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Kaushambi News: नौनिहालों के लिए शिक्षा का खजाना होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
Mon, 16 Sep 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 16 Sep 2024 02:16 AM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बच्चे आने के बाद खुद को बेहतर महसूस करें, इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को विकसित जा रहा है। केंद्र के एक कमरे के चारों कोनों को बच्चों की रुचि के अनुसार सजाया जाएगा। इसके लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। यह काम बेसिक शिक्षा विभाग को कराना है।
जिले के लेकोटेड 1193 आंगनबाड़ी केंद्र के एक-एक कमरे को 8110 रुपये की लागत से रोचक बनाया है। इसके लिए वहां तरह-तरह की खेल सामग्री, कला व खेल सामग्री आदि को रखा जाएगा। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 1193 केंद्र में एक कमरे को बेहतर बनाने के लिए धनराशि मिली है।
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आंगनबाड़ी केंद्र का ऐसा होगा स्वरूप
पहला कोना- सीखने पढ़ने के इस कोने में चित्रों पर आधारित पुस्तक, साधारण रंग-बिरंगे तकिये, स्लेट और पोस्ट इत्यादि लगाए जाएंगे। इसकी मदद से बच्चे अक्षर ज्ञान हासिल कर सकेंगे।
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दूसरा कोना-आर्ट के इस कोने में आर्ट्स शीट्स, पेंसिल कलर, कैंची, विकास ग्लेज पेपर, टूथ ब्रश, तौलिया, पौधों के गमले इत्यादि रखे जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चे कला की गतिविधियां सीखेंगे और दैनिक दिनचर्या में उन्हें किस तरह सुबह उठकर ब्रश करना है, साफ सुथरे कपड़े पहनने हैं, जैसी अच्छी आदतें सिखाई जाएंगी।
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तीसरा कोना- इस कोने में लकड़ी व प्लास्टिक के रंग-बिरंगे ब्लाॅक होंगे। इसमें हिंदी व अंग्रेजी के अक्षर और अंक ज्ञान की जानकारी बच्चों को हो सकेगी।
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चौथा कोना- प्रदर्शन के इस कोने में फल, फूल व सब्जियों के प्लास्टिक सेट रखे जाएंगे। बच्चे इसके माध्यम से फल, फूल व सब्जियों को पहचान सकेंगे। बच्चे प्रेरक कहानियों के आधार पर गुड्डे- गुड़िया के खेल के जरिए मनोरंजन के साथ ज्ञान ले सकेंगे।
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जिले के लेकोटेड 1193 आंगनबाड़ी केंद्र के एक-एक कमरे को 8110 रुपये की लागत से रोचक बनाया है। इसके लिए वहां तरह-तरह की खेल सामग्री, कला व खेल सामग्री आदि को रखा जाएगा। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि 1193 केंद्र में एक कमरे को बेहतर बनाने के लिए धनराशि मिली है।
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आंगनबाड़ी केंद्र का ऐसा होगा स्वरूप
पहला कोना- सीखने पढ़ने के इस कोने में चित्रों पर आधारित पुस्तक, साधारण रंग-बिरंगे तकिये, स्लेट और पोस्ट इत्यादि लगाए जाएंगे। इसकी मदद से बच्चे अक्षर ज्ञान हासिल कर सकेंगे।
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दूसरा कोना-आर्ट के इस कोने में आर्ट्स शीट्स, पेंसिल कलर, कैंची, विकास ग्लेज पेपर, टूथ ब्रश, तौलिया, पौधों के गमले इत्यादि रखे जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चे कला की गतिविधियां सीखेंगे और दैनिक दिनचर्या में उन्हें किस तरह सुबह उठकर ब्रश करना है, साफ सुथरे कपड़े पहनने हैं, जैसी अच्छी आदतें सिखाई जाएंगी।
तीसरा कोना- इस कोने में लकड़ी व प्लास्टिक के रंग-बिरंगे ब्लाॅक होंगे। इसमें हिंदी व अंग्रेजी के अक्षर और अंक ज्ञान की जानकारी बच्चों को हो सकेगी।
चौथा कोना- प्रदर्शन के इस कोने में फल, फूल व सब्जियों के प्लास्टिक सेट रखे जाएंगे। बच्चे इसके माध्यम से फल, फूल व सब्जियों को पहचान सकेंगे। बच्चे प्रेरक कहानियों के आधार पर गुड्डे- गुड़िया के खेल के जरिए मनोरंजन के साथ ज्ञान ले सकेंगे।