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Kaushambi News: कड़वा करेला किसानों के जीवन में भरेगा मिठास
Wed, 20 Mar 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 20 Mar 2024 02:16 AM IST
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करेले का खेत। ( फाइल फोटो )
मूरतगंज ब्लॉक के शोभना, बसेढ़ी समेत करीब आधा दर्जन गांव के किसान दो हजार बीघा में करेला की खेती करते हैं। गंगा के कछार में होने वाली यह खेती उनके पूरे साल के खर्च का इंतेजाम कर देती है।
सब्जियों में करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन जिले के किसानों के जीवन में यह करेला मिठास भर रहा है। मूरतगंज ब्लॉक में गंगा किनारे बसे बरेठी, बसेढ़ी, पल्हाना आदि गांव के किसान परंपरागत खेती को छोड़कर सब्जियों की खेती करने लगे हैं। गर्मी के किसान करेला का उत्पादन करते हैं।
इन दिनों करेला की बुआई हो रही है। 55 से 60 दिन में फल आने लगेंगे। एक बार पैधा फल देने लगे तो तीन से चार दिन में फसल तुड़ाई होती है। बसेढ़ी के किसान अमृतलाल ने बताया कि हर साल करेला की खेती करते हैं। फसल बेहतर रही तो पूरे साल का खर्च एक ही फसल से पूरा हो जाता है। शुरूआत के सालों में फसल को लेकर मंडी जाना पड़ता था। अब कारोबारी खेत से ही फसल ले जाते हैं।
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राकेश ने बताया कि दो भाइयों ने मिलकर चार बीघा भूमि में करेला की फसल बोई है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से उत्पादन होने की संभावना है। यहां फतेहपुर, कानपुर, प्रयागराज के बड़े कारोबारी आते हैं। सुबह किसान का काम केवल फसल तोड़कर रखना होता है। इसके बाद खुद ही ले जाते हैं।
करेला का थोक भाव आमतौर पर 15 से 20 रुपये किला रहता है। पिछले साल आठ से लेकर 44 रुपये किलो तक करेला बेचा गया था। एक बीघे में आम तौर पर 12 से 15 हजार की लागत आती है और फसल तैयार होने पर 80 हजार से सवा लाख रुपये में बेचा जा सकता है।
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उद्यान निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि करेला उत्पादन करने वाले किसानों की विभाग अनुदान में बीज मुहैया कराता है। आमतौर पर किसान पूरे साल करेला का उत्पादन कर सकते हैं। डाइबिटीज रोगियों के बीच करेला की मांग पूरे साल बनी रहती है।
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- क्षेत्र के तमाम किसान करेला की खेती करते हैं। ऐसे में यहां बाहरी व्यापारी आते हैं तो उनको किसी ने किसी खेत से करेला जरूर मिल जाता है। ऐसे में बाजार की तलाश नहीं करना पड़ता। किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध हो जाते हैं। - मुकेश कुमार, किसान
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करेला की खेती तीन माह की होती है। गर्मी में फसल तैयार होती है। इस दौरान कोई अन्य फसल नहीं तैयार कर सकते। वर्षा शुरू होने से पहले खेत खाली हो जाते हैं। इसके बाद धान की रोपाई होती है। यह फसल हर लिहाज से बेहतर है। - संजीत सिंह, किसान
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सब्जियों में करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन जिले के किसानों के जीवन में यह करेला मिठास भर रहा है। मूरतगंज ब्लॉक में गंगा किनारे बसे बरेठी, बसेढ़ी, पल्हाना आदि गांव के किसान परंपरागत खेती को छोड़कर सब्जियों की खेती करने लगे हैं। गर्मी के किसान करेला का उत्पादन करते हैं।
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इन दिनों करेला की बुआई हो रही है। 55 से 60 दिन में फल आने लगेंगे। एक बार पैधा फल देने लगे तो तीन से चार दिन में फसल तुड़ाई होती है। बसेढ़ी के किसान अमृतलाल ने बताया कि हर साल करेला की खेती करते हैं। फसल बेहतर रही तो पूरे साल का खर्च एक ही फसल से पूरा हो जाता है। शुरूआत के सालों में फसल को लेकर मंडी जाना पड़ता था। अब कारोबारी खेत से ही फसल ले जाते हैं।
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राकेश ने बताया कि दो भाइयों ने मिलकर चार बीघा भूमि में करेला की फसल बोई है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से उत्पादन होने की संभावना है। यहां फतेहपुर, कानपुर, प्रयागराज के बड़े कारोबारी आते हैं। सुबह किसान का काम केवल फसल तोड़कर रखना होता है। इसके बाद खुद ही ले जाते हैं।
करेला का थोक भाव आमतौर पर 15 से 20 रुपये किला रहता है। पिछले साल आठ से लेकर 44 रुपये किलो तक करेला बेचा गया था। एक बीघे में आम तौर पर 12 से 15 हजार की लागत आती है और फसल तैयार होने पर 80 हजार से सवा लाख रुपये में बेचा जा सकता है।
उद्यान निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि करेला उत्पादन करने वाले किसानों की विभाग अनुदान में बीज मुहैया कराता है। आमतौर पर किसान पूरे साल करेला का उत्पादन कर सकते हैं। डाइबिटीज रोगियों के बीच करेला की मांग पूरे साल बनी रहती है।
- क्षेत्र के तमाम किसान करेला की खेती करते हैं। ऐसे में यहां बाहरी व्यापारी आते हैं तो उनको किसी ने किसी खेत से करेला जरूर मिल जाता है। ऐसे में बाजार की तलाश नहीं करना पड़ता। किसान भी आर्थिक रूप से समृद्ध हो जाते हैं। - मुकेश कुमार, किसान
करेला की खेती तीन माह की होती है। गर्मी में फसल तैयार होती है। इस दौरान कोई अन्य फसल नहीं तैयार कर सकते। वर्षा शुरू होने से पहले खेत खाली हो जाते हैं। इसके बाद धान की रोपाई होती है। यह फसल हर लिहाज से बेहतर है। - संजीत सिंह, किसान

करेले का खेत। ( फाइल फोटो )

करेले का खेत। ( फाइल फोटो )