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चुनाव खर्च बचाने को ‘करीबियों’ की फौज तैयार कर रहे नेता जी

Wed, 03 Apr 2019 07:18 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 07:18 PM IST
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चुनाव खर्च बचाने को ‘करीबियों’ की फौज तैयार कर रहे नेता जी
चुनाव खर्च बचाने को ‘करीबियों’ की फौज तैयार कर रहे नेता जी
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चुनाव कार्यालय और प्रचार में लगी गाड़ियों का खर्च बचाने के लिए खोजा नायाब तरीका
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। लोकसभा सामान्य निर्वाचन में उतरे प्रत्याशियों ने चुनावी खर्च बचाने के लिए नायाब फंडा ईजाद किया है। चुनाव कार्यालय और प्रचार में लगे वाहनों को ‘करीबियों’ का बताकर चुनाव खर्च बचाया जा रहा है। वाहनों में प्रचार सामग्री नहीं होने से फ्लाइंग स्क्वायड भी कुछ नहीं कर पा रही है।
कौशाम्बी संसदीय सीट पर भाजपा, जनसत्ता, कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। जनसत्ता से जहां दो बार बार सांसद रहे शैलेंद्र कुमार किस्मत आजमा रहे हैं वहीं भाजपा ने निर्वतमान सांसद विनोद सोनकर पर दांव लगाया है। सपा-बसपा गठबंधन ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव व बसपा सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रहे इंद्रजीत सरोज पर ट्रंप कार्ड खेला है। कांग्रेस ने बसपा से लोक सभा का चुनाव लड़ चुके गिरीश पासी पर दांव लगाया है। सभी दलों के प्रत्याशी दमदार है और चुनाव में दिल खोलकर पैसा खर्च कर रहे हैं। चुनाव आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक वह अपना सारा खर्च मैनेज कर रहे हैं। मसलन भले ही लोकसभा का केंद्रीय कार्यालय डेढ़ से दो लाख रुपया किराए के भवन पर लिया गया हो लेकिन मकान मालिक से उसका सहमति पत्र करीबी बताकर फ्री में लिया जा रहा है। यहीं हाल वाहनों का है। बिना झंडा-बैनर लगाए प्रत्याशियों के समर्थक प्राइवेट वाहनों से मतदाता के बीच प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन उसका चुनावी खर्च में कोई लेखा नहीं है। इसी तरह सोशल मीडिया पर सर्मथक व प्रत्याशी खुद पार्टी व अपने लिए वोट मांग रहे हैं लेकिन उसका भी कोई चुनावी खर्च दाखिल नहीं हो रहा। प्रत्याशियों के खर्च पर निगरानी रखने के लिए गठित सेल की आंख में धूल झोंककर चुनावी खर्चा बचाया जा रहा है।
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प्रत्याशियों के खर्चे पर निगरानी रखने के लिए टीमों का गठन किया गया है। अगर प्रत्याशी चुनावी खर्च छिपा रहे हैं तो जांच कराई जाएगी। वाहनों पर निगरानी रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया गया है।
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मनोज, अपर जिलाधिकारी
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