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20 साल बाद कब्जा मुक्त हुआ करारी का उप स्वास्थ्य केंद्र
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20 साल बाद कब्जा मुक्त हुआ करारी का उप स्वास्थ्य केंद्र
डीएम के निर्देश के बाद पुलिस ने हटवाया अवैध कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
करारी। कस्बे के चकहिंगुई स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में बीस साल पहले से किए गए कब्जे को स्वास्थ्य महकमे ने पुलिस की मदद से खाली कराया। अवैध कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने उसे खाली कराने का निर्देश दिया था।
चकहिंगुई में स्वास्थ्य विभाग का उप स्वास्थ्य केंद्र बना है। यह भवन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी की वजह से खाली पड़ा था। 20 साल पहले मोहम्मद असरफ ने भवन पर कब्जा कर लिया। वह भवन में अपनी पत्नी व आठ बेटे और तीन बेटियों के साथ घर बनाकर रहने लगा। स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि वह पुलिस की मदद से अपना भवन खाली कराए। इसे लेकर बुधवार को करारी के थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा प्रभारी एके पटेल, अवर अभियंता धर्मराज सिंह, बीसीपीएम घनश्याम पाल व कुशलानंद शुक्ल के साथ मौके पर जाकर अवैध कब्जा खाली कराया। इस दौरान असरफ की पुलिस से नोंकझोक भी हुई। उसका कहना था कि भवन खाली करने के लिए उसे पहले नोटिस नहीं दिया गया था। पुलिस के तेवर दिखाने पर असरफ अपना सारा समान निकाल कर चलता बना। वहीं असरफ का कहना है कि भवन जर्जर हालत में पड़ा था। 20 साल पहले उसने मरम्मत कराकर उसे रहने योग्य बनाया। वह परिवार के साथ उसी में रहता था। कब्जा हटवाए जाने से उसका परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
फोटो नं-16
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डीएम के निर्देश के बाद पुलिस ने हटवाया अवैध कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
करारी। कस्बे के चकहिंगुई स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में बीस साल पहले से किए गए कब्जे को स्वास्थ्य महकमे ने पुलिस की मदद से खाली कराया। अवैध कब्जे की शिकायत पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने उसे खाली कराने का निर्देश दिया था।
चकहिंगुई में स्वास्थ्य विभाग का उप स्वास्थ्य केंद्र बना है। यह भवन स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी की वजह से खाली पड़ा था। 20 साल पहले मोहम्मद असरफ ने भवन पर कब्जा कर लिया। वह भवन में अपनी पत्नी व आठ बेटे और तीन बेटियों के साथ घर बनाकर रहने लगा। स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि वह पुलिस की मदद से अपना भवन खाली कराए। इसे लेकर बुधवार को करारी के थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा प्रभारी एके पटेल, अवर अभियंता धर्मराज सिंह, बीसीपीएम घनश्याम पाल व कुशलानंद शुक्ल के साथ मौके पर जाकर अवैध कब्जा खाली कराया। इस दौरान असरफ की पुलिस से नोंकझोक भी हुई। उसका कहना था कि भवन खाली करने के लिए उसे पहले नोटिस नहीं दिया गया था। पुलिस के तेवर दिखाने पर असरफ अपना सारा समान निकाल कर चलता बना। वहीं असरफ का कहना है कि भवन जर्जर हालत में पड़ा था। 20 साल पहले उसने मरम्मत कराकर उसे रहने योग्य बनाया। वह परिवार के साथ उसी में रहता था। कब्जा हटवाए जाने से उसका परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
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फोटो नं-16