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दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए 6031 छात्र ही हकदार
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:56 AM IST
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जिले में दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं में लगभग 24 फीसदी ही योजना का लाभ पाने के लिए हकदार बचे हैं। संस्थाओं द्वारा संस्तुत किए गए 74 प्रतिशत छात्र-छात्राओं के नाम पर लखनऊ एनआईसी ने स्क्रूटनी व पीएमएफएस रिस्पांस के जरिए छटनी कर दिया है।
दशमोत्तर की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को आर्थिक दिक्कत नहीं उठाना पड़े, इसके लिए शासन द्वारा छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले की 275 शिक्षण संस्थाओं ने 22682 छात्र-छात्राओं का नाम अग्रसारित कर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया था। संस्थाओं द्वारा अपलोड नामों में एनआईसी लखनऊ ने स्क्रूटनी व पीएमएफएस रिस्पांस के बाद 16651 छात्र-छात्राओं के नामों की छटनी कर दिया है।
इसके बाद जिले के सभी वर्गों के 6031 छात्र-छात्राएं ही छात्रवृत्ति के लिए हकदार बन सके हैं। इन छात्रों के नामों को शासन की वेबसाइट पर डिजिटल सिग्नेचर से लॉक कर दिया गया है। पात्र पाए गए छात्र-छात्राओं के खाते में योजना की धनराशि शासन द्वारा भेज दी जाएगी। ऐसे मेें 16651 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई-लिखाई में अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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दशमोत्तर की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को आर्थिक दिक्कत नहीं उठाना पड़े, इसके लिए शासन द्वारा छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है। इस योजना का लाभ पाने के लिए जिले की 275 शिक्षण संस्थाओं ने 22682 छात्र-छात्राओं का नाम अग्रसारित कर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया था। संस्थाओं द्वारा अपलोड नामों में एनआईसी लखनऊ ने स्क्रूटनी व पीएमएफएस रिस्पांस के बाद 16651 छात्र-छात्राओं के नामों की छटनी कर दिया है।
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इसके बाद जिले के सभी वर्गों के 6031 छात्र-छात्राएं ही छात्रवृत्ति के लिए हकदार बन सके हैं। इन छात्रों के नामों को शासन की वेबसाइट पर डिजिटल सिग्नेचर से लॉक कर दिया गया है। पात्र पाए गए छात्र-छात्राओं के खाते में योजना की धनराशि शासन द्वारा भेज दी जाएगी। ऐसे मेें 16651 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई-लिखाई में अभिभावकों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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