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फर्जीवाड़े से बने 1100 शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:46 AM IST
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मंझनपुर। सबकुछ ठीकठाक रहा तो जालसाजी कर परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बने मुन्ना भाइयों को बाहर का रास्ता देखना तय है। ऐसे जालसाजों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। एडीएम की अगुवाई वाली इस टीम को वर्ष 2010 के बाद से भर्ती जिले के 1100 शिक्षकों की नौ बिंदुओं पर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी भनक लगते ही फर्जीवाड़ा कर नौकरी करने वाले शिक्षकों में हंड़कंप है।
पिछले दिनों प्रदेश कुछ जिलों में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। इसके बाद से शासन ने प्रदेश भर में वर्ष 2010 के बाद से भर्ती शिक्षकों की नए सिरे से जांच करने का फरमान जारी किया है। शासन ने इसके लिए सभी जिलों में एडीएम की अगुवाई में एसपी तथा मंडलीय शिक्षा निदेशक (बेसिक) की तीन सदस्यीय कमेटी गठित किया है। कौशाम्बी जिले में भी साल 2010 के बाद से अब तक करीब 1100 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इन शिक्षकों की चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट व कोषागार की वेतन सूची से भी क्रास चेक करने का निर्देश दिया गया है। सूची में शामिल शिक्षकों ने कोई आवेदन किया था कि नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उन शिक्षकों द्वारा लगाया गया अंक व प्रमाण पत्रों का संत्यापन कराया गया अथवा नहीं। रजिस्टर्ड डाक के बजाय बीएसए कार्यालय से सीधे नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले शिक्षकों की भी जांच होगी।
शिक्षकों का पुलिस सत्यापन उनके मूल पते पर किया गया कि नहीं। निर्धारित तिथि के बाद योगदान आख्या नहीं प्रस्तुत करने वालों के काउंसिलिंग व मूल अभिलेख की फाइल का मेरिट सूची से मिलान किया जाएगा। दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य आरक्षित प्रमाण पत्र लगाने वालों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। शिक्षकों ने आधार लिंकेज समेत नौ बिंदुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि शासकीय फरमान पर वर्ष 2010 के बाद से भर्ती जिले भर के सभी परिषदीय शिक्षकों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
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पिछले दिनों प्रदेश कुछ जिलों में बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। इसके बाद से शासन ने प्रदेश भर में वर्ष 2010 के बाद से भर्ती शिक्षकों की नए सिरे से जांच करने का फरमान जारी किया है। शासन ने इसके लिए सभी जिलों में एडीएम की अगुवाई में एसपी तथा मंडलीय शिक्षा निदेशक (बेसिक) की तीन सदस्यीय कमेटी गठित किया है। कौशाम्बी जिले में भी साल 2010 के बाद से अब तक करीब 1100 शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इन शिक्षकों की चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट व कोषागार की वेतन सूची से भी क्रास चेक करने का निर्देश दिया गया है। सूची में शामिल शिक्षकों ने कोई आवेदन किया था कि नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उन शिक्षकों द्वारा लगाया गया अंक व प्रमाण पत्रों का संत्यापन कराया गया अथवा नहीं। रजिस्टर्ड डाक के बजाय बीएसए कार्यालय से सीधे नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले शिक्षकों की भी जांच होगी।
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शिक्षकों का पुलिस सत्यापन उनके मूल पते पर किया गया कि नहीं। निर्धारित तिथि के बाद योगदान आख्या नहीं प्रस्तुत करने वालों के काउंसिलिंग व मूल अभिलेख की फाइल का मेरिट सूची से मिलान किया जाएगा। दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अन्य आरक्षित प्रमाण पत्र लगाने वालों का दोबारा सत्यापन कराया जाएगा। शिक्षकों ने आधार लिंकेज समेत नौ बिंदुओं की जांच करने का निर्देश दिया गया है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि शासकीय फरमान पर वर्ष 2010 के बाद से भर्ती जिले भर के सभी परिषदीय शिक्षकों की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
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