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मिजल्स रूबेला:अभियान को पलीता लगा रहे मास्साब
Updated Thu, 29 Nov 2018 06:15 PM IST
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मिजल्स रूबेला:अभियान को पलीता लगा रहे मास्साब
आधा दर्जन स्कूलों के शिक्षकों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से किया इंकार
जीरो से 15 साल के 6,11,637 बच्चों को लगना है टीका, दो दिन में 53,484 का हुआ टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बहु प्रचारित मिजल्स रूबेला अभियान को शिक्षक ही पलीता लगा रहे हैं। करीब आधा दर्जन सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयों के जिम्मेदारों ने बच्चों का टीकाकरण कराने सें इंकार कर दिया है। अभियान के नोडल अफसर ने मामले की जानकारी सीडीओ को दी।
कई बीमारियों से बचाने के लिए भारत सरकार ने मिजेल्स रुबेला का टीका लगाने का फरमान जारी किया है। जिले में जीरो से 15 साल के 6,11,637 बच्चों को 26 नवंबर से अभियान चलाकर टीका लगाया जा रहा है। नोडल अफसर डॉ हिंद मणि ने बताया कि पहले दो दिन में ही 53484 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं दूसरी तरफ चायल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पावन, मनौरी, केंद्रीय विद्यालय मनौरी, जेके इंग्लिश स्कूल कटहुला, बीएसपीएस मनौरी के शिक्षकों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया है। गुरुवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम को बैरंग लौटना पड़ा। बताया कि इन विद्यालयों में करीब तीन हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नोडल अफसर ने मामले की जानकारी सीडीओ इंद्रसेन को दे दिया है। बताया कि इनमें से ज्यादातार स्कूल प्रयागराज शहर के कौड़िहार ब्लॉक में आते हैं। लिहाजा अभियान की सफलता के लिए प्रयागराज प्रशासन से मदद ली जाएगी।
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फेक वीडियो वायरल होने से आ रही दिक्कत
सोशल मीडिया पर अभियान शुरू होने के बाद से ही एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिखाया जा रहा है कि टीका लगाने के कुछ ही देर में बच्चे बीमार हो गए। इसके चलते शिक्षकों में घबराहट है। टीकाकरण के लिए राजी नहीं होने वाले स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि स्कूल टाइम पर यदि किसी बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ गया तो उनकी फजीहत बढ़ जाएगी। जबकि स्वास्थ्य टीम ने उन्हें बहुत समझाने का प्रयास किया कि वीडियो फर्जी है। इसके अलावा वह लोग टीका लगाने के बाद करीब आधे घंटे तक मौके पर मौजूद रहकर बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। पर,किसी भी सूरत में शिक्षक टीकाकरण के लिए तैयार नहीं हो सके।
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आधा दर्जन स्कूलों के शिक्षकों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से किया इंकार
जीरो से 15 साल के 6,11,637 बच्चों को लगना है टीका, दो दिन में 53,484 का हुआ टीकाकरण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। बहु प्रचारित मिजल्स रूबेला अभियान को शिक्षक ही पलीता लगा रहे हैं। करीब आधा दर्जन सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयों के जिम्मेदारों ने बच्चों का टीकाकरण कराने सें इंकार कर दिया है। अभियान के नोडल अफसर ने मामले की जानकारी सीडीओ को दी।
कई बीमारियों से बचाने के लिए भारत सरकार ने मिजेल्स रुबेला का टीका लगाने का फरमान जारी किया है। जिले में जीरो से 15 साल के 6,11,637 बच्चों को 26 नवंबर से अभियान चलाकर टीका लगाया जा रहा है। नोडल अफसर डॉ हिंद मणि ने बताया कि पहले दो दिन में ही 53484 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं दूसरी तरफ चायल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पावन, मनौरी, केंद्रीय विद्यालय मनौरी, जेके इंग्लिश स्कूल कटहुला, बीएसपीएस मनौरी के शिक्षकों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया है। गुरुवार को पहुंची स्वास्थ्य टीम को बैरंग लौटना पड़ा। बताया कि इन विद्यालयों में करीब तीन हजार बच्चे पंजीकृत हैं। नोडल अफसर ने मामले की जानकारी सीडीओ इंद्रसेन को दे दिया है। बताया कि इनमें से ज्यादातार स्कूल प्रयागराज शहर के कौड़िहार ब्लॉक में आते हैं। लिहाजा अभियान की सफलता के लिए प्रयागराज प्रशासन से मदद ली जाएगी।
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फेक वीडियो वायरल होने से आ रही दिक्कत
सोशल मीडिया पर अभियान शुरू होने के बाद से ही एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिखाया जा रहा है कि टीका लगाने के कुछ ही देर में बच्चे बीमार हो गए। इसके चलते शिक्षकों में घबराहट है। टीकाकरण के लिए राजी नहीं होने वाले स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि स्कूल टाइम पर यदि किसी बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ गया तो उनकी फजीहत बढ़ जाएगी। जबकि स्वास्थ्य टीम ने उन्हें बहुत समझाने का प्रयास किया कि वीडियो फर्जी है। इसके अलावा वह लोग टीका लगाने के बाद करीब आधे घंटे तक मौके पर मौजूद रहकर बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे। पर,किसी भी सूरत में शिक्षक टीकाकरण के लिए तैयार नहीं हो सके।
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