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संशोधित.... 21-35-41

Fri, 23 Jun 2017 01:22 AM IST
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:22 AM IST
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संशोधित.... 21-35-41
मंझनपुर। पिछले दिनों बिना अनुमति के सदर भाजपा विधायक लाल बहादुर का जेल निरीक्षण विवादों में घिरता जा रहा है। इस मामले में इनकी मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। निरीक्षण के दौरान विधायक की फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई। इस पूरे मामले में शासन और प्रशासन के लोग चुप्पी साधे बैठे हैं। इसको लेकर विपक्ष ने सदर विधायक को घेरना शुरू कर दिया। इसके पहले चायल विधायक ने भी जेल का निरीक्षण किया था।
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बीते 17 जून को सदर विधायक लाल बहादुर ने जेल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उनके साथ तमाम समर्थक जेल के भीतर चले गए थे। जेल के भीतर बैरक में बंदियों से पूछताछ भी की थी। इसके अलावा भोजन की गुणवत्ता जानने के लिए उन्होंने रसोई घर का भी निरीक्षण किया था। जेल अस्पताल का भी हाल जाना था। इस दौरान उनके समर्थकों ने मोबाइल से कई फोटो खींचकर वायरल कर दी थी। सोशल मीडिया पर फोटो छा गई तो टिप्पणी होने लगी। इस मामले में सदर विधायक के साथ जेलर आरके सिंह भी बुरी तरह से फंस गए हैं।
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जेल नियमों के जानकारों का कहना है कि विधायक व सांसद जेल का निरीक्षण नहीं कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें जिला मजिस्ट्रेट से परमिशन लेनी पड़ती है। परमिशन लेने के बाद वह एक नामित मजिस्ट्रेट के साथ ही जेल का निरीक्षण कर सकते हैं। सुविधाओं के संबंध में वह जेलर से उनके कार्यालय में मिल सकते हैं। सदर विधायक लाल बहादुर ने ऐसी कोई परमिशन जिला मजिस्ट्रेट से नहीं ली थी। वह औचक निरीक्षण करने वहां पहुंच गए थे।
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जेलर आरके सिंह ने भी बिना कुछ सोचे समझे सत्ता के दबाव में आकर जेल का निरीक्षण करवाया। इस दौरान विधायक के साथ जेलर की भी फोटो वायरल हुई। इस मामले में विधायक को विपक्ष ने घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष कहना है कि सत्ता की हनक व ठसक भाजपा के माननीय दिखा रहे हैं। अधिकारी भी आंखें मूंदकर तमाशा देख रहे हैं। हालांकि सरकार और अधिकारी सबकुछ जानकर भी चुप्पी साधे हैं। इस बाबत कोई बोलने को तैयार नहीं है।


विधायक जनप्रतिनिधि होते हैं। उन्हें कहीं भी निरीक्षण करने का अधिकार प्राप्त है। हालांकि इस दौरान जेल की गोपनीयता न भंग की जाए।
केदारनाथ, प्रभारी डीआईजी कारागार

विधायक को जेल का निरीक्षण करने का कोई अधिकार नहीं है। यदि विधानसभा द्वारा विशेष मामले में उन्हें अधिकृत किया जाए, उस परिस्थिति में ही विधायक जेल का निरीक्षण कर सकते हैं।
राम अभिलाष सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता

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जेल के निरीक्षण में फंस सकते हैं विधायक लालबहादुर
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