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Kaushambi News: रंग-बिरंगी पतंगों का बाजार... खतरनाक डोर
Tue, 13 Jan 2026 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:34 AM IST
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मकर संक्रांति पर्व नजदीक आते ही बाजारों में पतंग और मांझे की दुकानों की रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी पतंगों से सजे बाजारों में बच्चों और युवाओं की चहलकदमी देखी जा सकती है। लेकिन इस उत्साह के बीच खतरनाक चाइनीज मांझा भी खूब बिक रहा है, जिस पर प्रतिबंध है।
करीब एक सप्ताह पहले सिराथू और कड़ा क्षेत्र में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों मामलों में तेज धार वाले मांझे से आंख और हाथ में गहरी चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
व्यापार मंडल कौशाम्बी के अध्यक्ष प्रवेश कुमार केसरवानी का कहना है कि हर साल चाइनीज मांझा के कारण घटनाएं होती हैं। फिर भी कुछ दुकानदार बेफिक्र होकर इसे बेचते हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों चाइनीज मांझा न बेचने की अपील की है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन भरवारी के अध्यक्ष नीरज बनारसी का कहना है कि चाइनीज मांझा पूरी तरह बंद होना चाहिए। वसंत पंचमी और मकर संक्रांति पर इसका प्रयोग बढ़ जाता है। अभिभावक भी देखें कि उनका बच्चा कहीं चाइनीज मांझे से तो पतंग तो नहीं उड़ा रहा है। संवाद
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हादसे के शिकार
1. कड़ा धाम क्षेत्र के फरीदगंज निवासी राहुल सोनी तीन जनवरी को घर से दारानगर स्थित अपनी दुकान जा रहे थे। अचानक मांझे की डोर उनकी आंख की पलक को चीरते हुए पार हो गई, जिससे वह घायल होकर बाइक सहित गिर पड़े।
2. चार जनवरी को सिराथू निवासी विकास गुप्ता बाइक से कहीं जा रहे थे। वह मलूकदास ओवर ब्रिज पर पहुंचे ही थे कि अचानक एक मांझे की डोर से उनके माथे पर गंभीर चोट आई। वह भी बाइक सहित सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
चाइनीज मांझे को लेकर अभी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसकी बिक्री और उपयोग दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। जहां भी चाइनीज मांझा बिकने की सूचना मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक
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करीब एक सप्ताह पहले सिराथू और कड़ा क्षेत्र में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों मामलों में तेज धार वाले मांझे से आंख और हाथ में गहरी चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
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व्यापार मंडल कौशाम्बी के अध्यक्ष प्रवेश कुमार केसरवानी का कहना है कि हर साल चाइनीज मांझा के कारण घटनाएं होती हैं। फिर भी कुछ दुकानदार बेफिक्र होकर इसे बेचते हैं। उन्होंने सभी व्यापारियों चाइनीज मांझा न बेचने की अपील की है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन भरवारी के अध्यक्ष नीरज बनारसी का कहना है कि चाइनीज मांझा पूरी तरह बंद होना चाहिए। वसंत पंचमी और मकर संक्रांति पर इसका प्रयोग बढ़ जाता है। अभिभावक भी देखें कि उनका बच्चा कहीं चाइनीज मांझे से तो पतंग तो नहीं उड़ा रहा है। संवाद
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हादसे के शिकार
1. कड़ा धाम क्षेत्र के फरीदगंज निवासी राहुल सोनी तीन जनवरी को घर से दारानगर स्थित अपनी दुकान जा रहे थे। अचानक मांझे की डोर उनकी आंख की पलक को चीरते हुए पार हो गई, जिससे वह घायल होकर बाइक सहित गिर पड़े।
2. चार जनवरी को सिराथू निवासी विकास गुप्ता बाइक से कहीं जा रहे थे। वह मलूकदास ओवर ब्रिज पर पहुंचे ही थे कि अचानक एक मांझे की डोर से उनके माथे पर गंभीर चोट आई। वह भी बाइक सहित सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
चाइनीज मांझे को लेकर अभी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। लेकिन यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसकी बिक्री और उपयोग दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। जहां भी चाइनीज मांझा बिकने की सूचना मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक