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इलाहाबाद के जाम में फंस 10 मरीज तोड़ चुके दम
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:40 AM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। इलाहाबाद में रोज लग रहा जाम दूसरे जिलों के लोगों के लिए आफत बन गया है। मुंडेरा मंडी से पहले लगने वाले जाम में फंसकर मरीजों की जान जा रही है। पिछले माह ही लगभग 10 मरीज जाम के कारण अस्पताल न पहुंच पाने के कारण रास्ते में दम तोड़ चुके हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस का भी कहना है कि रेफर किए गए मरीज जाम के कारण काल कवलित हो रहे हैं।
कौशाम्बी के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के सारे गंभीर रोगी इलाज के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय भेजे जाते हैं। यहां इलाज के बाद किसी की हालत नाजुक होने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया जाता है। लेकिन इलाहाबाद में रोज लग रहा जाम मरीजों के लिए मुसीबत बना हुआ है। अकेले अगस्त माह के आंकड़ों पर जाएं जिला अस्पताल में 16225 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें 45 मरीज 108 एंबुलेंस से इलाहाबाद के लिए रेफर किए गए। करीब सात फीसदी लोग समय से इलाज नहीं मिल पाने की वजह से मौत का शिकार हो गए। अस्पताल से जुड़े सूत्रों की माने तो एक अगस्त को पूरामुफ्ती के मीरापुर में दीवार गिरने से खलीकुन (60) पत्नी यूसुफ जख्मी हो गई थी। एंबुलेंस से उसे इलाज के लिए मूरतगंज पीएचसी लाया गया। यहां से उसे इलाहाबाद के लिए रेफर किया गया। जाम की वजह से खलीकुन अस्पताल पहुंचने के पहले ही चल बसी। इसी तरह 19 अगस्त को हीरालाल (26) पुत्र दयानिधि सड़क हादसे में जख्मी हो गया था। चायल सीएचसी से उसे कॉल्विन के लिए रेफर किया गया। जाम की वजह से एंबुलेंस वक्त पर अस्पताल नहीं पहुंची और हीरालाल की मौत हो गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि जिला अस्पताल में हर जगह से रेफर मरीज ही आते हैं। यहां पर प्राथमिक इलाज के बाद जिसकी हालत गंभीर होती है, उसे ही मजबूरी में इलाहाबाद रेफर किया जाता था। जाम की वजह से मरीजों की जान जा रही है। एंबुलेंस कर्मियों को कभी-कभी जाम खोलवाने के लिए डायल-100 से मदद मांगनी पड़ती है। जिले में गंभीर रोगियों को ले जाने के लिए दो एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस हैं। अक्सर गाड़ियां जाम में फंस जाने के कारण समय से वापस नहीं लौट पाती हैं, जिससे अन्य मरीजों को दिक्कत होती है। बता दें कि जिले में एएलएक्स को रोजाना कम से कम एक केस देना होता है। सरकारी एंबुलेंस के ईएमटी (इमेरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) सुमित कुमार का कहना है कि इलाहाबाद में जाम की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाहाबाद में जाम लगने की वजह से उस इलाके के मरीज अब जिला अस्पताल भेजे जाने लगे। इससे पहले चायल. मूरतगंज पीएचसी के रेफर मरीज इलाहाबाद सीधे भेज दिए जाते थे। लेकिन जाम के कारण अब वहां के मरीजों को भी जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
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कौशाम्बी के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों के सारे गंभीर रोगी इलाज के लिए संयुक्त जिला चिकित्सालय भेजे जाते हैं। यहां इलाज के बाद किसी की हालत नाजुक होने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया जाता है। लेकिन इलाहाबाद में रोज लग रहा जाम मरीजों के लिए मुसीबत बना हुआ है। अकेले अगस्त माह के आंकड़ों पर जाएं जिला अस्पताल में 16225 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें 45 मरीज 108 एंबुलेंस से इलाहाबाद के लिए रेफर किए गए। करीब सात फीसदी लोग समय से इलाज नहीं मिल पाने की वजह से मौत का शिकार हो गए। अस्पताल से जुड़े सूत्रों की माने तो एक अगस्त को पूरामुफ्ती के मीरापुर में दीवार गिरने से खलीकुन (60) पत्नी यूसुफ जख्मी हो गई थी। एंबुलेंस से उसे इलाज के लिए मूरतगंज पीएचसी लाया गया। यहां से उसे इलाहाबाद के लिए रेफर किया गया। जाम की वजह से खलीकुन अस्पताल पहुंचने के पहले ही चल बसी। इसी तरह 19 अगस्त को हीरालाल (26) पुत्र दयानिधि सड़क हादसे में जख्मी हो गया था। चायल सीएचसी से उसे कॉल्विन के लिए रेफर किया गया। जाम की वजह से एंबुलेंस वक्त पर अस्पताल नहीं पहुंची और हीरालाल की मौत हो गई।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि जिला अस्पताल में हर जगह से रेफर मरीज ही आते हैं। यहां पर प्राथमिक इलाज के बाद जिसकी हालत गंभीर होती है, उसे ही मजबूरी में इलाहाबाद रेफर किया जाता था। जाम की वजह से मरीजों की जान जा रही है। एंबुलेंस कर्मियों को कभी-कभी जाम खोलवाने के लिए डायल-100 से मदद मांगनी पड़ती है। जिले में गंभीर रोगियों को ले जाने के लिए दो एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस हैं। अक्सर गाड़ियां जाम में फंस जाने के कारण समय से वापस नहीं लौट पाती हैं, जिससे अन्य मरीजों को दिक्कत होती है। बता दें कि जिले में एएलएक्स को रोजाना कम से कम एक केस देना होता है। सरकारी एंबुलेंस के ईएमटी (इमेरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) सुमित कुमार का कहना है कि इलाहाबाद में जाम की वजह से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इलाहाबाद में जाम लगने की वजह से उस इलाके के मरीज अब जिला अस्पताल भेजे जाने लगे। इससे पहले चायल. मूरतगंज पीएचसी के रेफर मरीज इलाहाबाद सीधे भेज दिए जाते थे। लेकिन जाम के कारण अब वहां के मरीजों को भी जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
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