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शव रखकर सड़क किया जाम
Updated Thu, 06 Sep 2018 12:34 AM IST
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पइंसा। क्षेत्र के बिबिनियापुर गांव में पांच दिन पहले दबंगों की पिटाई से घायल बुजुर्ग की मौत पर परिजनों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। आक्रोशित परिजन ग्रामीणों के साथ गांव के बाहर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
पइंसा कोतवाली क्षेत्र के बिबिनियापुर निवासी वृद्ध रामअवतार की भूमि विवाद में 30 अगस्त को पड़ोस के दबंगों ने पिटाई की थी। उसकी बेटी राजरानी और परिवार की ही गुड़िया देवी को भी पीटा गया था। सिर पर चोट लगने से घायल रामअवतार की सोमवार शाम एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव घर लाया गया। पुलिस ने मामले में पहले ही बिबिनियापुर गांव के ही संतराम, रोशन, केशन, सचिन व रतई आदि के खिलाफ पिटाई का मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। गुस्साए परिजन ग्रामीणों के साथ बुधवार सुबह शव लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आफिस जा रहे थे, लेकिन इसी बीच कोतवाली पुलिस पहुंच गई। नतीजतन गांव के बाहर ही सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम ज्योति मौर्या, सीओ सिराथू रामवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
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पइंसा कोतवाली क्षेत्र के बिबिनियापुर निवासी वृद्ध रामअवतार की भूमि विवाद में 30 अगस्त को पड़ोस के दबंगों ने पिटाई की थी। उसकी बेटी राजरानी और परिवार की ही गुड़िया देवी को भी पीटा गया था। सिर पर चोट लगने से घायल रामअवतार की सोमवार शाम एसआरएन अस्पताल इलाहाबाद में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को शव घर लाया गया। पुलिस ने मामले में पहले ही बिबिनियापुर गांव के ही संतराम, रोशन, केशन, सचिन व रतई आदि के खिलाफ पिटाई का मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। गुस्साए परिजन ग्रामीणों के साथ बुधवार सुबह शव लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) आफिस जा रहे थे, लेकिन इसी बीच कोतवाली पुलिस पहुंच गई। नतीजतन गांव के बाहर ही सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम ज्योति मौर्या, सीओ सिराथू रामवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। परिजन आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग पर अड़े थे। अफसरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
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