{"_id":"68852a38498a558474060ac0","slug":"25-thousand-population-is-deprived-of-the-facility-of-ultrasound-and-x-ray-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-128387-2025-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: 25 हजार आबादी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा से महरूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: 25 हजार आबादी अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की सुविधा से महरूम
विज्ञापन
सीएचसी करारी का ताला बंद एक्स-रे रूम--संवाद
करारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में समस्याओं का अंबार है। यहां अल्ट्रासाउंड तो है लेकिन चलाने के लिए रेडियोलाॅजिस्ट की कमी है। वहीं, एक्सरे और टेक्नीशियन है, लेकिन स्टैंड और चेयर नहीं। डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ की भी कमी है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ता है।
करारी कस्बे में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ अगस्त 2022 में हुआ था। कस्बे की तकरीबन 25 हजार आबादी के साथ ही आसपास बसे पिंडरा, रहीमपुर मोलानी, उखइयाखास, अगिऔना, मुकीमपुर, सालेपुर, लहना, गुलामीपुर सहित लगभग समेत 30 गांव ग्रामीण यहां इलाज के लिए आते हैं। इसके बाद भी अस्पताल में संसाधनों का टोटा है। करीब छह माह पहले यहां अल्ट्रासाउंड मशीन मुहैया करा दी गई लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी।
इसी तरह एक्सरे के साथ टेक्नीशियन की तैनाती कर दी गई लेकिन स्टैंड व चेयर का इंतजाम नहीं किया गया। ऐसे में मरीजों को इन जांचों के लिए जिला अस्पताल या फिर प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर जाना पड़ता है। नियमानुसार सीएचसी में अधीक्षक समेत छह चिकित्सिकों की तैनाती होनी चाहिए। इनमें स्त्री, नेत्र एवं बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ही सर्जन और एनेस्थीसिया शामिल होने चाहिए लेकिन करारी में किसी विशेषज्ञ डॉक्टर एवं सर्जन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को मुकम्मल स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पाती है।
विज्ञापन
बिना सफाई कर्मी के चल रहा अस्पताल
सीएचसी में अभी तक एक भी सफाईकर्मी की नियुक्ति नहीं की गई। जबकि, नियमतः तीन सफाईकर्मी होने चाहिए। नाम नहीं छापने के शर्त पर एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि वह अपने पैसे से प्राइवेट सफाईकर्मी को बुलाकर सफाई करवाते हैं। वहीं, सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि दो दिन पहले तीन सफाई कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
मेडिकोलीगल के लिए लगाना पड़ रहा मंझनपुर का चक्कर
करारी कोतवाली पुलिस को प्रतिदिन किसी न किसी मामले में जख्मी अथवा दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराना पड़ता है। स्थानीय सीएचसी में पीड़ितों का प्राथमिक उपचार करने पर सीधे मंझनपुर स्थित जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण मरीजों, तीमारदारों व पुलिस को मंझनपुर का चक्कर लगाना पड़ता है।
मेरी पत्नी को एक महीने से खांसी आ रही है। डॉक्टर ने एक्सरे कराने की सलाह दी है। सीएचसी में बताया गया कि एक्सरे नहीं हो पाएगा। मजबूरन निजी सेंटर पर जाना पड़ा।-शारदा साहू, करारी
बहू रूबीना को पेट दर्द की समस्या होने पर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने गया तो पता चला कि मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में जांच नहीं हो पाएगी। ऐसे में प्रयागराज के निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा।-सईद अहमद,करारी
आठों सामुदायिक केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
जिले में सरायअकिल, करारी, कड़ा, कनैली, सरसवां, आलमचंद्र, चायल और सिराथू समेत आठ सीएचसी संचालित हो रही है। इनमें से किसी भी केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सिराथू, कनैली, करारी और सरायअकिल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करा दी गई है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए पत्राचार किया गया है। वहीं, करारी छोड़ सात केंद्रों पर एक्सरे की सुविधा भी है। करारी में पोर्टेबल एक्सरे मशीन से काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
करारी कस्बे में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शुभारंभ अगस्त 2022 में हुआ था। कस्बे की तकरीबन 25 हजार आबादी के साथ ही आसपास बसे पिंडरा, रहीमपुर मोलानी, उखइयाखास, अगिऔना, मुकीमपुर, सालेपुर, लहना, गुलामीपुर सहित लगभग समेत 30 गांव ग्रामीण यहां इलाज के लिए आते हैं। इसके बाद भी अस्पताल में संसाधनों का टोटा है। करीब छह माह पहले यहां अल्ट्रासाउंड मशीन मुहैया करा दी गई लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी।
विज्ञापन
इसी तरह एक्सरे के साथ टेक्नीशियन की तैनाती कर दी गई लेकिन स्टैंड व चेयर का इंतजाम नहीं किया गया। ऐसे में मरीजों को इन जांचों के लिए जिला अस्पताल या फिर प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर जाना पड़ता है। नियमानुसार सीएचसी में अधीक्षक समेत छह चिकित्सिकों की तैनाती होनी चाहिए। इनमें स्त्री, नेत्र एवं बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ही सर्जन और एनेस्थीसिया शामिल होने चाहिए लेकिन करारी में किसी विशेषज्ञ डॉक्टर एवं सर्जन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को मुकम्मल स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पाती है।
विज्ञापन
बिना सफाई कर्मी के चल रहा अस्पताल
सीएचसी में अभी तक एक भी सफाईकर्मी की नियुक्ति नहीं की गई। जबकि, नियमतः तीन सफाईकर्मी होने चाहिए। नाम नहीं छापने के शर्त पर एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि वह अपने पैसे से प्राइवेट सफाईकर्मी को बुलाकर सफाई करवाते हैं। वहीं, सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि दो दिन पहले तीन सफाई कर्मियों की तैनाती कर दी गई है।
मेडिकोलीगल के लिए लगाना पड़ रहा मंझनपुर का चक्कर
करारी कोतवाली पुलिस को प्रतिदिन किसी न किसी मामले में जख्मी अथवा दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराना पड़ता है। स्थानीय सीएचसी में पीड़ितों का प्राथमिक उपचार करने पर सीधे मंझनपुर स्थित जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड नहीं होने के कारण मरीजों, तीमारदारों व पुलिस को मंझनपुर का चक्कर लगाना पड़ता है।
मेरी पत्नी को एक महीने से खांसी आ रही है। डॉक्टर ने एक्सरे कराने की सलाह दी है। सीएचसी में बताया गया कि एक्सरे नहीं हो पाएगा। मजबूरन निजी सेंटर पर जाना पड़ा।-शारदा साहू, करारी
बहू रूबीना को पेट दर्द की समस्या होने पर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने गया तो पता चला कि मशीन तो है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में जांच नहीं हो पाएगी। ऐसे में प्रयागराज के निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा।-सईद अहमद,करारी
आठों सामुदायिक केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
जिले में सरायअकिल, करारी, कड़ा, कनैली, सरसवां, आलमचंद्र, चायल और सिराथू समेत आठ सीएचसी संचालित हो रही है। इनमें से किसी भी केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि सिराथू, कनैली, करारी और सरायअकिल में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध करा दी गई है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए पत्राचार किया गया है। वहीं, करारी छोड़ सात केंद्रों पर एक्सरे की सुविधा भी है। करारी में पोर्टेबल एक्सरे मशीन से काम चलाया जा रहा है।