कौशांबी : 17 घंटे बाद यमुना में उतराता मिला श्रमिक का शव, तैरकर यमुना पार करने की जिद में था डूबा
पप्पू अपने साथी गंगा व अवधेश के साथ तैर कर नदी पार करने की शर्त लगा बैठा था। दोपहर 12 तीनों लोग एक साथ नदी में उतरे। अवधेश व गंगा तो नदी पार कर गए, लेकिन बीच धारा में पप्पू समा गया।
विस्तार
डेढ़ावल स्थित यमुना घाट पर बुधवार को लहरों में समाए मजदूर का 17 घंटे बाद शव उतराता मिला। घाट पर मौजूद रही पत्नी व बच्चे शव देख बिलख पड़े। गोताखोरों ने शव बाहर निकाला। सदर कोतवाली क्षेत्र निजामपुर हंडिया गांव का पप्पू (40) टेवां स्थित ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। बुधवार को वह गांव के गणेशी के साथ चित्रकूट के समया माता देवस्थान जा रहा था। गणेशी को देवी के धाम में निशान चढ़ाना था। गणेशी सहित परिवार के अन्य सदस्य डेढ़ावल घाट से नाव में सवार होकर नदी के उस पार चित्रकूट के कटैया स्थित देवस्थान पहुंच गए। पप्पू अपने साथी गंगा व अवधेश के साथ तैर कर नदी पार करने की शर्त लगा बैठा था।
दोपहर 12 तीनों लोग एक साथ नदी में उतरे। अवधेश व गंगा तो नदी पार कर गए, लेकिन बीच धारा में पप्पू समा गया। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी अभिषेक सिंह व थानाध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में पप्पू की तलाश कराई, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात को भी खोजबीन जारी रही। घटना की जानकारी पर पहुंची पप्पू की पत्नी पुनिया, बेटे मुकेश, विकास व बेटी अंजला व अंजली के साथ घाट पर बैठी रही। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे पप्पू का शव नदी में उतराया तो परिजनों में कोहराम मच गया। पप्पू ही घर का इकलौता कमाने वाला था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।