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ब्लॉक प्रमुख चुनाव: सामान्य सीट पर लगी बोली, आरक्षित के सदस्य उपेक्षित
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मंझनपुर। ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में कहीं धन बरस रहा है तो कहीं सदस्यों को आधी रकम मिल रही है। जिन ब्लॉकों में अनारक्षित सीट है वहां सदस्यों को एक लाख तक दिए जा रहे हैं। जबकि, आरक्षित वर्ग की सीट पर 50 हजार रुपये तक ही सदस्यों को मिल रहे हैं। प्रमुख पद के प्रत्याशी पैसा देने के साथ ही बीडीसी सदस्यों के जीत का प्रमाण पत्र भी ले रहे हैं। हर ब्लॉक में सदस्यों की खरीद-फरोख्त को लेकर मोलभाव चरम पर है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद अब ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भी हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जिले के सभी आठ विकास खंडों में भाजपा व सपा प्रत्याशियों के बीच ही सीधा मुकाबला है। अब यहां सदस्यों की खरीद-फरोख्त के चलते सदस्यों को वोट देने के लिए बोली लगनी शुरू हो गई है। जिले की कड़ा, कौशाम्बी, चायल अनारक्षित सीटें हैं। सूत्र बताते हैं कि यहां पर बीडीसी सदस्यों का रेट एक लाख तक पहुंच चुका है। सपा अथवा भाजपा से दावेदारी कर रहे लोग सदस्यों को मुंहमांगा पैसा दे रहे हैं। जबकि मंझनपुर अनुसूचित जाति महिला, नेवादा अनुसूचित जाति, सिराथू पिछड़ा वर्ग महिला, सरसवां पिछड़ा वर्ग, मूरतगंज अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इन सीटों पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त तो हो रही है, लेकिन इनको 50 हजार से ज्यादा का नहीं मिल रहा है। हालांकि, नेवादा ब्लॉक में सामान्य वर्ग के लोगों ने चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर सदस्यों को मुंहमांगी रकम दे रहे हैं।
ज्यादा से ज्यादा बीडीसी को पाले में करने की चुनौती
मंझनपुर। बीडीसी सदस्यों को ज्यादा से ज्यादा अपने पाले में करने के लिए सपा और भाजपा परेशान हैं। जिला पंचायत के चुनाव में जिस तरह से क्रास वोटिंग हुई है उसे लेकर दोनों दलों में बेचैनी है। दोनों दल ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए खासे परेशान हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद अब ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भी हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। जिले के सभी आठ विकास खंडों में भाजपा व सपा प्रत्याशियों के बीच ही सीधा मुकाबला है। अब यहां सदस्यों की खरीद-फरोख्त के चलते सदस्यों को वोट देने के लिए बोली लगनी शुरू हो गई है। जिले की कड़ा, कौशाम्बी, चायल अनारक्षित सीटें हैं। सूत्र बताते हैं कि यहां पर बीडीसी सदस्यों का रेट एक लाख तक पहुंच चुका है। सपा अथवा भाजपा से दावेदारी कर रहे लोग सदस्यों को मुंहमांगा पैसा दे रहे हैं। जबकि मंझनपुर अनुसूचित जाति महिला, नेवादा अनुसूचित जाति, सिराथू पिछड़ा वर्ग महिला, सरसवां पिछड़ा वर्ग, मूरतगंज अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इन सीटों पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त तो हो रही है, लेकिन इनको 50 हजार से ज्यादा का नहीं मिल रहा है। हालांकि, नेवादा ब्लॉक में सामान्य वर्ग के लोगों ने चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर सदस्यों को मुंहमांगी रकम दे रहे हैं।
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ज्यादा से ज्यादा बीडीसी को पाले में करने की चुनौती
मंझनपुर। बीडीसी सदस्यों को ज्यादा से ज्यादा अपने पाले में करने के लिए सपा और भाजपा परेशान हैं। जिला पंचायत के चुनाव में जिस तरह से क्रास वोटिंग हुई है उसे लेकर दोनों दलों में बेचैनी है। दोनों दल ज्यादा से ज्यादा सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए खासे परेशान हैं।
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