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स्कूल तो खुले पर समास्याएं बरकरार
Updated Mon, 03 Jul 2017 07:43 PM IST
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मंझनपुर।
बेसिक शिक्षा की अलख जगाने को सोमवार को स्कूल तो खुले पर समस्याएं पूर्व की भांति बरकरार हैं। स्कूलों के शौचालय ध्वस्त मिले तो हैंडपंपों का बोर भर्स्ट रहा। कई स्कूलों के शिक्षक गायब रहे तो कहीं-कहीं मौजूद शिक्षकों ने शिक्षण कार्य नहीं किया। डीएम और बीएसए के फरमान के बाद शिक्षण सत्र की शुरआत सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच हुई।
नए शिक्षण सत्र की बेहतर शुरुआत के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा और बीएसए दल श्रृंगार यादव ने मातहतों को कड़े निर्देश दे रखे थे। समय से स्कूल पहुंचने, शिक्षण कार्य में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की हिदायत भी दी गई थी। बावजूद इसके मनमानी के आदी हो चुके शिक्षकों में सुधार देखने को नहीं मिल रहा। इसके अलावा स्कूलों की व्यवस्था भी पटरी से उतरी नजर आ रही हैं।
बानगी के तौर पर विकास खंड नेवादा के प्राथमिक विद्यालय पूरे घासीराम मजरा बसुहार को लिया जा सकता है। इस विद्यालय की चहारदीवारी ध्वस्त है तो स्कूल जाने वाले रास्ते में खाद के गड्ढों की वजह से गंदगी फैली हुई है। इसके चलते बच्चों को खेत से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्कूल का शौचालय पूरी तरह से ध्वस्त है।
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स्कूल में रजिस्टर्ड 78 बच्चों में 20 मौजूद मिले जिन्हें रोटी-सब्जी और फल के मेन्यू की जगह खिचड़ी बनवाई जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय चिरारी की प्रधानाध्यापिका स्कूल से गायब रहीं तो दो सहायिकाएं कक्ष में बैठकर दरबार कर रहीं थी। इस स्कूल की भी चहारदीवारी व शौचालय ध्वस्त है। विकास खंड सिराथू के प्राथमिक विद्यालय गड़रियन का पुरवा मजरा कोर्रो का ताला सोमवार को खुला पर बच्चों की उपस्थिति नगण्य रही।
विद्यालय का हैंडपम्प भी साल भर से खराब है और चहारदीवारी का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के विरोध के चलते अधर में लटका है। मंझनपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय समदा का हाल बेहाल रहा। यहां पर तैनात शिक्षक गायब रहे तो बच्चे कक्षा में बैठकर खेल रहे थे। शिक्षकों के बावत पूछा गया तो पता चला कि वह बच्चों को उनके घर बुलाने गए हैं। बहरहाल नए शिक्षण सत्र की शुरूआत सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच हुई। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा की नींव कही जाने वाली बेसिक शिक्षा का स्तर जिले में क्या है।
स्कूल तो खुल गए पर समस्याएं बरकरार
शौचालय ध्वस्त तो हैंडपंप नहीं उगल रहे पानी
कई शिक्षक भी स्कूलों से रहे गायब, नहीं हुआ शिक्षण कार्य
प्रधान और शिक्षकों ने निकाली स्कूल चलो रैली
नए शिक्षण सत्र में अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाएं इसे लेकर बीएसए के निर्देश में रैली निकाली जा रही है। इस क्रम में सोमवार को प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय दाई का पुरवा में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील कुमार और प्रधानाध्यापक शिवदयाल की अगुवाई में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से शिक्षकों और प्रधान प्रतिनिधि से लोगों को अपने-अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। रैली में सहायक अध्यापक रामप्रवेश राय, सुभाष चंद्र, राजकरन, कृष्ण कुमार शर्मा, सुधीर कुमार, अर्जुन त्रिपाठी, सत्यजीत आदि शामिल रहे। इसी तरह विकास खंड सरसवां के प्राथमिक विद्यालय देवाना में भी शिक्षकों ने रैली निकाली।
नए शिक्षण सत्र को लेकर शिक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है। स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता रैली निकाले जाने का निर्देश दिया गया है। इसमें तनिक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डीएस यादव, बीएसए
