{"_id":"5ace0dd64f1c1b603e8b4a31","slug":"51523453398-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूरिस्टों के आकर्षक का केन्द्र बनेगी अलवारा झील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूरिस्टों के आकर्षक का केन्द्र बनेगी अलवारा झील
Updated Wed, 11 Apr 2018 06:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। दोआबा की ऐतिहासिक अलवारा झील का 27 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। धन मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। बोटिंग का भी इंतजाम होगा।
जिले में यमुना किनारे स्थित राजा उदयन का किला, पभोषा पहाड़, सिद्धपीठ मां शीतलाधाम, राजा जयचंद्र का किला, संत मलूकदास आश्रम व ख्वाजा कड़क शाह की मजार आदि स्थल हैं। इन्हीं में एक महेवाघाट क्षेत्र की अलवारा झील भी है। उपेक्षा के चलते यह तालाब का रूप ले चुकी है। झीेल का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। स्थानीय लोग ही इसके बारे में जानते हैं। पर्यटकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद प्रशासन झील के सुंदरीकरण को लेकर गंभीर हो गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सुंदरीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धन अवमुक्त हो जाएगा।
बताया कि झील को और गहरा कराया जाएगा। पानी की कमी न हो, इसके लिए झील को किशनपुर नहर से जोड़ा जाएगा। चारों तरफ घूमने के लिए कटस्टोन की पटरी बनवाई जाएगी। बोटिंग का भी इंतजाम होगा। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस चेक पोस्ट, पार्क, झूला, लाइटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। गर्मी में आने वाले विदेशी परिंदों को शिकारियों से बचाने के लिए वन और पुलिस की संयुक्त टीम तैयार की जाएगी। झील की जल्द ही पैमाइश कराई जाएगी। किसी ने कब्जा किया होगा तो उसे हटवाया जाएगा। विकास में किसी की भूमिधरी जमीन बाधा बनी तो उसका अधिग्रहण किया जाएगा। भू-स्वामी को अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा दिया जाएगा। डीएम के मुताबिक विकास में 27 करोड़ रुपये कम पड़े तो शासन को और धन की डिमांड भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में यमुना किनारे स्थित राजा उदयन का किला, पभोषा पहाड़, सिद्धपीठ मां शीतलाधाम, राजा जयचंद्र का किला, संत मलूकदास आश्रम व ख्वाजा कड़क शाह की मजार आदि स्थल हैं। इन्हीं में एक महेवाघाट क्षेत्र की अलवारा झील भी है। उपेक्षा के चलते यह तालाब का रूप ले चुकी है। झीेल का अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। स्थानीय लोग ही इसके बारे में जानते हैं। पर्यटकों को इसकी जानकारी ही नहीं है। सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद प्रशासन झील के सुंदरीकरण को लेकर गंभीर हो गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सुंदरीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही धन अवमुक्त हो जाएगा।
विज्ञापन
बताया कि झील को और गहरा कराया जाएगा। पानी की कमी न हो, इसके लिए झील को किशनपुर नहर से जोड़ा जाएगा। चारों तरफ घूमने के लिए कटस्टोन की पटरी बनवाई जाएगी। बोटिंग का भी इंतजाम होगा। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस चेक पोस्ट, पार्क, झूला, लाइटिंग आदि की व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। गर्मी में आने वाले विदेशी परिंदों को शिकारियों से बचाने के लिए वन और पुलिस की संयुक्त टीम तैयार की जाएगी। झील की जल्द ही पैमाइश कराई जाएगी। किसी ने कब्जा किया होगा तो उसे हटवाया जाएगा। विकास में किसी की भूमिधरी जमीन बाधा बनी तो उसका अधिग्रहण किया जाएगा। भू-स्वामी को अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा दिया जाएगा। डीएम के मुताबिक विकास में 27 करोड़ रुपये कम पड़े तो शासन को और धन की डिमांड भेजी जाएगी।
विज्ञापन