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कोटेदार की मनमानी से ग्रामीणों में गुस्सा
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:22 PM IST
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खाद्यान्न और मिट्टी का तेल नहीं मिलने से परेशान धाना गांव के लोगों ने कोटेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से शिकायत की। बीडीओ ने आपूर्ति निरीक्षक को जांच का निर्देश दिया है। कौशाम्बी ब्लाक के धाना गांव निवासी सोमदत्त द्विेदी, राम प्रकाश त्रिपाठी, परान लाल, रमेशचंद्र, शिवनरेश आदि ने बताया कि उनके गांव का कोटेदार खाद्यान्न और मिट्टी का तेल वितरण में मनमानी पर उतारू है। लोगों की मानें तो दूसरे-तीसरे महीने खाद्यान्न का वितरण किया जाता है।
आरोप है कि दो महीने से जहां मिट्टी का तेल ग्रामीणों को दिया ही नहीं गया है। वहीं दिसम्बर महीने में खाद्यान्न भी नहीं बांटा गया। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि गरीबों को सस्तेदर में देने के लिए आने वाला गेंहू, चावल और मिट्टी का तेल कोटेदार बाजारों में बेच लेता है। वितरण के लिए कहने पर उठान नहीं होना बताकर लोगों को टरका दिया जाता है। जबकि ग्रामीणों की मानें तो उनके गांव में एपीएल, बीपीएल और अन्त्योदय कार्डधारकों को वितरण के लिए प्रति महीने गोदाम से कोटेदार को 57 कुंतल गेंहू और 72 कुंतल चावल का उठान किया जाता है। खाद्यान्न और मिट्टी का तेल नहीं पाने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से की। साथ ही कोटेदार की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है। खंड विकास अधिकारी ने आपूर्ति निरीक्षक को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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आरोप है कि दो महीने से जहां मिट्टी का तेल ग्रामीणों को दिया ही नहीं गया है। वहीं दिसम्बर महीने में खाद्यान्न भी नहीं बांटा गया। इससे ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि गरीबों को सस्तेदर में देने के लिए आने वाला गेंहू, चावल और मिट्टी का तेल कोटेदार बाजारों में बेच लेता है। वितरण के लिए कहने पर उठान नहीं होना बताकर लोगों को टरका दिया जाता है। जबकि ग्रामीणों की मानें तो उनके गांव में एपीएल, बीपीएल और अन्त्योदय कार्डधारकों को वितरण के लिए प्रति महीने गोदाम से कोटेदार को 57 कुंतल गेंहू और 72 कुंतल चावल का उठान किया जाता है। खाद्यान्न और मिट्टी का तेल नहीं पाने से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार को इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से की। साथ ही कोटेदार की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाए जाने पर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है। खंड विकास अधिकारी ने आपूर्ति निरीक्षक को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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