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कौशाम्बी: बमबारी कर कैश वैन लूटने की कोशिश, मुठभेड़ में एक बदमाश गिरफ्तार
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attempt of cash van loot in kaushambi
- फोटो : KAUSHAMBI
मौत सामनेे देख कांप उठे सुरक्षा गार्ड, नहीं किया फायर
चालक अनीस की सूझबूझ के चलते ही लुटने से बचे 45 लाख
अजुहा। 45 लाख की लूटपाट बचाने वाले कैश वैन के चालक की जांबाजी पुलिस कर्मियों के अलावा जिले के लोगों की जुंबा पर रहे। घटना के वक्त चालक अनीस पाल भी डर जाता तो कैश लूटे जाने से कोई रोक नहीं सकता था। वैन में दो सुरक्षा गार्ड थे, लेकिन वे जवाबी फायरिंग नहीं कर सके।
कैशवैन की सुरक्षा के लिए सर्वदेव शुक्ल व शंकर लाल तैनात थे। दोनों के पास असलहे भी थे। जिस वक्त बदमाशों ने एकाएक वैैन पर बम से हमला किया तो धुंध छा गई। सुरक्षा कर्मियों को समझने का मौका तक नहीं लगा। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। बदमाशों ने इसके बाद टायर में गोली मारकर पंक्चर कर दिया। पंक्चर गाड़ी को भी अनीष ने नहीं रोका और जान की परवाह किए बगैर गाड़ी भगाते हुए कड़ा धाम कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने भी बिना समय गंवाए कांबिंग की तो एक बदमाश पकड़ा गया।
कैश वैन लूट के प्रयास के बाद बेहतर पुलिस प्रबंधन से एक बदमाश पकड़ा जा सका। नेशनल हाईवे के अलावा आसपास के गांवों तक में बीट के सिपाही स्विफ्ट कार की खोजबीन करते पहुंच गए थे।
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कैश वैन चालक अनीष कुमार पाल ने लूट के बाबत कड़ा कोतवाली में खबर दी। उस वक्त इंस्पेक्टर अशोक कुमार क्षेेत्र के भानीपुर गांव में थे। इंस्पेक्टर ने घटना स्थल सैनी का होने के बाद भी बिना समय गवाएं एक टीम को कोतवाली से घटना स्थल के लिए रवाना किया। वह खुद भी एसपी अभिनंदन को सूचना देने के बाद हाईवे किनारे होटल व पेेट्रोल पंपों की चेकिंग करते हुए निकले। एसपी के निर्देश पर जिले की सीमा सील कर दी गई। जिले भर की पुलिस को सफेद रंग की स्विफ्ट कार चेक करने के लिए निर्देश दिया गया। कोखराज इंस्पेक्टर राकेश तिवारी भी अपनी टीम के साथ चेेकिंग करते हुए घटना स्थल की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सैनी कोतवाली के टेढ़ीमोड़ स्थित दूधनाथ पाल ढाबा के समीप कार दिख गई। पुलिस को शक हुआ तो वह आगे बढ़ी। इस पर कार सवार युवक भाग कर नींबू की बाग में छिपने की कोशिश करने लगा। कोखराज व कड़ा की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की तो नलकूप में छिपे बदमाश ने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया। कड़ा कोतवाली के सिपाही अभय यादव व बलवीर यादव आगे बढ़े और इंस्पेक्टर कोखराज ने जवाबी फायरिंग की। इस पर बदमाश के पैर में गोली लगी और वह पकड़ा गया।
कैश वै़न लूटने की साजिश में सिक् योर वैली कंपनी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल था। कार सवार आधा दर्जन बदमाश प्रयागराज से ही वैन का पीछा कर रहे थे। बदमाश सिर्फ सूनसान रास्ता मिलने का इंतजार कर रहे थे। ननसेनी के समीप उन्होंने घेराबंदी की लेकिन सफल नहीं हो सके।
पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो पकड़े गए बदमाश ने बताया है कि सिक्योर कंपनी में प्रयागराज के राजरूपपुर में रहने वाला व्यक्ति पहले गार्ड का काम करता था। इन दिनों उसने नौकरी छोड़ दिया है। गार्ड को कैशवैन में होने वाले पैसों व रास्ते के बारे में जानकारी थी। उसी ने लूटने का प्लान बनाया। सोमवार को प्रयागराज से ही कैश वैैन का पीछा किया जा रहा था। कार में आधा दर्जन बदमाश सवार थे। हाईवे में भीड़ होने के कारण घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका। ननसेनी से दारानगर की तरफ जाने वाला रास्ता सुनसान रहता है। इस पर जैसे ही कैश वैन ननसेनी से घूमी तो उसे रोकने के लिए बम फेंका गया। चालक ने गाड़ी नहीं रोका तो गोली चलाकर टायर पंचर किया गया। इसके बाद भी चालक ने गाड़ी नहीं खड़ी किया तो सभी लोग वापस हाईवे पर आ गए। तीन लोग टैक्सी पकड़ कर भाग निकले। जबकि तीन लोग ढाबे पर थे। पुलिस की गाड़ी देख दो लोग भाग निकले। पकड़ा गया बलवंत कुशवाहा भी पुलिस पर फायर करके भाग जाता लेकिन पैर में गोली लगने के कारण पकड़ा गया। सैनी कोतवाली के अलावा एसओजी की टीम भी फरार बदमाशों की धर पकड़ के लिए लगाई गई है।
