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सत्यापन के बाद खाते में जाएगी पीएम आवास की रकम
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:56 AM IST
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सत्यापन के बाद ही खाते में जाएगी पीएम आवास की रकम
अपात्रों को आवास देने का खुलासा होने पर सीडीओ ने लगाई टीम
मोटी रकम लेकर आवास आवंटन करने वालों की खुलेगी पोल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित लाभार्थियों के खाते में धनराशि अब पात्रता की जांच के बाद ही पहुंचेगी। कुछ ग्राम सभाओं में अपात्रों को आवास दिए जाने का खुलासा होने के बाद सीडीओ ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने पात्रता सत्यापन के लिए जिले व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम लगाई है। अब पात्रता सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों के खाते में आवास की रकम पहुंच सकेगी।
गरीबों को एक अदद आशियाना मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित कर रखी है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 5744 आवास बनवाने का लक्ष्य रखा। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद अफसरों ने पात्रता चयन का निर्देश प्रधान, सेक्रेटरी को दिया। ग्राम स्तर पर पात्रता चयन में प्रधान व सेक्रेटरी ने अपात्रों से मोटी रकम लेकर आवास के लिए चयनित कर लिया। अपात्रों का चयन होने के बाद जिले में शिकायतों का दौर शुरू हो गया। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी सदर ब्लॉक के पिपरकुंडी गांव में प्रधानमंत्री आवास पात्रता की जांच करने पहुंचे। उन्होंने पाया कि दिए गए 14 आवास में पांच अपात्रों को दे दिए गए। इन पांचों के पास पक्का मकान पहले से मौजूद मिला। इसे लेकर सीडीओ ने आवंटन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। वापस आकर उन्होंने चयनित लाभार्थियों की पात्रता की पुन: जांच कराने के लिए अफसरों की टीम गठित कर दी है। जांच गठित किए जाने के बाद मोटी रकम लेकर अपात्रों के नाम आवास की सूची में शामिल करने वाले ग्राम प्रधानों व सेक्रेट्रियों में हड़कंप है।
सूची से कट सकते हैं कई चयनित लोगों के नाम
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पीएम आवास पात्रता की जांच शुरू कराए जाने की जानकारी ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को मिली तो उन्हें पोल खुलने का भय सताने लगा है। अफसरों ने संजीदगी से जांच किया तो एक-एक गांव के अपात्रों के नाम सूची से बाहर होना तय है। ऐसे में ग्राम प्रधानों व सेक्रेट्रियों को अफसरों की कार्रवाई का सामना तो करना ही होगा लाभार्थी की रकम भी लौटानी होगी।
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देवखरपुर गांव में मिला एक अपात्र
पीएम आवास पात्रता जांच के क्रम में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी सदर ब्लॉक के देवखरपुर गांव पहुंचे। यहां पर उन्होेंने पाया कि तीन लाभार्थियों का चयन किया गया है। तीनों लाभार्थियों की पात्रता का स्थलीय सत्यापन किया गया तो एक लाभार्थी अपात्र मिला। इससे नाराज सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी प्रेम नारायण की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है।
जांच के दौरान ओडीएफ का पाठ पढ़ाएंगे अधिकारी
पीएम आवास पात्रता की जांच करने गांव जाने वाले अधिकारी ग्रामीणों के समक्ष पात्रता की जानकारी लेंगे। सूची में शामिल व्यक्ति पात्र है अथवा अपात्र इसका निर्धारण करने के बाद अधिकारी ग्रामीणों को स्वच्छता व खुले में शौच न करने का पाठ पढ़ाएंगे। ऐसे में एक तीर से दो निशाना अफसरों द्वारा ग्राम सभाओं में लगाया जाएगा।
पीएम आवास लाभार्थी चयन में लापरवाही उजागर हो रही है। योजना का लाभ अपात्रों को न मिल जाए इसे देखते हुए पात्रता की जांच कराई जा रही है। भारी संख्या में अफसरों को लगाकर इसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
