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जिला पंचायत की बैठक में हंगामे के बीच 14 कार्ययोजना पर मुहर
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Amidst the uproar in the district panchayat meeting, 14 action plans were sealed
- फोटो : KAUSHAMBI
जिला पंचायत की बैठक मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। आधे से अधिक सदस्य बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर निकल गए। सदस्यों का आरोप है कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा था। इतना ही नहीं उनके प्रस्ताव पर भी कोई चर्चा नहीं की जा रही थी। उधर, दूसरी तरफ जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने बैठक में 14 बिंदुओं की कार्ययोजना पास होने का दावा किया है।
जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में मंगलवार को मिनी सदन की बैठक बुलाई गई। दोपहर लगभग 12 बजे सदस्यों की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। पूरक योजना, जिला पंचायत के भवनों का किराया वृद्धि, पूर्व में हुए प्रस्ताव समेत अन्य मुद्दों को लेकर की चर्चा की गई। इस योजना के बारे में कुछ सदस्यों ने जानकारी मांगी। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने सदस्यों के बोलने पर रोक लगाई तो सदस्य नाराज हो गए।
सदस्य अजय सोनी समेत अन्य सदस्यों का आरोप है कि उनके अधिकार का हनन किया जा रहा है। इस पर अन्य सदस्य समर्थन कर हंगागा करने लगे। माहौल बिगड़ता देख अधिकारियों ने पुलिस बुला लिया। सदन के अंदर पुलिस आने के बाद 26 में 15 सदस्य बैठक का बहिष्कार कर बाह चले गए। सदस्य शेर मोहम्मद, यासिर मंजूर, सीमा देवी, नरेंद्र सरोज, अरसी जाफरी ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष व अपर मुख्य अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। बाद में सदन का बहिष्कार करने वाले सदस्यों को मनाने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष व एमए ने प्रयास किया।
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इसके बाद कुछ सदस्य मीटिंग में शामिल हुए। अध्यक्ष कल्पना सोनकर एवं अपर मुख्य अधिकारी वीरेंद्र बहादुर का दावा है कि सभी सदस्यों की अनुमति से 14 विंदुओ पर प्रस्ताव पास किया गया है। उसी के आधार पर विकास कार्य कराने की योजना बनाई जाएगी।
विधायक के प्रस्ताव का सदस्यों ने किया विरोध
सदन की बैठक में चायल विधायक पूजा पाल ने जिला पंचायत की ओर से सभी थानों में मह्िला शौचालय बनाने का प्रस्ताव रखा।विधायक के प्रस्ताव का अधकितर सदस्यों ने विरोध किया। सदस्यों ने सदन में कहा कि विधायक के पास पांच करोड़ का बजट होता है। उसी से शौचालय का निर्माण कराएं। जिला पंचायत के बजट से ग्रामीण क्षेत्रो का काम कराया जाएगा।
सदन की मर्यादा है कि बोलने सेेेेेपहले सदस्यों को अनुमति लेनी चाहिए। किसी सदस्य को बोलने के लिए मना नहीं किया गया है। उन्हें सदन के तौर -तरीका बताया जा रहा था। इसी से नाराज होकर कुछ सदस्य बाहर निकलेेेे थे। बाद में सदस्य शामिल हुए, उनकी मौजूदगी में ही प्रस्ताव पास हुआ है।
कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष
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जिला पंचायत के रत्नावली सभागार में मंगलवार को मिनी सदन की बैठक बुलाई गई। दोपहर लगभग 12 बजे सदस्यों की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। पूरक योजना, जिला पंचायत के भवनों का किराया वृद्धि, पूर्व में हुए प्रस्ताव समेत अन्य मुद्दों को लेकर की चर्चा की गई। इस योजना के बारे में कुछ सदस्यों ने जानकारी मांगी। आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने सदस्यों के बोलने पर रोक लगाई तो सदस्य नाराज हो गए।
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सदस्य अजय सोनी समेत अन्य सदस्यों का आरोप है कि उनके अधिकार का हनन किया जा रहा है। इस पर अन्य सदस्य समर्थन कर हंगागा करने लगे। माहौल बिगड़ता देख अधिकारियों ने पुलिस बुला लिया। सदन के अंदर पुलिस आने के बाद 26 में 15 सदस्य बैठक का बहिष्कार कर बाह चले गए। सदस्य शेर मोहम्मद, यासिर मंजूर, सीमा देवी, नरेंद्र सरोज, अरसी जाफरी ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष व अपर मुख्य अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। बाद में सदन का बहिष्कार करने वाले सदस्यों को मनाने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष व एमए ने प्रयास किया।
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इसके बाद कुछ सदस्य मीटिंग में शामिल हुए। अध्यक्ष कल्पना सोनकर एवं अपर मुख्य अधिकारी वीरेंद्र बहादुर का दावा है कि सभी सदस्यों की अनुमति से 14 विंदुओ पर प्रस्ताव पास किया गया है। उसी के आधार पर विकास कार्य कराने की योजना बनाई जाएगी।
विधायक के प्रस्ताव का सदस्यों ने किया विरोध
सदन की बैठक में चायल विधायक पूजा पाल ने जिला पंचायत की ओर से सभी थानों में मह्िला शौचालय बनाने का प्रस्ताव रखा।विधायक के प्रस्ताव का अधकितर सदस्यों ने विरोध किया। सदस्यों ने सदन में कहा कि विधायक के पास पांच करोड़ का बजट होता है। उसी से शौचालय का निर्माण कराएं। जिला पंचायत के बजट से ग्रामीण क्षेत्रो का काम कराया जाएगा।
सदन की मर्यादा है कि बोलने सेेेेेपहले सदस्यों को अनुमति लेनी चाहिए। किसी सदस्य को बोलने के लिए मना नहीं किया गया है। उन्हें सदन के तौर -तरीका बताया जा रहा था। इसी से नाराज होकर कुछ सदस्य बाहर निकलेेेे थे। बाद में सदस्य शामिल हुए, उनकी मौजूदगी में ही प्रस्ताव पास हुआ है।
कल्पना सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष