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बच्चों को कई बीमारियों से बचाता है मां का दूध
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:35 AM IST
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मंझनपुर। पहली से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। इस बार इसे ‘स्तनपान जीवन की नींव’ थीम पर मनाने की तैयारी है। इसमें बच्चों को मां का दूध पिलाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज कुमार ने सूबे के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्तनपान को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्तनपान के लिए जागरूक किया जाए। संयुक्त जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विश्व प्रकाश ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 फीसदी तक कमी लाई जा सकती है। छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया का खतरा कम हो जाता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ रेखा ने बताया कि अधिक समय तक स्तनपान कराने वाले बच्चों की बुद्धि भी तेज हो जाती है। इसके साथ ही स्तनपान कराने वाली महिला को स्तन कैंसर का भी खतरा कम हो जाता है।
स्तनपान के लिए करें जागरूक
स्तनपान कराने के लिए मां को परिवार, समुदाय और कार्यस्थल से प्रेरणा और सहयोग मिलना जरूरी है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी घर जाकर शिशु को स्तनपान कराने के लिए जागरूक करें। आंगनबाड़ी केंद्र या ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर प्रसव पूर्व अथवा प्रसव बाद माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दें।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक पंकज कुमार ने सूबे के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्तनपान को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्तनपान के लिए जागरूक किया जाए। संयुक्त जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ विश्व प्रकाश ने बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 फीसदी तक कमी लाई जा सकती है। छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया का खतरा कम हो जाता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ रेखा ने बताया कि अधिक समय तक स्तनपान कराने वाले बच्चों की बुद्धि भी तेज हो जाती है। इसके साथ ही स्तनपान कराने वाली महिला को स्तन कैंसर का भी खतरा कम हो जाता है।
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स्तनपान के लिए करें जागरूक
स्तनपान कराने के लिए मां को परिवार, समुदाय और कार्यस्थल से प्रेरणा और सहयोग मिलना जरूरी है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी घर जाकर शिशु को स्तनपान कराने के लिए जागरूक करें। आंगनबाड़ी केंद्र या ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर प्रसव पूर्व अथवा प्रसव बाद माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दें।
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