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32 लाख के कथित घोटाले को हजम करने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Sat, 06 Jun 2015 01:30 AM IST
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मंझनपुर। सरसवां ब्लाक की पूरबशरीरा ग्रामसभा के विकास कार्यों में ग्रामीणों ने 32 लाख रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया था। इसकी जांच पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को करनी है। आरोप है कि गांव में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा देने में महीनेभर से बीडीओ आनाकानी कर रहे हैं। इससे जांच नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत जांच अधिकारी ने डीएम से की है।
सरसवां ब्लाक के पूरबशरीरा गांव के लोगों ने डेढ़ महीने पहले डीएम को शिकायती पत्र दिया था। गांववालों का आरोप है कि राज्य वित्त और तेरहवें वित्त के मद से गांव में कराए गए विकास कार्यों में जमकर धांधली की गई है। पुराने काम को नया दिखाकर विकास के लिए आई 32 लाख रुपये की रकम हजम कर ली गई है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सात अप्रैल को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता विद्यारत्न मिश्र को जांच के आदेश दिए थे।
सहायक अभियंता ने 27 अप्रैल को बीडीओ सरसवां को पत्र भेजकर पूरबशरीरा गांव में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा था। आरोप है कि कई बार कहने के बाद भी खंड विकास अधिकारी ने अब तक सहायक अभियंता को कोई ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण गांव के विकास कार्यों की जांच नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को सहायक अभियंता ने प्रभारी डीएम को बीडीओ की इस मनमानी से अवगत कराया। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि बीडीओ से जांच के लिए ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराने का स्पष्टीकरण लिया जाएगा। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई भी होगी।
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सरसवां ब्लाक के पूरबशरीरा गांव के लोगों ने डेढ़ महीने पहले डीएम को शिकायती पत्र दिया था। गांववालों का आरोप है कि राज्य वित्त और तेरहवें वित्त के मद से गांव में कराए गए विकास कार्यों में जमकर धांधली की गई है। पुराने काम को नया दिखाकर विकास के लिए आई 32 लाख रुपये की रकम हजम कर ली गई है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सात अप्रैल को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता विद्यारत्न मिश्र को जांच के आदेश दिए थे।
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सहायक अभियंता ने 27 अप्रैल को बीडीओ सरसवां को पत्र भेजकर पूरबशरीरा गांव में कराए गए विकास कार्यों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा था। आरोप है कि कई बार कहने के बाद भी खंड विकास अधिकारी ने अब तक सहायक अभियंता को कोई ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण गांव के विकास कार्यों की जांच नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को सहायक अभियंता ने प्रभारी डीएम को बीडीओ की इस मनमानी से अवगत कराया। प्रभारी डीएम सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि बीडीओ से जांच के लिए ब्यौरा उपलब्ध नहीं कराने का स्पष्टीकरण लिया जाएगा। साथ ही लापरवाही पर कार्रवाई भी होगी।
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