जांच के नाम पर आवास में कहीं देरी नहीं होगी।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ
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अपात्रों को आवास देने का खुलासा होने पर सीडीओ ने लगाई टीम
मोटी रकम लेकर आवास आवंटन करने वालों की खुलेगी पोल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित लाभार्थियों के खाते में धनराशि अब पात्रता की जांच के बाद ही पहुंचेगी। कुछ ग्राम सभाओं में अपात्रों को आवास दिए जाने का खुलासा होने के बाद सीडीओ ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने पात्रता सत्यापन के लिए जिले व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की टीम लगाई है। अब पात्रता सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों के खाते में आवास की रकम पहुंच सकेगी।
गरीबों को एक अदद आशियाना मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना संचालित कर रखी है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 5744 आवास बनवाने का लक्ष्य रखा। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद अफसरों ने पात्रता चयन का निर्देश प्रधान, सेक्रेटरी को दिया। ग्राम स्तर पर पात्रता चयन में प्रधान व सेक्रेटरी ने अपात्रों से मोटी रकम लेकर आवास के लिए चयनित कर लिया। अपात्रों का चयन होने के बाद जिले में शिकायतों का दौर शुरू हो गया। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी सदर ब्लॉक के पिपरकुंडी गांव में प्रधानमंत्री आवास पात्रता की जांच करने पहुंचे। उन्होंने पाया कि दिए गए 14 आवास में पांच अपात्रों को दे दिए गए। इन पांचों के पास पक्का मकान पहले से मौजूद मिला। इसे लेकर सीडीओ ने आवंटन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। वापस आकर उन्होंने चयनित लाभार्थियों की पात्रता की पुन: जांच कराने के लिए अफसरों की टीम गठित कर दी है। जांच गठित किए जाने के बाद मोटी रकम लेकर अपात्रों के नाम आवास की सूची में शामिल करने वाले ग्राम प्रधानों व सेक्रेट्रियों में हड़कंप है।
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सूची से कट सकते हैं कई चयनित लोगों के नाम
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा पीएम आवास पात्रता की जांच शुरू कराए जाने की जानकारी ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को मिली तो उन्हें पोल खुलने का भय सताने लगा है। अफसरों ने संजीदगी से जांच किया तो एक-एक गांव के अपात्रों के नाम सूची से बाहर होना तय है। ऐसे में ग्राम प्रधानों व सेक्रेट्रियों को अफसरों की कार्रवाई का सामना तो करना ही होगा लाभार्थी की रकम भी लौटानी होगी।
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देवखरपुर गांव में मिला एक अपात्र
पीएम आवास पात्रता जांच के क्रम में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी सदर ब्लॉक के देवखरपुर गांव पहुंचे। यहां पर उन्होेंने पाया कि तीन लाभार्थियों का चयन किया गया है। तीनों लाभार्थियों की पात्रता का स्थलीय सत्यापन किया गया तो एक लाभार्थी अपात्र मिला। इससे नाराज सीडीओ ने ग्राम विकास अधिकारी प्रेम नारायण की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है।
जांच के दौरान ओडीएफ का पाठ पढ़ाएंगे अधिकारी
पीएम आवास पात्रता की जांच करने गांव जाने वाले अधिकारी ग्रामीणों के समक्ष पात्रता की जानकारी लेंगे। सूची में शामिल व्यक्ति पात्र है अथवा अपात्र इसका निर्धारण करने के बाद अधिकारी ग्रामीणों को स्वच्छता व खुले में शौच न करने का पाठ पढ़ाएंगे। ऐसे में एक तीर से दो निशाना अफसरों द्वारा ग्राम सभाओं में लगाया जाएगा।
पीएम आवास लाभार्थी चयन में लापरवाही उजागर हो रही है। योजना का लाभ अपात्रों को न मिल जाए इसे देखते हुए पात्रता की जांच कराई जा रही है। भारी संख्या में अफसरों को लगाकर इसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
जांच के नाम पर आवास में कहीं देरी नहीं होगी।
डॉ. दिनेश कुमार सिंह, सीडीओ