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सहानुभूति की लहर में बिहारी लाल बने थे कांग्रेस के सारथी
Tue, 02 Apr 2019 12:26 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 02 Apr 2019 12:26 AM IST
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सिराथू। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर थी। दोआबा की चायल सुरक्षित सीट से कांग्रेस ने चेहरा बदल बिहारी लाल शैलेश को मैदान में उतारा। वे सहानुभूति के लहर में दोआबा सेे जीत दर्ज कर पार्टी का दबदबा बरकरार रखने में कामयाब रहे।
आठवीं लोक सभा चुनाव में सहानुभूति लहर कांग्रेस के पक्ष में पैदा हो गई। दोआबा की चायल सुरक्षित सीट से कांग्रेस ने बिहारी लाल शैलेश को टिकट देकर मैदान में उतारा था। कांग्रेस से निवर्तमान सांसद राम निहोर राकेश एलकेडी का दामन थाम फिर से अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में आए। पर, लोक सभा चुनाव में इंदिरा गांधी के उत्तराधिकारी बनकर राजनीति में आए राजीव गांधी के प्रति सहानुभूति की लहर के आगे कोई नहीं टिक सका। संकट की इस घड़ी में दोआबा की जनता ने सहानुभूति दिखाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी बिहारी लाल शैलेश के पक्ष में अपना फै सला सुनाया।
हालांकि की कांग्रेस के विजय रथ को रोकने की कोशिश में दल बदल कर एलकेडी से आए राम निहोर राकेश ने रात-दिन एक कर दिया था। पर, जनता पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बिहारी लाल शैलेश 150306 मत पाकर जीत का डंका बजाने में कामयाब रहे। उधर एलकेडी के राम निहोर राकेश 146888 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। जबकि निर्दल प्रत्याशी नारायण दास को 7392, केदार नाथ सोनकर को 4182, डीडीपी के कल्लू प्रसाद को 3990, निर्दल प्रेम सिंह को 3776, और भूरे लाल को 2899 मत पर ही संतोष करना पड़ा।
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आठवीं लोक सभा चुनाव में सहानुभूति लहर कांग्रेस के पक्ष में पैदा हो गई। दोआबा की चायल सुरक्षित सीट से कांग्रेस ने बिहारी लाल शैलेश को टिकट देकर मैदान में उतारा था। कांग्रेस से निवर्तमान सांसद राम निहोर राकेश एलकेडी का दामन थाम फिर से अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में आए। पर, लोक सभा चुनाव में इंदिरा गांधी के उत्तराधिकारी बनकर राजनीति में आए राजीव गांधी के प्रति सहानुभूति की लहर के आगे कोई नहीं टिक सका। संकट की इस घड़ी में दोआबा की जनता ने सहानुभूति दिखाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी बिहारी लाल शैलेश के पक्ष में अपना फै सला सुनाया।
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हालांकि की कांग्रेस के विजय रथ को रोकने की कोशिश में दल बदल कर एलकेडी से आए राम निहोर राकेश ने रात-दिन एक कर दिया था। पर, जनता पर उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बिहारी लाल शैलेश 150306 मत पाकर जीत का डंका बजाने में कामयाब रहे। उधर एलकेडी के राम निहोर राकेश 146888 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। जबकि निर्दल प्रत्याशी नारायण दास को 7392, केदार नाथ सोनकर को 4182, डीडीपी के कल्लू प्रसाद को 3990, निर्दल प्रेम सिंह को 3776, और भूरे लाल को 2899 मत पर ही संतोष करना पड़ा।
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