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अनाथ वतिृका के नाथ बने नाना-नानी
Updated Tue, 10 Oct 2017 12:43 AM IST
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नानी-नानी ने दी उड़ान, वर्तिका ने छू लिया आसमान
-एम्स की एमबीबीएस परीक्षा में हासिल किया गोल्ड मेडल, मां-बाप के सपनों को किया साकार
-पिता आईपीएस थे, हादसे में पत्नी के साथ हो गए थे मौत के शिकार
फोटो...
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
मां-बाप की मौत के बाद भी वर्तिका का हौसला नहीं टूटा। उसके सपनों को नाना-नानी ने नई उड़ान दी। इसका परिणाम यह रहा कि उसने एम्स की एसबीबीएस परीक्षा में गोल्ड मेडल हासिल कर अपने साथ मां-बाप का भी नाम रोशन किया। वर्तिका का नाम एम्स की टॉप-5 सूची में शामिल है। इससे उसके नाना-नानी गदगद हैं। उनको बधाई देने वालों का भरवारी में तांता लगा है।
लाल डिग्गी चौराहा मिर्जापुर निवासी राजेश केसरवानी आईपीएस थे। तीन साल पहले लखनऊ में हुए हादसे में राजेश केसरवानी और उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी की मौत हो गई थी। राजेश केसरवानी अपने पीछे एक बेटा चिराग केसरवानी व एक बेटी वर्तिका को छोड़कर गए थे। माता-पिता की मौत के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए थे। इन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भरवारी निवासी उनके नाना नंदलाल केसरवानी और नानी विजय लक्ष्मी ने संभाली। वर्तिका डॉक्टर बनना चाहती थी जबकि चिराग इंजीनियर। दोनों को नाना-नानी ने पूरे लाड-प्यार से पढ़ाया। कड़ी मेहनत के चलते वर्तिका का चयन एम्स की जोधपुर शाखा में हो गया। पांच अक्तूबर को वर्तिका का एमबीबीएस का रिजल्ट आया तो उसका नाम एम्स के पांच टॉपरों की सूची में शामिल था। इसके लिए राजस्थान के स्वास्थ्य सचिव ने वर्तिका को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। यह जानकारी नाना, नानी व मामा आनन्द केसरवानी, अरविंद केसरवानी और एसएस केसरी, दीपा केसरवानी को हुई तो वे गदगद हो गए। सोमवार को भरवारी के चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश केसरवानी, डॉ. कमलेश केसरवानी, घनश्याम केसरवानी, डॉ. सुधीर, डॉ. ऊषा केसरवानी, अभिजीत, पार्वती देवी, विनीता राजेश आदि ने वर्तिका के घर पहुंचकर उसके नाना-नानी को बधाई दी।
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-एम्स की एमबीबीएस परीक्षा में हासिल किया गोल्ड मेडल, मां-बाप के सपनों को किया साकार
-पिता आईपीएस थे, हादसे में पत्नी के साथ हो गए थे मौत के शिकार
फोटो...
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
मां-बाप की मौत के बाद भी वर्तिका का हौसला नहीं टूटा। उसके सपनों को नाना-नानी ने नई उड़ान दी। इसका परिणाम यह रहा कि उसने एम्स की एसबीबीएस परीक्षा में गोल्ड मेडल हासिल कर अपने साथ मां-बाप का भी नाम रोशन किया। वर्तिका का नाम एम्स की टॉप-5 सूची में शामिल है। इससे उसके नाना-नानी गदगद हैं। उनको बधाई देने वालों का भरवारी में तांता लगा है।
लाल डिग्गी चौराहा मिर्जापुर निवासी राजेश केसरवानी आईपीएस थे। तीन साल पहले लखनऊ में हुए हादसे में राजेश केसरवानी और उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी की मौत हो गई थी। राजेश केसरवानी अपने पीछे एक बेटा चिराग केसरवानी व एक बेटी वर्तिका को छोड़कर गए थे। माता-पिता की मौत के बाद दोनों बच्चे अनाथ हो गए थे। इन बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भरवारी निवासी उनके नाना नंदलाल केसरवानी और नानी विजय लक्ष्मी ने संभाली। वर्तिका डॉक्टर बनना चाहती थी जबकि चिराग इंजीनियर। दोनों को नाना-नानी ने पूरे लाड-प्यार से पढ़ाया। कड़ी मेहनत के चलते वर्तिका का चयन एम्स की जोधपुर शाखा में हो गया। पांच अक्तूबर को वर्तिका का एमबीबीएस का रिजल्ट आया तो उसका नाम एम्स के पांच टॉपरों की सूची में शामिल था। इसके लिए राजस्थान के स्वास्थ्य सचिव ने वर्तिका को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया। यह जानकारी नाना, नानी व मामा आनन्द केसरवानी, अरविंद केसरवानी और एसएस केसरी, दीपा केसरवानी को हुई तो वे गदगद हो गए। सोमवार को भरवारी के चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश केसरवानी, डॉ. कमलेश केसरवानी, घनश्याम केसरवानी, डॉ. सुधीर, डॉ. ऊषा केसरवानी, अभिजीत, पार्वती देवी, विनीता राजेश आदि ने वर्तिका के घर पहुंचकर उसके नाना-नानी को बधाई दी।
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