{"_id":"5b538afb4f1c1bc6508b622c","slug":"201532201723-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करारी कस्बे में बिजली-पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करारी कस्बे में बिजली-पानी का संकट
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। करारी कस्बे में बिजली-पानी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। रोस्टर के मुताबिक विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है। पानी के लिए भी नागरिकों को परेशान होना पड़ रहा है। इसे लेकर कस्बाइयों में आक्रोश है।
करारी नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था करीब डेढ़ महीने से बेपटरी हो गई है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं रह गया है। भीषण गर्मी में करवट बदलकर रात बितानी पड़ती है। इसकी वजह से कस्बाई की दिनचर्या पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, कारोबारी और किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। बूंद-बूंद पानी की समस्या खड़ी हो गई है। सुबह- शाम पानी सप्लाई के वक्त बिजली नहीं रहती। ऐसे में पानी की मोटर नहीं चल पाती और लोग पानी नहीं भर पाते हैं। इससे हैंडपंप पर लाइन लगानी पड़ती है। कस्बे के संजय केसरवानी, पंकज शर्मा, मोहन श्याम केसरवानी, इम्तियाज अहमद आदि का कहना है ऊंचाई पर बसे मोहल्लों में सप्लाई का पानी वाटर पंप लगाने के बाद भी नहीं पहुंच पाता। लोगों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की है।
विज्ञापन
करारी नगर पंचायत की बिजली व्यवस्था करीब डेढ़ महीने से बेपटरी हो गई है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं रह गया है। भीषण गर्मी में करवट बदलकर रात बितानी पड़ती है। इसकी वजह से कस्बाई की दिनचर्या पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई, कारोबारी और किसानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। बूंद-बूंद पानी की समस्या खड़ी हो गई है। सुबह- शाम पानी सप्लाई के वक्त बिजली नहीं रहती। ऐसे में पानी की मोटर नहीं चल पाती और लोग पानी नहीं भर पाते हैं। इससे हैंडपंप पर लाइन लगानी पड़ती है। कस्बे के संजय केसरवानी, पंकज शर्मा, मोहन श्याम केसरवानी, इम्तियाज अहमद आदि का कहना है ऊंचाई पर बसे मोहल्लों में सप्लाई का पानी वाटर पंप लगाने के बाद भी नहीं पहुंच पाता। लोगों ने संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से समस्या के समाधान की मांग की है।
विज्ञापन