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दो हजार किसानों का धान क्रय एजेंसियों पर 21.78 करोड़ बकाया

Tue, 04 Jan 2022 06:54 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 06:54 PM IST
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21.78 crore outstanding on paddy purchasing agencies of two thousand farmers
धान बेचने वाले दो हजार किसानों का क्रय एजेंसियों पर 21.78 करोड़ बकाया
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72 घंटे के भीतर भुगतान का सरकारी दावा हवा हवाई, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। किसानों का धान खरीद करके संस्थाओं ने दो महीने में करीब 48.72 प्रतिशत का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इसके बाद भी किसानों के धान का भुगतान करने में लापरवाही की जा रही है। करीब दो हजार किसानों का क्रय एजेंसियों पर करीब 21 करोड़ 78 लाख रुपये बकाया है। इनमें क्रय एजेंसी नेफेड, एफपीसी और यूपीएसएस पर अकेले 7 करोड़ 5 लाख रुपये बकाया शामिल है। भुगतान में लेट लतीफी करने पर इन एजेंसियों के सभी 15 केंद्रों की खरीद पर हफ्ते भर से रोक लगा दी गई है। किसान धान के भुगतान के लिए बैंक और केंद्र प्रभारी के चक्कर लगा रहे हैं।
वर्ष 2021-22 में 79 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य जिले को मिला है। इसके लिए छह एजेंसियां के 37 क्रय केंद्र खोल गए थे। अब तक 6490 किसानों से 38,489 एमटी धान की खरीद हो चुकी है। सबसे ज्यादा खरीद हाट शाखा के क्रय केंद्रों में हुई है, लेकिन किसानों के धान का बकाया सबसे ज्यादा नैफेड, एफपीसी और यूपीएसएए पर है। जबकि विपणन, पीसीएफ, मंडी और एफसीआई के 22 केंद्रों पर करीब 14 करोड़ 73 लाख रुपये बकाया है। इस तरह से इस वक्त दो हजार से ज्यादा किसानों का क्रय एजेंसियों पर 21 करोड़ 78 लाख रुपये का बकाया है। ऐसे में किसानों को धान की तौल कराने के बाद 72 घंटे में भुगतान करने के आदेश की हवा निकल रही है। किसानों को क्रय केंद्र में धान बेचे हुए महीना बीत रहा है, लेकिन भुगतान नहीं हुआ है। विकासखंड कौशांबी के बिजिया चौराहा स्थित धान क्रय केंद्र में किसानों ने महीनों पहले धान को बेचा है। लेकिन आज तक उनके खाते में रकम नहीं आई। इसे लेकर किसान काफी चिंतित है। हिसामबाद गांव निवासी गणेश दत्त त्रिपाठी, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, छाया देवी, इटैला निवासी मारूफा बेगम, अंकित कुशवाहा, अर्जुन सिंह, बच्चीलाल ,नंदलाल आदि किसानों का कहना है कि धान की रकम महीनों बीतने के बावजूद आज तक खाते में नहीं आई है। इसे लेकर किसान परेशान हैं और क्रय केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं।
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इनका कहना है
धान खरीद का भुगतान ऑनलाइन किया जा रहा है। कुछ बैंकों का विलय हुआ है। इस कारण आईएफएससी कोड मैच नहीं कर पाता है। इसलिए ऑनलाइन भुगतान में कुछ दिक्कत हुई है। जिन किसानों के खाते में भुगतान नहीं पहुंचा है। वह बैंक में ई-केवाईसी करा लें। वहीं नैफेड, एफपीसी व यूपीएसएस संस्था की ओर से भुगतान में लापरवाही मिली है। इसलिए तीनों संस्थाओं के क्रय केंद्रों पर खरीद पर रोक लगा दी गई है।
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-अंशुमाली शंकर,डिप्टी आरएमओ
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