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गुंडों से हार गया परिवहन निगम
Updated Tue, 08 Aug 2017 01:12 AM IST
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गुंडों से हार गया परिवहन निगम
चालक को पीटकर तोड़ दिया पैर, अस्पताल में भर्ती
दहशत में कई अनुबंधित बसें हुईं खड़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
परिवहन निगम की बसों की रफ्तार गुंडों ने रोक दी है। प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों ने अनुबंधित बसों के चालकों से मारपीट शुरू कर दी है। तीन दिन पहले एक चालक को बेरहमी से पीटकर उसका पैर तोड़ दिया गया। इससे दहशत में आए चालकों ने बसें खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा कई अन्य रूटों की बसों को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इससे निगम को भारी नुकसान होने लगा है।
जिले में रोडवेज की 33 बसें चल रही हैं। सरायअकिल में पांच, इलाहाबाद वाया महेवाघाट रूट पर लगभग 12 बसें हैं। इसके अलावा अन्य रूटों पर बसें चल रही हैं। इनमें बांदा से इलाहाबाद, वाराणसी की भी बसें शामिल हैं। इससे यात्रियों को फायदा मिलने लगा था। वह निर्धारित समय पर रोडवेज बस की सेवा के लिए बस स्टाप पर पहुंच जाते थे। परिवहन निगम के तेजी दिखाने से प्राइवेट बस संचालकों को नुकसान होने लगा था। उन्हें सवारी नहीं मिल रही थी। कमाई पर असर पड़ा तो प्राइवेट बस संचालकों ने गुंडागर्दी का रास्ता अपनाना शुरू किया। संचालकों के गुंडों ने पहले तो निगम में अनुबंधित बसों के चालकों को धमकी दी लेकिन वह समय पर ही आवागमन करते रहे। इससे खफा लोगों ने शुक्रवार को महेवाघाट के समीप एक बस को रोक कर उसके चालक को बेरहमी से पीट दिया। चालक विजय को इतना मारा गया कि उसका पैर टूट गया। चालक की हालत गंभीर बनी है। इस घटना के बाद कई अन्य चालकों को धमकी दी गई। इसका असर यह रहा कि चालकों ने बसें ही खड़ी कर दी। इसकी जानकारी होते ही परिवहन निगम के अफसरों के होश उड़ गए। गुंडों की बदौलत सरकारी बस सेवा का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
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एआरएम ने सभी थानों को भेजा लेटर
प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों की मनमानी से परेशान लीडर रोड बस डिपो के एआरएम राम सागर पांडेय ने बताया कि तीन दिन पहले चालक को बेरहमी से पीटा गया। इससे कई चालकों ने बसें खड़ी कर दी हैं। अनुबंधित बसों का आवागमन प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि गुंडों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए जिले के सभी थानों को पत्र भेजा गया है। वह जल्द ही इस संबंध में डीएम और एसपी से वार्ता भी करेंगे।
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दस अनुबंधित बसों के संचालन की कार्रवाई लटकी
प्राइवेट बस संचालकों के गुंडागर्दी की वजह से दस अनुबंधित बसों के संचालन की कार्रवाई अधर में लटक गई है। एआरएम राम सागर पांडेय ने बताया कि अगस्त के आखिर तक दस नई अनुबंधित बसें, इलाहाबाद से कर्बी, चित्रकूट तक चलाने की तैयारी थी। इसकी कार्रवाई अंतिम दौर में चल रही थी। इसकी जानकारी होते ही प्राइवेट बस वालों ने गुंडों के जरिए निगम के चालकों को धमकी देना शुरू कर दिया। यही कारण है कि अब अनुबंध नहीं हो पा रहा है।
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परिवहन निगम के निशाने पर एआरटीओ
प्राइवेट बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम के अफसरों से एआरटीओ के बीच तनातनी बढ़ गई है। निगम के अफसरों का मानना है कि एआरटीओ दफ्तर से गहरी पैठ होने के कारण परिवहन निगम के रूट पर प्राइवेट बसें धड़ल्ले से चल रही हैं। जिला मुख्यालय में ही प्राइवेट बस संचालकों के गुर्गे निगम की बसों के चालक को धमकी देते हैं। जबरन उन्हें नीचे उतार लेते हैं। इस मामले में निगम ने एआरटीओ को ही निशाने पर ले रखा है। अधिकारियों का कहना है कि डीएम की बैठक में वह इस मामले को प्रमुखता से उठाएंगे।
