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एटीएम कैशलेस, परेशान हैं ग्राहक
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:43 PM IST
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बागेश्वर में खाली पड़ा एटीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के साल भर बाद एक बार फिर नगदी का संकट खड़ा हो गया है। एटीएम बूथों का खजाना खाली होने के साथ ही बैंकों से पर्याप्त नगदी नहीं मिलने के कारण ग्राहक परेशान हैं। दूसरी तरफ बैंक अफसर इसे कैशलेस ट्रांजक्शन को बढ़ावा देने की सरकारी कोशिशों का हिस्सा मान रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ दिसंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद तकरीबन चार महीने तक पूरे देश में नगदी का संकट बना रहा। एटीएम अथवा बैंकों से लोगों को नगदी नहीं मिल रही थी। सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद मामूली धन मिलने पर उपभोक्ता हलाकान थे। वक्त गुजरने के साथ ही स्थितियां सामान्य हो गई थीं। पर, इधर बीच दिसंबर की शुरूआत से ही एक बार फिर जिले में नगदी का संकट खड़ा हो गया है। जिले में विभिन्न बैंकों की ओर से संचालित 73 एटीएम में से अधिकतर बूथों का खजाना खाली है।
एसबीआई के 22 बूथों में तो हफ्ते भर से ताला ही नहीं खुला। हजारों उपभोक्ता सुबह से शाम तक बूथों में ताला देख मायूस लौटने को मजबूर हैं। बैंक पहुंचने पर भी वही समस्या है। पखवारे भर से बैंक की अधिकतर शाखाओं में पर्याप्त नगदी नहीं मिल रही है। बड़ी रकम की निकासी के लिए बैंक अफसर साफ मना कर दे रहे हैं। उपभोक्ताओं पर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जा रहा है। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक का कहना है कि आरबीआई से ही नगदी कम मिली है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। उन्होंने हफ्ते भर के भीतर समस्या खत्म होने की उम्मीद जाहिर की है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ दिसंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद तकरीबन चार महीने तक पूरे देश में नगदी का संकट बना रहा। एटीएम अथवा बैंकों से लोगों को नगदी नहीं मिल रही थी। सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद मामूली धन मिलने पर उपभोक्ता हलाकान थे। वक्त गुजरने के साथ ही स्थितियां सामान्य हो गई थीं। पर, इधर बीच दिसंबर की शुरूआत से ही एक बार फिर जिले में नगदी का संकट खड़ा हो गया है। जिले में विभिन्न बैंकों की ओर से संचालित 73 एटीएम में से अधिकतर बूथों का खजाना खाली है।
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एसबीआई के 22 बूथों में तो हफ्ते भर से ताला ही नहीं खुला। हजारों उपभोक्ता सुबह से शाम तक बूथों में ताला देख मायूस लौटने को मजबूर हैं। बैंक पहुंचने पर भी वही समस्या है। पखवारे भर से बैंक की अधिकतर शाखाओं में पर्याप्त नगदी नहीं मिल रही है। बड़ी रकम की निकासी के लिए बैंक अफसर साफ मना कर दे रहे हैं। उपभोक्ताओं पर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जा रहा है। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक का कहना है कि आरबीआई से ही नगदी कम मिली है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। उन्होंने हफ्ते भर के भीतर समस्या खत्म होने की उम्मीद जाहिर की है।
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