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राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में छात्रों ने जड़ा ताला
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:10 AM IST
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करारी (कौशाम्बी)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा के छात्रावास से सात विद्यार्थियों को निलंबित किए जाने से खफा छात्र मंगलवार को स्कूल के मेन गेट में ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। छात्र किसी अध्यापक को भी स्कूल में जाने नहीं दे रहे थे। धरना की जानकारी पर करीब पांच घंटे बाद मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी राकेश श्रीवास्तव व करारी थाना पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस ने चहारदीवारी फांदकर ताला तोड़ा और छात्रों से बात की। स्कूल के निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी मिलने पर एडीएम ने प्रिंसिपल को जमकर फटकारा।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा मे छह अगस्त और 13 अगस्त को छात्रों ने जमकर हंगामा किया था। खराब भोजन और बदहाल छात्रावास को लेकर हंगामा कर रहे छात्रों ने प्रिंसिपल रामसुख भारतीय और वरिष्ठ सहायक मुकेश कुमार को पीट दिया था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन की तरफ से हंगामे की अगुवाई कर रहे सात छात्रों के घरवालों को पत्र भेजकर उन्हें बुलाया गया। पत्र मिलने के बाद भी छात्रों के अभिभावक नहीं आए। इसे लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार राय ने 12 वीं के छात्र आकाश कुशवाहा, रामबाण यादव, नितिन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, शिवकुमार, देवराज और 11 वीं के छात्र सतीश कुमार को हॉस्टल से निलंबित कर दिया। साथियों के निलंबन से खफा करीब तीन सौ छात्र मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे कॉलेज के मेनगेट में तालाबंद कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को घुसने नहीं दिया। चटख धूप के बाद भी छात्र छात्र अपने आंदोलन से नहीं डिगे। कॉलेज प्रशासन ने गेट खुलवाने के लिए वार्ता की लेकिन वह नहीं माने। करीब दो बजे मौके पर एडीएम राकेश श्रीवास्तव, करारी कोतवाली के इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
एडीएम के समझाने के बाद भी छात्र गेट खोलने को राजी नहीं हुए। बाद में सिपाही दीवार फांदकर अंदर गए और ताला तोड़ा, इसके बाद एडीएम ने छात्रों से उनकी समस्या जानी। छात्रों ने एडीएम को शौचालय दिखाया तो वह भी दंग रह गए। सारे शौचालय गंदे और चोक मिले। परिसर में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा था। छात्रावास के कमरे में रखी छात्रों की अलमारी भी टूटी थी। इस पर एडीएम ने नाराजगी जाहिर की। विद्यालय के छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किये। छात्रों का कहना था कि मौसमी फल देने के नाम पर सुबह सिर्फ केला थमा दिया जाता है। दाल में पानी की मात्रा ज्यादा रहती है और सब्जी बेहद फीकी बनाई जाती है। चावल में कंकड़ मिलना आम बात है। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को लेकर एडीएम ने नाराजगी जाहिर की। एडीएम ने समाज कल्याण अधिकारी सुधीर राय से भी वार्ता की। उन्होने एक सप्ताह के अंदर में व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया है।
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राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय शेषा मे छह अगस्त और 13 अगस्त को छात्रों ने जमकर हंगामा किया था। खराब भोजन और बदहाल छात्रावास को लेकर हंगामा कर रहे छात्रों ने प्रिंसिपल रामसुख भारतीय और वरिष्ठ सहायक मुकेश कुमार को पीट दिया था। इस मामले में कॉलेज प्रशासन की तरफ से हंगामे की अगुवाई कर रहे सात छात्रों के घरवालों को पत्र भेजकर उन्हें बुलाया गया। पत्र मिलने के बाद भी छात्रों के अभिभावक नहीं आए। इसे लेकर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर कुमार राय ने 12 वीं के छात्र आकाश कुशवाहा, रामबाण यादव, नितिन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, शिवकुमार, देवराज और 11 वीं के छात्र सतीश कुमार को हॉस्टल से निलंबित कर दिया। साथियों के निलंबन से खफा करीब तीन सौ छात्र मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे कॉलेज के मेनगेट में तालाबंद कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को घुसने नहीं दिया। चटख धूप के बाद भी छात्र छात्र अपने आंदोलन से नहीं डिगे। कॉलेज प्रशासन ने गेट खुलवाने के लिए वार्ता की लेकिन वह नहीं माने। करीब दो बजे मौके पर एडीएम राकेश श्रीवास्तव, करारी कोतवाली के इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।
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एडीएम के समझाने के बाद भी छात्र गेट खोलने को राजी नहीं हुए। बाद में सिपाही दीवार फांदकर अंदर गए और ताला तोड़ा, इसके बाद एडीएम ने छात्रों से उनकी समस्या जानी। छात्रों ने एडीएम को शौचालय दिखाया तो वह भी दंग रह गए। सारे शौचालय गंदे और चोक मिले। परिसर में जगह-जगह गंदगी का ढेर लगा था। छात्रावास के कमरे में रखी छात्रों की अलमारी भी टूटी थी। इस पर एडीएम ने नाराजगी जाहिर की। विद्यालय के छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किये। छात्रों का कहना था कि मौसमी फल देने के नाम पर सुबह सिर्फ केला थमा दिया जाता है। दाल में पानी की मात्रा ज्यादा रहती है और सब्जी बेहद फीकी बनाई जाती है। चावल में कंकड़ मिलना आम बात है। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को लेकर एडीएम ने नाराजगी जाहिर की। एडीएम ने समाज कल्याण अधिकारी सुधीर राय से भी वार्ता की। उन्होने एक सप्ताह के अंदर में व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया है।
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