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डेढ़ माह से भूखे लौट रहे हैं बच्चे
Kaushambi
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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चायल। नेवादा ब्लाक के प्राथमिक स्कूल पिपरी (मखऊपुर) में हेडमास्टर और प्रधान की मनमानी से बच्चों को स्कूल से भूखे लौटना पड़ रहा है। यहां चार अक्तूबर से एमडीएम बंद है। लोगों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत एबीएसए तक से की गई है। फिर भी मध्याह्न भोजन शुरू नहीं कराया जा सका है।
प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन परोसा जाना अनिवार्य है। जिले के तमाम स्कूलों में यह योजना मनमानी की भेंट चढ़ी हुई है। इसके कारण बच्चों को खाली पेट स्कूल से घर लौटना पड़ता है। नेवादा ब्लाक के ही प्राथमिक स्कूल पिपरी (मखऊपुर) में चार अक्तूबर से भोजन नहीं बनाया जा रहा है। गांववालों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत प्रधानाध्यापिका, प्रधान, एबीएसए और सीडीओ से भी की जा चुकी है। फिर भी स्कूल में एमडीएम बनाया जाना शुरू नहीं किया गया है। मामले में प्रधानाध्यापिका सीता देवी का कहना है कि मांगने पर भी प्रधान राशन आदि उपलब्ध नहीं करा रही हैं। वहीं प्रधान सुदामा देवी की मानें तो महीनों से उनके यहां कनवर्जन कास्ट नहीं भेजी जा रही है। ऐसे में वे कहां से स्कूल में एमडीएम का खर्च वहन करें। एबीएसए डॉ अविनाश का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द ही प्रयास करके प्राथमिक स्कूल में मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसा जाएगा।
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प्राथमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन परोसा जाना अनिवार्य है। जिले के तमाम स्कूलों में यह योजना मनमानी की भेंट चढ़ी हुई है। इसके कारण बच्चों को खाली पेट स्कूल से घर लौटना पड़ता है। नेवादा ब्लाक के ही प्राथमिक स्कूल पिपरी (मखऊपुर) में चार अक्तूबर से भोजन नहीं बनाया जा रहा है। गांववालों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत प्रधानाध्यापिका, प्रधान, एबीएसए और सीडीओ से भी की जा चुकी है। फिर भी स्कूल में एमडीएम बनाया जाना शुरू नहीं किया गया है। मामले में प्रधानाध्यापिका सीता देवी का कहना है कि मांगने पर भी प्रधान राशन आदि उपलब्ध नहीं करा रही हैं। वहीं प्रधान सुदामा देवी की मानें तो महीनों से उनके यहां कनवर्जन कास्ट नहीं भेजी जा रही है। ऐसे में वे कहां से स्कूल में एमडीएम का खर्च वहन करें। एबीएसए डॉ अविनाश का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द ही प्रयास करके प्राथमिक स्कूल में मध्याह्न भोजन बच्चों को परोसा जाएगा।
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