Kaushambi : निकाह के 115 दिन बाद युवती की मौत, दहेज हत्या का आरोप
चरवा कोतवाली के सैयद सरांवा गांव निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन रूबी परवीन (20) की शादी बीते 27 जून को मुस्लिम रीति रिवाज के साथ पुरखास गांव के अब्दुल करीम के साथ की थी। शादी में हैसियत के मुताबिक नगदी जेवरात और बाइक देकर बहिन को ससुराल विदा किया था।
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सरायअकिल के पुरखास गांव में रविवार शाम नवविवाहिता की मौत हो गई। मायके वालों ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। मृतका के भाई की तहरीर पर पति समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चरवा कोतवाली के सैयद सरांवा निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने अपनी बहिन रुबी परवीन (20) का निकाह 27 जून को पुरखास निवासी अब्दुल करीम के साथ किया था।
निकाह में दिए दहेज से रुबी के ससुराल वाले खुश नहीं थे। ससुराली पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। असमर्थता जाहिर करने पर पति अब्दुल करीम,ससुर इदरीस, सास कौसरी व देवर कदर आए दिन मारपीट कर उसे प्रताड़ित करते रहते थे। आरोप है कि रविवार शाम ससुरालियों ने दहेज के लिए रुबी की हत्या कर दी। जानकारी मिलने पर वह लोग रोते-बिलखते पुरखास गांव पहुंचे। वहां रुबी का शव चारपाई पर पड़ा था। उसके गले में रस्सी से कसने का काला स्याह निशान भी पड़ा था।
शव देख मायके वालों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर आई पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज घटना की छानबीन शुरू कर दी।भाई नूर मोहम्मद की तहरीर पर पुलिस ने पति,सास ससुर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर सरायअकिल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रुबी के मौत के एक घंटे बाद मायके वालों को मिली जानकारी
रूबी के भाई नूर मोहम्मद ने बताया कि उसके बहन की मौत शाम 5:30 बजे के आसपास ही हो गई थी, लेकिन ससुराल वालों ने उसे शाम 6:30 बजे घटना की जानकारी दी। क्योकि वह हत्या के बाद शव को गायब करना चाह रहे थे, लेकिन पुरखास के बगल में पठन पुरवा गांव में ब्याही बड़ी बहन गडाल को रूबी के मरने की जानकारी तुरंत ही मिल गई थी और वह रूबी के ससुराल पहुंच गई थी। बड़ी बहन के पहुंचने पर रूबी के ससुराल वाले अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके और मजबूरन उन्हें जानकारी देनी पड़ी।