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मनोरोगी ने घर के भीतर खुद को गोली से उड़ाया
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पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के हटवा उपरहार गांव में रहने वाले एक मनोरोगी ने मंगलवार शाम घर के भीतर खुद को गोली से उड़ा लिया। कनपटी पर गोली लगते से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। हटवा उपरहार निवासी सबी अख्तर किसानी करके परिवार का खर्च चलाता है। उसके बेटे जबी अख्तर (45) की करीब तीन साल से मानसिक हालत खराब चल रही थी। परिजनों ने बताया कि प्रयागराज के निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इधर, लगभग पांच दिन से तबीयत कुछ ज्यादा बिगड़ गई थी। मनोरोगी पिता से खुद को गोली मरवाने के लिए कहा करता था। मंगलवार शाम भी वो परिजनों से ऐसी ही बेवजह की बातें कर रहा था।
परिवार वाले इफ्तार करने में व्यस्त हो गए तो मनोरोगी ने कमरा भीतर से बंद कर खुद की कनपटी पर तमंचे से गोली मार ली। देर शाम मां खाना देने गई तो काफी देर तक खटखटाने के बाद भी भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में परिवारीजन दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए। वहां मनोरोगी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आत्महत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा बरामद कर लिया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
पूरामुफ्ती कोतवाल ने बताया कि मनोरोगी की हरकतों से तंग आकर उसकी बीवी इन दिनों मायके में रहने लगी थी। मनोरोगी अक्सर बेटी को थप्पड़ जड़ देता था। बीवी को कुछ भी कहने लगता था। हालांकि पत्नी ससुराल भी आती रहती थी। मनोरोगी व्यक्ति अकेला अपने घर में रहता था। वह भाई के यहां खाना खाता था। कभी-कभार वहीं सो जाता था। खुदकुशी उसने अपने घर में की। उसके तीन भाई एक साथ और दो भाई एक साथ रहते हैं।
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अधेड़ की मानसिक हालत तीन साल से खराब चल रही थी। 312 बोर के तमंचे से उसने खुदकुशी की है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बारीकी से जांच की गई है। मामला खुदकुशी का ही है।
बलराम सिंह-इंस्पेक्टर, कोखराज
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परिवार वाले इफ्तार करने में व्यस्त हो गए तो मनोरोगी ने कमरा भीतर से बंद कर खुद की कनपटी पर तमंचे से गोली मार ली। देर शाम मां खाना देने गई तो काफी देर तक खटखटाने के बाद भी भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में परिवारीजन दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुए। वहां मनोरोगी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आत्महत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा बरामद कर लिया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।
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पूरामुफ्ती कोतवाल ने बताया कि मनोरोगी की हरकतों से तंग आकर उसकी बीवी इन दिनों मायके में रहने लगी थी। मनोरोगी अक्सर बेटी को थप्पड़ जड़ देता था। बीवी को कुछ भी कहने लगता था। हालांकि पत्नी ससुराल भी आती रहती थी। मनोरोगी व्यक्ति अकेला अपने घर में रहता था। वह भाई के यहां खाना खाता था। कभी-कभार वहीं सो जाता था। खुदकुशी उसने अपने घर में की। उसके तीन भाई एक साथ और दो भाई एक साथ रहते हैं।
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अधेड़ की मानसिक हालत तीन साल से खराब चल रही थी। 312 बोर के तमंचे से उसने खुदकुशी की है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बारीकी से जांच की गई है। मामला खुदकुशी का ही है।
बलराम सिंह-इंस्पेक्टर, कोखराज