जिले के बैंक, एटीएम व कैश वैन में भरे रुपयों पर बदमाशों की निगाह है। दो साल के भीतर पांच वारदातों को अंजाम दिया गया है। हैरानी की बात तो पुलिस ने अब तक जितने भी मामलों का खुलासा किया, उसमें बाहरी गैंग का ही हाथ मिला। कौशाम्बी को बाहर गैंग वारदातों को अंजाम देने के लिए सॉफ्ट कार्नर लग रहा है।
सोमवार की सुबह ननसेनी गांव के समीप कैश वैन लूटने की पहली घटना नहीं है। गनीमत रही कि वैन चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और 45 लाख रुपया लुटने से बच गया। जिले में हुई घटनाओं पर नजर डाले तो लंबी फेहरिस्त सामने आती है। चार अक्तूबर 2018 को सैनी कोतवाली के डोरमा स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को चार बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने स्टाफ को तमंचा सटाकर अंदर रखा 10 लाख लूट लिया। पुलिस ने फतेहपुर जिले के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। छह अप्रैल 2019 को भारतीय स्टेट बैंक की शाखा सिराथू के कैश काउंटर से बदमाश तीन लाख रुपया निकाल ले गए। पुलिस ने मध्य प्रदेश के युवकों को चोरी में गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। 27 अक्तूबर को सैनी कोतवाली के गुलामीपुर स्थित बॉब के एटीएम को ही बदमाश उखाड़ ले गए। मशीन में 11 लाख रुपया था। राजस्थान में पकड़े गए एक गैंग ने कौशाम्बी में एटीएम लूटने की घटना का स्वीकार किया। छह नवंबर को सैनीर चौराहे के समीप स्थित एसबीआई के एटीएम में नकब लगाई गई लेकिन बदमाश पैसा चुराने में कामयाब नहीं हो सके।
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चालक अनीस की सूझबूझ के चलते ही लुटने से बचे 45 लाख
अजुहा। 45 लाख की लूटपाट बचाने वाले कैश वैन के चालक की जांबाजी पुलिस कर्मियों के अलावा जिले के लोगों की जुंबा पर रहे। घटना के वक्त चालक अनीस पाल भी डर जाता तो कैश लूटे जाने से कोई रोक नहीं सकता था। वैन में दो सुरक्षा गार्ड थे, लेकिन वे जवाबी फायरिंग नहीं कर सके।
कैशवैन की सुरक्षा के लिए सर्वदेव शुक्ल व शंकर लाल तैनात थे। दोनों के पास असलहे भी थे। जिस वक्त बदमाशों ने एकाएक वैैन पर बम से हमला किया तो धुंध छा गई। सुरक्षा कर्मियों को समझने का मौका तक नहीं लगा। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। बदमाशों ने इसके बाद टायर में गोली मारकर पंक्चर कर दिया। पंक्चर गाड़ी को भी अनीष ने नहीं रोका और जान की परवाह किए बगैर गाड़ी भगाते हुए कड़ा धाम कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने भी बिना समय गंवाए कांबिंग की तो एक बदमाश पकड़ा गया।
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कैश वैन लूट के प्रयास के बाद बेहतर पुलिस प्रबंधन से एक बदमाश पकड़ा जा सका। नेशनल हाईवे के अलावा आसपास के गांवों तक में बीट के सिपाही स्विफ्ट कार की खोजबीन करते पहुंच गए थे।
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कैश वैन चालक अनीष कुमार पाल ने लूट के बाबत कड़ा कोतवाली में खबर दी। उस वक्त इंस्पेक्टर अशोक कुमार क्षेेत्र के भानीपुर गांव में थे। इंस्पेक्टर ने घटना स्थल सैनी का होने के बाद भी बिना समय गवाएं एक टीम को कोतवाली से घटना स्थल के लिए रवाना किया। वह खुद भी एसपी अभिनंदन को सूचना देने के बाद हाईवे किनारे होटल व पेेट्रोल पंपों की चेकिंग करते हुए निकले। एसपी के निर्देश पर जिले की सीमा सील कर दी गई। जिले भर की पुलिस को सफेद रंग की स्विफ्ट कार चेक करने के लिए निर्देश दिया गया। कोखराज इंस्पेक्टर राकेश तिवारी भी अपनी टीम के साथ चेेकिंग करते हुए घटना स्थल की ओर आ रहे थे। इसी दौरान सैनी कोतवाली के टेढ़ीमोड़ स्थित दूधनाथ पाल ढाबा के समीप कार दिख गई। पुलिस को शक हुआ तो वह आगे बढ़ी। इस पर कार सवार युवक भाग कर नींबू की बाग में छिपने की कोशिश करने लगा। कोखराज व कड़ा की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की तो नलकूप में छिपे बदमाश ने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया। कड़ा कोतवाली के सिपाही अभय यादव व बलवीर यादव आगे बढ़े और इंस्पेक्टर कोखराज ने जवाबी फायरिंग की। इस पर बदमाश के पैर में गोली लगी और वह पकड़ा गया।
कैश वै़न लूटने की साजिश में सिक् योर वैली कंपनी का पूर्व कर्मचारी भी शामिल था। कार सवार आधा दर्जन बदमाश प्रयागराज से ही वैन का पीछा कर रहे थे। बदमाश सिर्फ सूनसान रास्ता मिलने का इंतजार कर रहे थे। ननसेनी के समीप उन्होंने घेराबंदी की लेकिन सफल नहीं हो सके।
पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो पकड़े गए बदमाश ने बताया है कि सिक्योर कंपनी में प्रयागराज के राजरूपपुर में रहने वाला व्यक्ति पहले गार्ड का काम करता था। इन दिनों उसने नौकरी छोड़ दिया है। गार्ड को कैशवैन में होने वाले पैसों व रास्ते के बारे में जानकारी थी। उसी ने लूटने का प्लान बनाया। सोमवार को प्रयागराज से ही कैश वैैन का पीछा किया जा रहा था। कार में आधा दर्जन बदमाश सवार थे। हाईवे में भीड़ होने के कारण घटना को अंजाम नहीं दिया जा सका। ननसेनी से दारानगर की तरफ जाने वाला रास्ता सुनसान रहता है। इस पर जैसे ही कैश वैन ननसेनी से घूमी तो उसे रोकने के लिए बम फेंका गया। चालक ने गाड़ी नहीं रोका तो गोली चलाकर टायर पंचर किया गया। इसके बाद भी चालक ने गाड़ी नहीं खड़ी किया तो सभी लोग वापस हाईवे पर आ गए। तीन लोग टैक्सी पकड़ कर भाग निकले। जबकि तीन लोग ढाबे पर थे। पुलिस की गाड़ी देख दो लोग भाग निकले। पकड़ा गया बलवंत कुशवाहा भी पुलिस पर फायर करके भाग जाता लेकिन पैर में गोली लगने के कारण पकड़ा गया। सैनी कोतवाली के अलावा एसओजी की टीम भी फरार बदमाशों की धर पकड़ के लिए लगाई गई है।
जिले के बैंक, एटीएम व कैश वैन में भरे रुपयों पर बदमाशों की निगाह है। दो साल के भीतर पांच वारदातों को अंजाम दिया गया है। हैरानी की बात तो पुलिस ने अब तक जितने भी मामलों का खुलासा किया, उसमें बाहरी गैंग का ही हाथ मिला। कौशाम्बी को बाहर गैंग वारदातों को अंजाम देने के लिए सॉफ्ट कार्नर लग रहा है।
सोमवार की सुबह ननसेनी गांव के समीप कैश वैन लूटने की पहली घटना नहीं है। गनीमत रही कि वैन चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और 45 लाख रुपया लुटने से बच गया। जिले में हुई घटनाओं पर नजर डाले तो लंबी फेहरिस्त सामने आती है। चार अक्तूबर 2018 को सैनी कोतवाली के डोरमा स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक को चार बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने स्टाफ को तमंचा सटाकर अंदर रखा 10 लाख लूट लिया। पुलिस ने फतेहपुर जिले के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। छह अप्रैल 2019 को भारतीय स्टेट बैंक की शाखा सिराथू के कैश काउंटर से बदमाश तीन लाख रुपया निकाल ले गए। पुलिस ने मध्य प्रदेश के युवकों को चोरी में गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। 27 अक्तूबर को सैनी कोतवाली के गुलामीपुर स्थित बॉब के एटीएम को ही बदमाश उखाड़ ले गए। मशीन में 11 लाख रुपया था। राजस्थान में पकड़े गए एक गैंग ने कौशाम्बी में एटीएम लूटने की घटना का स्वीकार किया। छह नवंबर को सैनीर चौराहे के समीप स्थित एसबीआई के एटीएम में नकब लगाई गई लेकिन बदमाश पैसा चुराने में कामयाब नहीं हो सके।

attempt of cash van loot in kaushambi- फोटो : KAUSHAMBI

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