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बेसिक शिक्षा की अलख जगाने को सोमवार को स्कूल तो खुले पर समस्याएं पूर्व की भांति बरकरार हैं। स्कूलों के शौचालय ध्वस्त मिले तो हैंडपंपों का बोर भर्स्ट रहा। कई स्कूलों के शिक्षक गायब रहे तो कहीं-कहीं मौजूद शिक्षकों ने शिक्षण कार्य नहीं किया। डीएम और बीएसए के फरमान के बाद शिक्षण सत्र की शुरआत सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच हुई।
नए शिक्षण सत्र की बेहतर शुरुआत के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा और बीएसए दल श्रृंगार यादव ने मातहतों को कड़े निर्देश दे रखे थे। समय से स्कूल पहुंचने, शिक्षण कार्य में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की हिदायत भी दी गई थी। बावजूद इसके मनमानी के आदी हो चुके शिक्षकों में सुधार देखने को नहीं मिल रहा। इसके अलावा स्कूलों की व्यवस्था भी पटरी से उतरी नजर आ रही हैं।
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बानगी के तौर पर विकास खंड नेवादा के प्राथमिक विद्यालय पूरे घासीराम मजरा बसुहार को लिया जा सकता है। इस विद्यालय की चहारदीवारी ध्वस्त है तो स्कूल जाने वाले रास्ते में खाद के गड्ढों की वजह से गंदगी फैली हुई है। इसके चलते बच्चों को खेत से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। स्कूल का शौचालय पूरी तरह से ध्वस्त है।
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स्कूल में रजिस्टर्ड 78 बच्चों में 20 मौजूद मिले जिन्हें रोटी-सब्जी और फल के मेन्यू की जगह खिचड़ी बनवाई जा रही थी। प्राथमिक विद्यालय चिरारी की प्रधानाध्यापिका स्कूल से गायब रहीं तो दो सहायिकाएं कक्ष में बैठकर दरबार कर रहीं थी। इस स्कूल की भी चहारदीवारी व शौचालय ध्वस्त है। विकास खंड सिराथू के प्राथमिक विद्यालय गड़रियन का पुरवा मजरा कोर्रो का ताला सोमवार को खुला पर बच्चों की उपस्थिति नगण्य रही।
विद्यालय का हैंडपम्प भी साल भर से खराब है और चहारदीवारी का निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के विरोध के चलते अधर में लटका है। मंझनपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय समदा का हाल बेहाल रहा। यहां पर तैनात शिक्षक गायब रहे तो बच्चे कक्षा में बैठकर खेल रहे थे। शिक्षकों के बावत पूछा गया तो पता चला कि वह बच्चों को उनके घर बुलाने गए हैं। बहरहाल नए शिक्षण सत्र की शुरूआत सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच हुई। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा की नींव कही जाने वाली बेसिक शिक्षा का स्तर जिले में क्या है।
स्कूल तो खुल गए पर समस्याएं बरकरार
शौचालय ध्वस्त तो हैंडपंप नहीं उगल रहे पानी
कई शिक्षक भी स्कूलों से रहे गायब, नहीं हुआ शिक्षण कार्य
प्रधान और शिक्षकों ने निकाली स्कूल चलो रैली
नए शिक्षण सत्र में अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं स्कूल जाएं इसे लेकर बीएसए के निर्देश में रैली निकाली जा रही है। इस क्रम में सोमवार को प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय दाई का पुरवा में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील कुमार और प्रधानाध्यापक शिवदयाल की अगुवाई में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से शिक्षकों और प्रधान प्रतिनिधि से लोगों को अपने-अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। रैली में सहायक अध्यापक रामप्रवेश राय, सुभाष चंद्र, राजकरन, कृष्ण कुमार शर्मा, सुधीर कुमार, अर्जुन त्रिपाठी, सत्यजीत आदि शामिल रहे। इसी तरह विकास खंड सरसवां के प्राथमिक विद्यालय देवाना में भी शिक्षकों ने रैली निकाली।
नए शिक्षण सत्र को लेकर शिक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है। स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए जागरूकता रैली निकाले जाने का निर्देश दिया गया है। इसमें तनिक भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डीएस यादव, बीएसए