{"_id":"614a35838ebc3ecdff6c575c","slug":"angry-indian-farmers-union-created-a-ruckus-in-the-district-hospital-over-taking-treatment-kaushambi-news-ald3163778143","type":"story","status":"publish","title_hn":"रुपये लेकर इलाज करने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने जिला अस्पताल में किया हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रुपये लेकर इलाज करने से नाराज भारतीय किसान यूनियन ने जिला अस्पताल में किया हंगामा
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से जांच और ऑपरेशन के नाम पर रुपये लेने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला अस्पताल में हंगामा किया। कार्यकर्ता अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर धरने पर बैठ गए। हंगामें की सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर को कार्यकर्ताओं न ज्ञापन देकर बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाकियू से जुड़ा एक सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती था। उससे बाहर से खून की जांच कराने के नाम पर तीन सौ और अल्ट्रासाउंड के नाम पर आठ सौ रुपये लिए गए।
जानकारी होने पर भाकियू जिलाध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने संगठन का तमाम कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड के पास धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। किसानों के विरोध-प्रदर्शन की जानकारी पर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ, एसडीएम सदर राजेश श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर मनीष पांडेय मौके पर पहुंचे।
किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि अस्पताल में खुलेआम सौदेबाजी की जा रही है। बिना पैसे के कोई ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा सरकारी व निजी अस्पताल के कुछ बिचौलिए सक्रिय हैं, जो अस्पताल में चिकित्सकों से डॉक्टरों से सेटिंग कराते हैं।
विज्ञापन
एसडीएम ने समस्या सुनने के बाद जल्द ही मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान शांताराम, बच्चालाल, सूर्यभान, बिंदेश्वरी, गणेश, छोटेलाल, अलोपी, सिद्धशरण गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
अफसरों के सामने मरीजों ने लगाया आरोप
पिपरी कोतवाली के बदलेपुर निवाली त्रिभुवन भाकियू कार्यकर्ता हैं। त्रिभुवन को चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। बताया था गया कि आठ हजार रुपये लगेंगे। इसी बात की जानकारी होने पर कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा किया।करारी कोतवाली के रक्सवारा गांव की नूरजहां की बहू सलमा (25) पत्नी इरशाद को सात महीने का गर्भ था।
वह मंगलवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आईं थी। यहां टोकन के नाम पर उनसे दो सौ रुपये मांगे गए। पैसा देने से मना करने पर उसे बाहर निजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेज दिया गया है। सरायअकिल के तरना गांव के रमेश व उसके पिता मुंशीलाल को मारपीट के मामले में भर्ती कराया गया था। यहां मेडिकल में चोट ज्यादा दिखाने के नाम पर चार हजार रुपये ज्यादा लिए गए। इसके बाद दवाओं आदि के खर्च के नाम पर नौ हजार रुपये वसूले गए।
शक के दायरे में आया अस्पताल का संविदा स्टॉफ
जांच के दौरान पता चला कि मरीजों का शोषण करने के मामले में इमरजेंसी के तीन व ब्लॅड बैंक का एक स्टॉफ शामिल है। इसके अलावा तीन-चार लोग निजी अस्पताल के पीआरओ हैं। जो सिर्फ मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर मोटा कमीशन वसूला करते हैं।
विज्ञापन
भाकियू से जुड़ा एक सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती था। उससे बाहर से खून की जांच कराने के नाम पर तीन सौ और अल्ट्रासाउंड के नाम पर आठ सौ रुपये लिए गए।
जानकारी होने पर भाकियू जिलाध्यक्ष नूरूल इस्लाम ने संगठन का तमाम कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड के पास धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। किसानों के विरोध-प्रदर्शन की जानकारी पर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ, एसडीएम सदर राजेश श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर मनीष पांडेय मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि अस्पताल में खुलेआम सौदेबाजी की जा रही है। बिना पैसे के कोई ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा सरकारी व निजी अस्पताल के कुछ बिचौलिए सक्रिय हैं, जो अस्पताल में चिकित्सकों से डॉक्टरों से सेटिंग कराते हैं।
विज्ञापन
एसडीएम ने समस्या सुनने के बाद जल्द ही मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान शांताराम, बच्चालाल, सूर्यभान, बिंदेश्वरी, गणेश, छोटेलाल, अलोपी, सिद्धशरण गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
अफसरों के सामने मरीजों ने लगाया आरोप
पिपरी कोतवाली के बदलेपुर निवाली त्रिभुवन भाकियू कार्यकर्ता हैं। त्रिभुवन को चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। बताया था गया कि आठ हजार रुपये लगेंगे। इसी बात की जानकारी होने पर कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंच कर हंगामा किया।करारी कोतवाली के रक्सवारा गांव की नूरजहां की बहू सलमा (25) पत्नी इरशाद को सात महीने का गर्भ था।
वह मंगलवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने आईं थी। यहां टोकन के नाम पर उनसे दो सौ रुपये मांगे गए। पैसा देने से मना करने पर उसे बाहर निजी सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भेज दिया गया है। सरायअकिल के तरना गांव के रमेश व उसके पिता मुंशीलाल को मारपीट के मामले में भर्ती कराया गया था। यहां मेडिकल में चोट ज्यादा दिखाने के नाम पर चार हजार रुपये ज्यादा लिए गए। इसके बाद दवाओं आदि के खर्च के नाम पर नौ हजार रुपये वसूले गए।
शक के दायरे में आया अस्पताल का संविदा स्टॉफ
जांच के दौरान पता चला कि मरीजों का शोषण करने के मामले में इमरजेंसी के तीन व ब्लॅड बैंक का एक स्टॉफ शामिल है। इसके अलावा तीन-चार लोग निजी अस्पताल के पीआरओ हैं। जो सिर्फ मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर मोटा कमीशन वसूला करते हैं।