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नाइंसाफी के खिलाफ दोआबावासियों ने ट्विीटर को बनाया हथियार
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नाइंसाफी के खिलाफ दोआबावासियों ने ट्विटर को बनाया हथियार
हर महीने ट्विटर पर की जा रहीं 150 से 170 शिकायतें
एक-एक ट्वीट की निगरानी के लिए गठित है टीम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नाइंसाफी के खिलाफ दोआबावासियों ने ट्विटर को हथियार बना लिया है। छोटी-बड़ी समस्या का वह ट्वीट करके निदान करा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर महीने ट्विटर पर 150 से 170 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इनकी निगरानी के लिए पुलिस विभाग में बाकायदा एक टीम गठित है।
प्रदेश के डीजीपी समेत सभी अधिकारी ट्विीटर अकाउंट से जुड़े हैं। डीजीपी ऑफिस में ट्विीटर पर आने वाली शिकायतों की निगरानी के लिए एक विशेष सेल बना हुआ है। उनके निर्देश पर कौशाम्बी में भी सोशल मीडिया सेल बनाया गया है। जिले के सोशल मीडिया सेल प्रभारी की मानें तो प्रतिदिन पांच से सात शिकायतें आती हैं। ट्विटर पर आने वाली शिकायतों की जांच और कार्रवाई आवश्यक है। इसलिए आम लोग इसमें अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी दूसरी वजह यह भी है कि तमाम लोग कोतवाली का चक्कर काटने से परहेज करते हैं। वहीं, फेसबुक की बात करें तो कौशाम्बी पुलिस के फेसबुक अकाउंट में एक भी शिकायत नहीं आती। जबकि जनपद में फेसबुक यूजरों की संख्या ट्विीटर से काफी ज्यादा है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने मातहतों को साफ निर्देश दे रखा है कि ट्विटर पर आने वाली शिकायतों पर समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने मनमानी करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे रखी है।
इस साल कितनी शिकायतें
माह संख्या
जनवरी 155
फरवरी 168
मार्च 171
अप्रैल 160
मई 19
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ट्विीटर अकाउंट
ञ्चद्मड्डह्वह्यद्धड्डद्वड्ढद्बश्चशद्यद्बष्द्ग
फेसबुक अकाउंट
क्कह्म्शष्द्गद्यद्यद्मड्डह्वह्यद्धड्डद्वड्ढद्ब
------
इनका कहना है
ट्विटर पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण कराया जाता है। इसके लिए मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दे रखा गया है। मनमानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप गुप्ता-एसपी
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हर महीने ट्विटर पर की जा रहीं 150 से 170 शिकायतें
एक-एक ट्वीट की निगरानी के लिए गठित है टीम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। नाइंसाफी के खिलाफ दोआबावासियों ने ट्विटर को हथियार बना लिया है। छोटी-बड़ी समस्या का वह ट्वीट करके निदान करा रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो हर महीने ट्विटर पर 150 से 170 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इनकी निगरानी के लिए पुलिस विभाग में बाकायदा एक टीम गठित है।
प्रदेश के डीजीपी समेत सभी अधिकारी ट्विीटर अकाउंट से जुड़े हैं। डीजीपी ऑफिस में ट्विीटर पर आने वाली शिकायतों की निगरानी के लिए एक विशेष सेल बना हुआ है। उनके निर्देश पर कौशाम्बी में भी सोशल मीडिया सेल बनाया गया है। जिले के सोशल मीडिया सेल प्रभारी की मानें तो प्रतिदिन पांच से सात शिकायतें आती हैं। ट्विटर पर आने वाली शिकायतों की जांच और कार्रवाई आवश्यक है। इसलिए आम लोग इसमें अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी दूसरी वजह यह भी है कि तमाम लोग कोतवाली का चक्कर काटने से परहेज करते हैं। वहीं, फेसबुक की बात करें तो कौशाम्बी पुलिस के फेसबुक अकाउंट में एक भी शिकायत नहीं आती। जबकि जनपद में फेसबुक यूजरों की संख्या ट्विीटर से काफी ज्यादा है। एसपी प्रदीप गुप्ता ने मातहतों को साफ निर्देश दे रखा है कि ट्विटर पर आने वाली शिकायतों पर समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण किया जाए। उन्होंने मनमानी करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे रखी है।
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इस साल कितनी शिकायतें
माह संख्या
जनवरी 155
फरवरी 168
मार्च 171
अप्रैल 160
मई 19
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ट्विीटर अकाउंट
ञ्चद्मड्डह्वह्यद्धड्डद्वड्ढद्बश्चशद्यद्बष्द्ग
फेसबुक अकाउंट
क्कह्म्शष्द्गद्यद्यद्मड्डह्वह्यद्धड्डद्वड्ढद्ब
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इनका कहना है
ट्विटर पर आने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण कराया जाता है। इसके लिए मातहतों को जरूरी दिशा-निर्देश दे रखा गया है। मनमानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप गुप्ता-एसपी
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