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Kaushambi News: गोआश्रय स्थलों के लिए 8.70 करोड़ का बजट जारी, सालभर मिलेगा हरा चारा
Tue, 02 Jun 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:52 PM IST
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गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए वर्ष 2026-27 में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 8.70 करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ है। यह धनराशि जिले में संरक्षित 9,598 गोवंशों के पोषण पर खर्च की जाएगी।
वर्ष 2026-27 के लिए जिले के गोआश्रय स्थलों में हरे चारे के रूप में साइलेज उपलब्ध कराने के लिए 8 करोड़ 70 लाख 95 हजार 790 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार गर्मी और बरसात के मौसम में हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए पूरे वर्ष के लिए साइलेज की व्यवस्था की जा रही है। इससे गोवंशों को संतुलित और पौष्टिक आहार मिल सकेगा।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक एक गोवंश के लिए प्रतिदिन औसतन तीन किलोग्राम साइलेज की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर पूरे वर्ष की जरूरत का आकलन कर बजट निर्धारित किया गया है। जिले की तीनों तहसीलों मंझनपुर, सिराथू और चायल के गोआश्रय स्थलों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
शासन से प्राप्त बजट के माध्यम से गोआश्रय स्थलों में संरक्षित सभी गोवंशों के लिए वर्षभर पौष्टिक साइलेज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पशुओं के स्वास्थ्य और संरक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा किसी भी गोआश्रय स्थल में चारे की कमी नहीं होने दी जाएगी। - अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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वर्ष 2026-27 के लिए जिले के गोआश्रय स्थलों में हरे चारे के रूप में साइलेज उपलब्ध कराने के लिए 8 करोड़ 70 लाख 95 हजार 790 रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार गर्मी और बरसात के मौसम में हरे चारे की उपलब्धता प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए पूरे वर्ष के लिए साइलेज की व्यवस्था की जा रही है। इससे गोवंशों को संतुलित और पौष्टिक आहार मिल सकेगा।
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक एक गोवंश के लिए प्रतिदिन औसतन तीन किलोग्राम साइलेज की आवश्यकता होती है। इसी आधार पर पूरे वर्ष की जरूरत का आकलन कर बजट निर्धारित किया गया है। जिले की तीनों तहसीलों मंझनपुर, सिराथू और चायल के गोआश्रय स्थलों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
शासन से प्राप्त बजट के माध्यम से गोआश्रय स्थलों में संरक्षित सभी गोवंशों के लिए वर्षभर पौष्टिक साइलेज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पशुओं के स्वास्थ्य और संरक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा किसी भी गोआश्रय स्थल में चारे की कमी नहीं होने दी जाएगी। - अशोक कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी