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कौशांबी: फरवरी में बन जाएगा बॉयोगैस प्लांट
Thu, 09 Feb 2023 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Feb 2023 01:09 AM IST
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फरवरी में बन जाएगा बॉयोगैस प्लांट
मंदर गांव में निर्माणाधीन प्रदेश के सबसे बड़े प्लांट को 26 जनवरी तक था तैयार करना
सर्दी और वक्त पर आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता से हुई देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। प्रयागराज के मंदर गांव में निर्माणाधीन बॉयोगैस प्लांट तय समय के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। प्लांट में अभी प्लास्टर, चहारदीवारी समेत कई अन्य काम हाेने हैं। इसमें अभी कम से कम पखवाड़े भर का वक्त लग सकता है।
केंद्र सरकार की गोवर्द्धन योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये प्रयागराज के भगवतपुर ब्लॉक के मंदर गांव में सूबे का सबसे बड़ा बॉयोगैस प्लांट बनाया जा रहा है। इस प्लांट से सीएनजी, एलपीजी और बिजली तैयार कर गांव के तीन सौ घरों को आपूर्ति की जाएगी। पहले चरण में इस प्लांट में पशुओं के गोबर से गैस तैयार कर आपूर्ति करने की योजना है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और एमएसएमई से तैयार हो रहे प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत समूहों की होगी। इसमें गांव के 25 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसकी क्षमता 700 क्यूबिक मीटर होगी।
बताया जाता है कि प्लांट को जनवरी के अंत तक तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था को वक्त दिया गया था, लेकिन कड़ाके की ठंड और कुछ जरूरी उपकरणों के सही समय से उपलब्ध नहीं होने के कारण प्लांट अभी तक तैयार नहीं हो सका है। प्लांट तैयार होने में अभी 15-20 दिन का समय और लग सकता है। अभी प्लांट के अंदर प्लास्टर और चहारदीवारी का काम अधूरा है। इस संदर्भ में कार्यदायी संस्था आईबीइ के मैनेजर मो. इमरान ने बताया कि प्लांट तैयार होने की निर्धारित तिथि जनवरी 2023 थी, लेकिन ठंड में मजदूरों के काम नहीं करने और बाहर से आने वाला प्लांट का समान सही समय से नहीं उपलब्ध हो सका। इस कारण प्लांट तैयार होने में देरी हुई है। फरवरी के अंत तक प्लांट को तैयार कर शासन को सौंप दिया जाएगा।
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मंदर गांव में निर्माणाधीन प्रदेश के सबसे बड़े प्लांट को 26 जनवरी तक था तैयार करना
सर्दी और वक्त पर आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता से हुई देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। प्रयागराज के मंदर गांव में निर्माणाधीन बॉयोगैस प्लांट तय समय के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। प्लांट में अभी प्लास्टर, चहारदीवारी समेत कई अन्य काम हाेने हैं। इसमें अभी कम से कम पखवाड़े भर का वक्त लग सकता है।
केंद्र सरकार की गोवर्द्धन योजना के तहत सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये प्रयागराज के भगवतपुर ब्लॉक के मंदर गांव में सूबे का सबसे बड़ा बॉयोगैस प्लांट बनाया जा रहा है। इस प्लांट से सीएनजी, एलपीजी और बिजली तैयार कर गांव के तीन सौ घरों को आपूर्ति की जाएगी। पहले चरण में इस प्लांट में पशुओं के गोबर से गैस तैयार कर आपूर्ति करने की योजना है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और एमएसएमई से तैयार हो रहे प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत समूहों की होगी। इसमें गांव के 25 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसकी क्षमता 700 क्यूबिक मीटर होगी।
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बताया जाता है कि प्लांट को जनवरी के अंत तक तैयार करने के लिए कार्यदायी संस्था को वक्त दिया गया था, लेकिन कड़ाके की ठंड और कुछ जरूरी उपकरणों के सही समय से उपलब्ध नहीं होने के कारण प्लांट अभी तक तैयार नहीं हो सका है। प्लांट तैयार होने में अभी 15-20 दिन का समय और लग सकता है। अभी प्लांट के अंदर प्लास्टर और चहारदीवारी का काम अधूरा है। इस संदर्भ में कार्यदायी संस्था आईबीइ के मैनेजर मो. इमरान ने बताया कि प्लांट तैयार होने की निर्धारित तिथि जनवरी 2023 थी, लेकिन ठंड में मजदूरों के काम नहीं करने और बाहर से आने वाला प्लांट का समान सही समय से नहीं उपलब्ध हो सका। इस कारण प्लांट तैयार होने में देरी हुई है। फरवरी के अंत तक प्लांट को तैयार कर शासन को सौंप दिया जाएगा।
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