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चालक को पीटकर तोड़ दिया पैर, अस्पताल में भर्ती
दहशत में कई अनुबंधित बसें हुईं खड़ीं
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
परिवहन निगम की बसों की रफ्तार गुंडों ने रोक दी है। प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों ने अनुबंधित बसों के चालकों से मारपीट शुरू कर दी है। तीन दिन पहले एक चालक को बेरहमी से पीटकर उसका पैर तोड़ दिया गया। इससे दहशत में आए चालकों ने बसें खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा कई अन्य रूटों की बसों को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इससे निगम को भारी नुकसान होने लगा है।
जिले में रोडवेज की 33 बसें चल रही हैं। सरायअकिल में पांच, इलाहाबाद वाया महेवाघाट रूट पर लगभग 12 बसें हैं। इसके अलावा अन्य रूटों पर बसें चल रही हैं। इनमें बांदा से इलाहाबाद, वाराणसी की भी बसें शामिल हैं। इससे यात्रियों को फायदा मिलने लगा था। वह निर्धारित समय पर रोडवेज बस की सेवा के लिए बस स्टाप पर पहुंच जाते थे। परिवहन निगम के तेजी दिखाने से प्राइवेट बस संचालकों को नुकसान होने लगा था। उन्हें सवारी नहीं मिल रही थी। कमाई पर असर पड़ा तो प्राइवेट बस संचालकों ने गुंडागर्दी का रास्ता अपनाना शुरू किया। संचालकों के गुंडों ने पहले तो निगम में अनुबंधित बसों के चालकों को धमकी दी लेकिन वह समय पर ही आवागमन करते रहे। इससे खफा लोगों ने शुक्रवार को महेवाघाट के समीप एक बस को रोक कर उसके चालक को बेरहमी से पीट दिया। चालक विजय को इतना मारा गया कि उसका पैर टूट गया। चालक की हालत गंभीर बनी है। इस घटना के बाद कई अन्य चालकों को धमकी दी गई। इसका असर यह रहा कि चालकों ने बसें ही खड़ी कर दी। इसकी जानकारी होते ही परिवहन निगम के अफसरों के होश उड़ गए। गुंडों की बदौलत सरकारी बस सेवा का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है।
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एआरएम ने सभी थानों को भेजा लेटर
प्राइवेट बस संचालकों के गुंडों की मनमानी से परेशान लीडर रोड बस डिपो के एआरएम राम सागर पांडेय ने बताया कि तीन दिन पहले चालक को बेरहमी से पीटा गया। इससे कई चालकों ने बसें खड़ी कर दी हैं। अनुबंधित बसों का आवागमन प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि गुंडों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए जिले के सभी थानों को पत्र भेजा गया है। वह जल्द ही इस संबंध में डीएम और एसपी से वार्ता भी करेंगे।
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दस अनुबंधित बसों के संचालन की कार्रवाई लटकी
प्राइवेट बस संचालकों के गुंडागर्दी की वजह से दस अनुबंधित बसों के संचालन की कार्रवाई अधर में लटक गई है। एआरएम राम सागर पांडेय ने बताया कि अगस्त के आखिर तक दस नई अनुबंधित बसें, इलाहाबाद से कर्बी, चित्रकूट तक चलाने की तैयारी थी। इसकी कार्रवाई अंतिम दौर में चल रही थी। इसकी जानकारी होते ही प्राइवेट बस वालों ने गुंडों के जरिए निगम के चालकों को धमकी देना शुरू कर दिया। यही कारण है कि अब अनुबंध नहीं हो पा रहा है।
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परिवहन निगम के निशाने पर एआरटीओ
प्राइवेट बसों के संचालन को लेकर परिवहन निगम के अफसरों से एआरटीओ के बीच तनातनी बढ़ गई है। निगम के अफसरों का मानना है कि एआरटीओ दफ्तर से गहरी पैठ होने के कारण परिवहन निगम के रूट पर प्राइवेट बसें धड़ल्ले से चल रही हैं। जिला मुख्यालय में ही प्राइवेट बस संचालकों के गुर्गे निगम की बसों के चालक को धमकी देते हैं। जबरन उन्हें नीचे उतार लेते हैं। इस मामले में निगम ने एआरटीओ को ही निशाने पर ले रखा है। अधिकारियों का कहना है कि डीएम की बैठक में वह इस मामले को प्रमुखता से उठाएंगे।