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अपात्रों को पेंशन पर भड़के ग्रामीण
ब्यूरो/ अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Fri, 12 Dec 2014 12:23 AM IST
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मंझनपुर। समाजवादी पेंशन की सूची में अपात्रों का नाम देखकर उखैयाखास के गरीबों में आक्रोश है। गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सूची से धनाढ्यों का नाम हटाकर गरीबों को पेंशन दिलवाने की मांग की। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को सूची का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के उखैयाखास गांव की रहने वाली सुमन देवी, सीमा देवी, खलिबुन निशा, सायरा, सलमा, सीता देवी, दयावती, संगीता देवी, रूचि देवी, शबीना, कलावती, कुसुम देवी, तेजिया, कलावती, निशा देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन है। मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाती है।
बताया कि उन्हें पहले महामाया पेंशन मिलती थी। पर, करीब दो साल से पेंशन मिलनी बंद है। इधर, समाजवादी पेंशन के चयन को हुई बैठक में उन लोगों का नाम शामिल किया गया था, लेकिन पेंशन की सूची से उनके नाम गायब है। उनके बदले गांव की उन महिलाओं के नाम सूची में दर्ज कर लिए गए हैं। जिनके पास पक्का मकान, खेत आदि अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
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अपात्रों का नाम पेंशन की सूची में देखकर गांव की गरीब महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने आकर प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गरीबों को पेंशन दिलाने की मांग की। डीएम ने खंड विकास अधिकारी को सूची का सत्यापन कराने और अपात्रों का नाम काटकर गरीबों का नाम सूची में शामिल कराने का निर्देश दिया है।
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मंझनपुर ब्लाक क्षेत्र के उखैयाखास गांव की रहने वाली सुमन देवी, सीमा देवी, खलिबुन निशा, सायरा, सलमा, सीता देवी, दयावती, संगीता देवी, रूचि देवी, शबीना, कलावती, कुसुम देवी, तेजिया, कलावती, निशा देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन है। मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाती है।
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बताया कि उन्हें पहले महामाया पेंशन मिलती थी। पर, करीब दो साल से पेंशन मिलनी बंद है। इधर, समाजवादी पेंशन के चयन को हुई बैठक में उन लोगों का नाम शामिल किया गया था, लेकिन पेंशन की सूची से उनके नाम गायब है। उनके बदले गांव की उन महिलाओं के नाम सूची में दर्ज कर लिए गए हैं। जिनके पास पक्का मकान, खेत आदि अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
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अपात्रों का नाम पेंशन की सूची में देखकर गांव की गरीब महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। बृहस्पतिवार को महिलाओं ने आकर प्रधान, ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ कलेक्ट्रेट में हुंकार भरी। महिलाओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गरीबों को पेंशन दिलाने की मांग की। डीएम ने खंड विकास अधिकारी को सूची का सत्यापन कराने और अपात्रों का नाम काटकर गरीबों का नाम सूची में शामिल कराने का निर्देश दिया है।