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28 हजार कार्डधारकों को नहीं मिला राशन
Sat, 01 Jun 2019 01:04 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Sat, 01 Jun 2019 01:04 AM IST
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wheat scam in uttarakhand
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मंझनपुर। सर्वर अपग्रेड होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लगी ई-पाश मशीनों ने 28 मई से काम करना बंद कर दिया। वितरण के अभाव में इस महीने जिले के तकरीबन 28 हजार कार्डधारक राशन से वंचित हो गए। इसके चलते गरीबों के हिस्से का 2943 क्विंटल गेहूं और 1962 क्विंटल चावल लैप्स हो गया। बचा हुआ यह राशन अब अगले महीने के कोटे में चला जाएगा।
जिले में पात्र गृहस्थी के 269184 तथा अंत्योदय के 37575 समेत कुल 306759 कार्डधारक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को हर माह यूनिट के हिसाब से राशन मिलता है। कार्डधारकों को वितरण के लिए शासन से जिले में हर महीने करीब 32393 क्विंटल गेहूं तथा 21595 क्विंटल चावल आवंटित होता है। वितरण का काम महीने की पांच तारीख के बाद से प्रारंभ होकर अंत तक चलता है। इस मर्तबा 27 मई तक ही कोटेदारों ने राशन का वितरण किया। 28 से 31 मई तक राशन वितरण का काम पूरे जिले में एकदम ठप रहा। दरअसल इस बीच शासन स्तर से वितरण प्रणाली का सर्वर अपग्रेड किया जा रहा था। विभागीय अफसरों ने बताया कि सर्वर पर कुछ काम हो रहा है। इस वजह से 27 मई तक राशन बांटने के बाद वितरण का काम रोक दिया गया था। क्योंकि ई-पाश मशीनें काम ही नहीं कर रही थीं। वितरण ठप होने के कारण जिले भर की दुकानों में 2943 क्विंटल गेहूं और 1962 क्विंटल चावल बच गया। तकरीबन नौ फीसदी राशन बचने से जिलेभर के 28 हजार कार्डधारक उपभोक्ता इस महीने राशन से वंचित हो गए। बचा हुआ यह राशन कोटेदारों को भी नहीं मिलेगा। कोटेदारों को अगले महीने आवंटित होने वाले राशन में बचे हुए गेहूं,चावल को घटाकर भेजा जाएगा। इसका सीधा नुकसान गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ा। वहीं डीएसओ का कहना है कि सर्वर अपग्रेड होने की वजह से राशन का वितरण 27 मई तक ही हो सका। अब अगले महीने का ही राशन उपभोक्ताओं को मिलेगा। तकरीबन नौ फीसदी (लगभग 28 हजार) कार्डधारक राशन लेने से वंचित रह गए हैं। इस राशन की भरपाई भी नहीं होगी।
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जिले में पात्र गृहस्थी के 269184 तथा अंत्योदय के 37575 समेत कुल 306759 कार्डधारक उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को हर माह यूनिट के हिसाब से राशन मिलता है। कार्डधारकों को वितरण के लिए शासन से जिले में हर महीने करीब 32393 क्विंटल गेहूं तथा 21595 क्विंटल चावल आवंटित होता है। वितरण का काम महीने की पांच तारीख के बाद से प्रारंभ होकर अंत तक चलता है। इस मर्तबा 27 मई तक ही कोटेदारों ने राशन का वितरण किया। 28 से 31 मई तक राशन वितरण का काम पूरे जिले में एकदम ठप रहा। दरअसल इस बीच शासन स्तर से वितरण प्रणाली का सर्वर अपग्रेड किया जा रहा था। विभागीय अफसरों ने बताया कि सर्वर पर कुछ काम हो रहा है। इस वजह से 27 मई तक राशन बांटने के बाद वितरण का काम रोक दिया गया था। क्योंकि ई-पाश मशीनें काम ही नहीं कर रही थीं। वितरण ठप होने के कारण जिले भर की दुकानों में 2943 क्विंटल गेहूं और 1962 क्विंटल चावल बच गया। तकरीबन नौ फीसदी राशन बचने से जिलेभर के 28 हजार कार्डधारक उपभोक्ता इस महीने राशन से वंचित हो गए। बचा हुआ यह राशन कोटेदारों को भी नहीं मिलेगा। कोटेदारों को अगले महीने आवंटित होने वाले राशन में बचे हुए गेहूं,चावल को घटाकर भेजा जाएगा। इसका सीधा नुकसान गरीब उपभोक्ताओं को उठाना पड़ा। वहीं डीएसओ का कहना है कि सर्वर अपग्रेड होने की वजह से राशन का वितरण 27 मई तक ही हो सका। अब अगले महीने का ही राशन उपभोक्ताओं को मिलेगा। तकरीबन नौ फीसदी (लगभग 28 हजार) कार्डधारक राशन लेने से वंचित रह गए हैं। इस राशन की भरपाई भी नहीं होगी।
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