर सेंटर बना दिया गया। इसी तरह केंद्रों की सूची में शामिल देशबंधु इंटर कॉलेज बैशकांटी में तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वीर बहादुर सिंह ने 13 अप्रैल को इंटर अंग्रेजी की परीक्षा में सामूहिक नकल पकड़ी थी।
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उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सामूहिक नकल के आरोप में कॉलेज की परीक्षा निरस्त कर काली सूची में डालने की संस्तुति की थी। इसके बाद भी कॉलेज को सेंटर बनाए जाने से दूसरे स्कूल संचालकों ने आपत्ति दर्ज कराई है। डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का कहना है कि केंद्र की यह अनंतिम सूची है। अंतिम सूची से पहले आपत्तियों की जांच-पड़ताल की जाएगी।