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गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
Thu, 13 Jun 2019 12:44 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 13 Jun 2019 12:44 AM IST
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कड़ा के कुबरी घाट में दशहरा पर गंगा स्नान करते भक्त
- फोटो : kaushambi
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गंगा दशहरा पर बुधवार को जिले के विभिन्न नदी घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद कड़ा स्थित मां शीतला की दरबार में माथा टेकने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर लोगों ने दान-पुण्य कर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान गंगा घाटों पर बदइंतजामी के कारण श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। हिंदुओं में गंगा दशहरा का बहुत महत्व है। पुराणों के अनुसार इसी दिन मां गंगा का जन्म हुआ था। इसलिए गंगा में स्नान करना शुभ माना जाता है। गंगा दशहरा का काफी महात्म्य है। कहा जाता है कि गंगा दशहरा पर आस्था की डुबकी लगाने से मां गंगे पापों से मुक्त कर देती हैं। इन्हीं मान्यताओं को लेकर जिले के श्रद्धालु बुधवार को भोर से ही गंगा स्नान के लिए कड़ा के कुबरी, बाजार, कालेश्वर घाट, बदनपुर, असदपुर, शहजादपुर, पल्हाना, संदीपन, फतेहपुर आदि प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।
हर-हर गंगे के साथ श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाई। आसमान में हल्के बादल की वजह से ज्यादा कड़ी धूप नहीं थी। तेज धूप की आशंका में जो श्रद्धालु घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। वह भी अनुकूल मौसम देख कर गंगा स्नान के लिए जाते दिखाई दिए। गंगा स्नान का ये सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। स्नान के बाद भक्तों ने नजदीकी देवी-देवता के मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन करने के साथ ही दान-पुण्य भी किया।
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गंगा दशहरा पर मां शीतला की दरबार में बड़ा मेला लगता है। हर साल की तरह इस बार भी बुधवार को जिले के अलावा पड़ोसी जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मां की दरबार में माथा टेकने के लिए आए। पर, इस मर्तबा भक्तों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। मेले में चंद पुलिस कर्मियों के अलावा कहीं कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं रही। जबकि हर बार शीतला धाम के दशहरा मेला में प्रशासन की ओर से साफ-सफाई के साथ पेयजल के लिए टैंकर, चिकित्सकों की टीम आदि की व्यवस्था की जाती थी।
दशहरा पर बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए जाते हैं। हर बार प्रशासन की ओर से कड़ां के कुबरी, संदीपन, पल्हाना आदि प्रमुख घाटों पर बैरिकेटिंग की व्यवस्था कराई जाती थी। साथ ही गोताखारों का भी घाट पर इंतजाम रहता था। पर, इस मर्तबा ऐसा कुछ नहीं दिखा। नतीजतन संदीपन घाट में स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से एक युवक की मौत हो गई।
दशहरा के चलते गंगा घाट को जाने वाले हर रास्ते पर सुबह से लेकर दोपहर तक खासी भीड़ दिखी। भीड़ के चलते घाट के अलावा सिराथू और भरवारी कस्बा स्थित रेलवे फाटक के पास कई मर्तबा जाम लगा। उमसभरी भीषण गर्मी में लोग घंटे-घंटे भर जाम में फंसे रहे। कई बार हालात ऐसे बने कि लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा था।
गंगा दशहरा पर भक्तों, यात्रियों को शर्बत पिलाने का विशेष पुण्य मिलता है। इसी मान्यता को लेकर बुधवार को जिले के सभी प्रमुख कस्बों, बाजारों में लोगों ने स्टॉल लगाकर रास्ते से गुजरने वाले हर आने-जाने वाले को रोककर शर्बत पिलाते दिखे।
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ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है। हिंदुओं में गंगा दशहरा का बहुत महत्व है। पुराणों के अनुसार इसी दिन मां गंगा का जन्म हुआ था। इसलिए गंगा में स्नान करना शुभ माना जाता है। गंगा दशहरा का काफी महात्म्य है। कहा जाता है कि गंगा दशहरा पर आस्था की डुबकी लगाने से मां गंगे पापों से मुक्त कर देती हैं। इन्हीं मान्यताओं को लेकर जिले के श्रद्धालु बुधवार को भोर से ही गंगा स्नान के लिए कड़ा के कुबरी, बाजार, कालेश्वर घाट, बदनपुर, असदपुर, शहजादपुर, पल्हाना, संदीपन, फतेहपुर आदि प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई।
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हर-हर गंगे के साथ श्रद्धालुओं ने मां गंगा में डुबकी लगाई। आसमान में हल्के बादल की वजह से ज्यादा कड़ी धूप नहीं थी। तेज धूप की आशंका में जो श्रद्धालु घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए थे। वह भी अनुकूल मौसम देख कर गंगा स्नान के लिए जाते दिखाई दिए। गंगा स्नान का ये सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। स्नान के बाद भक्तों ने नजदीकी देवी-देवता के मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन करने के साथ ही दान-पुण्य भी किया।
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गंगा दशहरा पर मां शीतला की दरबार में बड़ा मेला लगता है। हर साल की तरह इस बार भी बुधवार को जिले के अलावा पड़ोसी जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मां की दरबार में माथा टेकने के लिए आए। पर, इस मर्तबा भक्तों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। मेले में चंद पुलिस कर्मियों के अलावा कहीं कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं रही। जबकि हर बार शीतला धाम के दशहरा मेला में प्रशासन की ओर से साफ-सफाई के साथ पेयजल के लिए टैंकर, चिकित्सकों की टीम आदि की व्यवस्था की जाती थी।
दशहरा पर बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए जाते हैं। हर बार प्रशासन की ओर से कड़ां के कुबरी, संदीपन, पल्हाना आदि प्रमुख घाटों पर बैरिकेटिंग की व्यवस्था कराई जाती थी। साथ ही गोताखारों का भी घाट पर इंतजाम रहता था। पर, इस मर्तबा ऐसा कुछ नहीं दिखा। नतीजतन संदीपन घाट में स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से एक युवक की मौत हो गई।
दशहरा के चलते गंगा घाट को जाने वाले हर रास्ते पर सुबह से लेकर दोपहर तक खासी भीड़ दिखी। भीड़ के चलते घाट के अलावा सिराथू और भरवारी कस्बा स्थित रेलवे फाटक के पास कई मर्तबा जाम लगा। उमसभरी भीषण गर्मी में लोग घंटे-घंटे भर जाम में फंसे रहे। कई बार हालात ऐसे बने कि लोगों का पैदल निकलना मुश्किल हो रहा था।
गंगा दशहरा पर भक्तों, यात्रियों को शर्बत पिलाने का विशेष पुण्य मिलता है। इसी मान्यता को लेकर बुधवार को जिले के सभी प्रमुख कस्बों, बाजारों में लोगों ने स्टॉल लगाकर रास्ते से गुजरने वाले हर आने-जाने वाले को रोककर शर्बत पिलाते दिखे।