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गंगा के संदीपन घाट पर किसानों का अस्थि कलश विसर्जित
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Ashes of farmers immersed at Sandipan Ghat of Ganga
- फोटो : KAUSHAMBI
जिला पंचायत परिसर में मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने बैठक की। जिसमें आंदोलन के दौरान मृत किसानों के अस्थि कलश पर पुष्प अर्पित किए गए। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पदमुक्त किए जाने की मांग की गई। साथ ही लखीमपुर खीरी में मृत किसानों की अस्थियों को गंगा के संदीपन घाट पर विसर्जित किया गया।
यूनियन के जिलाध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को मृत किसानों का अस्थि कलश जिले में लाया गया है। अस्थि कलश पर जिला पंचायत में किसानों ने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद किसान अस्थि कलश लेकर जिला पंच
ायत से कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि तीनों कृषि कानूनों को समाप्त किया जाए। किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर कानूनी दर्जा दिया जाए।
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देश में बढ़ रही महंगाई पर काबू करने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके बाद किसान अस्थि कलश लेकर संदीपन घाट पहुंचे।
जहां अस्थि कलश को विसर्जित कर दिया गया। इस दौरान विजय त्रिपाठी, राम अभिलाष, रणवीर सिंह, देवराज तिवारी, सिद्धशरण गुप्ता, भइयालाल धुरिया, प्रेमनारायण मौर्य, गनेश प्रसाद, अलोपी, ननकू लाल, मो. अहमद, श्याम लाल, गजराज आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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यूनियन के जिलाध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को मृत किसानों का अस्थि कलश जिले में लाया गया है। अस्थि कलश पर जिला पंचायत में किसानों ने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद किसान अस्थि कलश लेकर जिला पंच
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ायत से कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि तीनों कृषि कानूनों को समाप्त किया जाए। किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर कानूनी दर्जा दिया जाए।
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देश में बढ़ रही महंगाई पर काबू करने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके बाद किसान अस्थि कलश लेकर संदीपन घाट पहुंचे।
जहां अस्थि कलश को विसर्जित कर दिया गया। इस दौरान विजय त्रिपाठी, राम अभिलाष, रणवीर सिंह, देवराज तिवारी, सिद्धशरण गुप्ता, भइयालाल धुरिया, प्रेमनारायण मौर्य, गनेश प्रसाद, अलोपी, ननकू लाल, मो. अहमद, श्याम लाल, गजराज आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।