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अब ई-पास मशीन से नहीं कर सकेंगे छेड़छाड़
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अब ई-पास मशीन से नहीं कर सकेंगे छेड़छाड़
कोटे की सभी दुकानों की कराई जा रही जियो टैगिंग
सिर्फ कोटेदार ही खोल पाएंगे मशीन, दुकान से ही बंटेगा राशन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ई-पास मशीन से छेड़छाड़ पर नकेल कसने के साथ ही दुकान से ही राशन वितरण के लिए शासन ने नया फार्मूला ईजाद किया है। इसमें सिर्फ कोटेदार ही ई-पास मशीन खोल सकेंगे। इतना ही नहीं दुकान की परिधि से महज 500 मीटर के अंदर से ही राशन वितरण की बाध्यता होगी। दूसरी जगह मशीन काम ही नहीं करेगी। राजधानी लखनऊ एनआईसी की ओर से तैयार साइट पर प्रदेश भर के कोटेदारों का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा। इसके साथ ही कोटे की दुकानों की जियो टैगिंग भी शुरू कर दी गई है।
पश्चिमी जिलों में ई-पास मशीनों के साथ छेड़छाड़ की घटना से पारदर्शिता पर खड़े हुए सवाल को लेकर प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है। इसी के बाद से शासन ने बेहतर व्यवस्था लागू करने के लिए नई योजना बनाई है। लखनऊ स्थित एनआईसी की ओर से माड्यूल तैयार किया गया है। फरवरी से जब कोटेदार ई-पास मशीन में अपना आधार और मोबाइल नंबर डालेंगे। तभी वह खुलेगी। कोई दूसरा व्यक्ति चाहकर भी मशीन नहीं खोल पाएगा। डीएसओ कुमार निर्मलेंदु ने बताया कि जनपद में कुल 588 कोटेदारों में 552 ग्रामीण तथा 36 दुकानें नगरीय क्षेत्र की शामिल हैं। शासन की ओर से शुरू की गई व्यवस्था के तहत सभी कोटेदारों को निर्देश दिया गया है कि वह 20 जनवरी तक अपने-अपने पूर्ति निरीक्षकों के कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दें। इसके बाद निर्धारित प्रोफार्मा भरकर सप्लाई इंस्पेक्टर उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही सभी कोटे की दुकानों की जियो टैगिंग कराई जा रही है।
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कोटे की सभी दुकानों की कराई जा रही जियो टैगिंग
सिर्फ कोटेदार ही खोल पाएंगे मशीन, दुकान से ही बंटेगा राशन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। ई-पास मशीन से छेड़छाड़ पर नकेल कसने के साथ ही दुकान से ही राशन वितरण के लिए शासन ने नया फार्मूला ईजाद किया है। इसमें सिर्फ कोटेदार ही ई-पास मशीन खोल सकेंगे। इतना ही नहीं दुकान की परिधि से महज 500 मीटर के अंदर से ही राशन वितरण की बाध्यता होगी। दूसरी जगह मशीन काम ही नहीं करेगी। राजधानी लखनऊ एनआईसी की ओर से तैयार साइट पर प्रदेश भर के कोटेदारों का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा। इसके साथ ही कोटे की दुकानों की जियो टैगिंग भी शुरू कर दी गई है।
पश्चिमी जिलों में ई-पास मशीनों के साथ छेड़छाड़ की घटना से पारदर्शिता पर खड़े हुए सवाल को लेकर प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है। इसी के बाद से शासन ने बेहतर व्यवस्था लागू करने के लिए नई योजना बनाई है। लखनऊ स्थित एनआईसी की ओर से माड्यूल तैयार किया गया है। फरवरी से जब कोटेदार ई-पास मशीन में अपना आधार और मोबाइल नंबर डालेंगे। तभी वह खुलेगी। कोई दूसरा व्यक्ति चाहकर भी मशीन नहीं खोल पाएगा। डीएसओ कुमार निर्मलेंदु ने बताया कि जनपद में कुल 588 कोटेदारों में 552 ग्रामीण तथा 36 दुकानें नगरीय क्षेत्र की शामिल हैं। शासन की ओर से शुरू की गई व्यवस्था के तहत सभी कोटेदारों को निर्देश दिया गया है कि वह 20 जनवरी तक अपने-अपने पूर्ति निरीक्षकों के कार्यालय में आधार और मोबाइल नंबर उपलब्ध करा दें। इसके बाद निर्धारित प्रोफार्मा भरकर सप्लाई इंस्पेक्टर उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही सभी कोटे की दुकानों की जियो टैगिंग कराई जा रही है।
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