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Kaushambi News: 41 लाख रुपये के गबन का आरोपी बैंक कैशियर किया गया निलंबित
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बैंक कैशियर अमित पांडेय
- फोटो : KAUSHAMBI
मंझनपुर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक फकीराबाद की शाखा में 41 लाख के गबन के आरोपी कैशियर अमित पांडेय को सस्पेंड कर दिया गया है। इस प्रकरण में बैंक अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। इसकी भी जांच कराई जा रही है।
फकीराबाद स्थित बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक की शाखा में मंगलवार को 41 लाख 22 हजार 845 रुपये का गबन का खुलासा हुआ था। मामले में शाखा प्रबंधक कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव की तहरीर पर सरायअकिल पुलिस ने गबन के आरोपी कैशियर अमित पांडेय के खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेजा। इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक प्रबंधन में भूचाल ला दिया था। क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार कंचन ने बताया गबन के आरोपी कैशियर को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि मानक से ज्यादा बैंक में कैश रखा गया था। जबकि जितना कैश वहां था, उससे काफी कम की लिमिट बैंक में नकदी रखने की थी। इसे लेकर बैंककर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। उनका कहना है कैश लेने के लिए नोडल ब्रांच है। लिमिट से ज्यादा कैश होने पर इसकी सूचना नोडल ब्रांच को दिया जाना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदारों ने ऐसा नहीं किया। बैंक में कितना पैसा रखने की सीमा थी। सुरक्षा कारणों से क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताने से इन्कार कर दिया।
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फकीराबाद स्थित बड़ौदा उप्र. ग्रामीण बैंक की शाखा में मंगलवार को 41 लाख 22 हजार 845 रुपये का गबन का खुलासा हुआ था। मामले में शाखा प्रबंधक कृष्ण बिहारी श्रीवास्तव की तहरीर पर सरायअकिल पुलिस ने गबन के आरोपी कैशियर अमित पांडेय के खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेजा। इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक प्रबंधन में भूचाल ला दिया था। क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार कंचन ने बताया गबन के आरोपी कैशियर को निलंबित कर दिया गया है।
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इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि मानक से ज्यादा बैंक में कैश रखा गया था। जबकि जितना कैश वहां था, उससे काफी कम की लिमिट बैंक में नकदी रखने की थी। इसे लेकर बैंककर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है। उनका कहना है कैश लेने के लिए नोडल ब्रांच है। लिमिट से ज्यादा कैश होने पर इसकी सूचना नोडल ब्रांच को दिया जाना चाहिए था, लेकिन जिम्मेदारों ने ऐसा नहीं किया। बैंक में कितना पैसा रखने की सीमा थी। सुरक्षा कारणों से क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताने से इन्कार कर दिया।
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