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आखिरकार पशु तस्करी में वांटेड हुआ बर्खास्त सिपाही
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:53 AM IST
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मंझनपुर। आखिरकार गोवंश तस्करी मामले में कोखराज पुलिस को बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा व उसके साथी का नाम विवेचना में बढ़ाना पड़ा। पुलिस ने उन्हें नामजद न करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस संदर्भ में अमर उजाला प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने पर एसपी प्रदीप गुप्ता ने पुलिस कर्मियों को फटकार लगाई तो आनन-फानन बर्खास्त सिपाही का नाम विवेचना में बढ़ा दिया गया।
कोखराज पुलिस ने शनिवार की भोर सिहोरी टोल प्लाजा के समीप से एक ट्रक में लदे करीब 18 गोवंश को बरामद किया था। ट्रक चालक इसहार ने बताया कि तस्करी कानपुर से बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा व उसके साथी चांद के इशारे पर की जाती है। यह गोरखधंधा काफी दिनों से चल रहा है। सिपाही एक ट्रक पास कराने के लिए 80 से 90 हजार रुपये लेता है। चालक के बयान के बाद भी पुलिस ने सुशील मिश्रा व चांद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। मामले में चालक को नामजद करते हुए दो अज्ञात खिलाफ केस दर्ज कर मामले का रफा-दफा करना चाहा। इस बाबत अमर उजाला ने सोमवार के अंक में ‘बर्खास्त सिपाही के संरक्षण में हो रही गोवंश तस्करी का भंडाफोड़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की किया था।
खबर को संज्ञान में लेकर एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता ने सीओ सिराथू को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। मंगलवार के अंक में भी अमर उजाला ने ‘गोवंश तस्करों पर मेहरबानी की होगी जांच’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि कोखराज पुलिस ने विवेचना में चालक के बयान व मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा व चांद का नाम शामिल कर लिया है। कोखराज इंस्पेक्टर उदयवीर का कहना है कि आरोपित लोगों का नाम शामिल किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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कोखराज पुलिस ने शनिवार की भोर सिहोरी टोल प्लाजा के समीप से एक ट्रक में लदे करीब 18 गोवंश को बरामद किया था। ट्रक चालक इसहार ने बताया कि तस्करी कानपुर से बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा व उसके साथी चांद के इशारे पर की जाती है। यह गोरखधंधा काफी दिनों से चल रहा है। सिपाही एक ट्रक पास कराने के लिए 80 से 90 हजार रुपये लेता है। चालक के बयान के बाद भी पुलिस ने सुशील मिश्रा व चांद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। मामले में चालक को नामजद करते हुए दो अज्ञात खिलाफ केस दर्ज कर मामले का रफा-दफा करना चाहा। इस बाबत अमर उजाला ने सोमवार के अंक में ‘बर्खास्त सिपाही के संरक्षण में हो रही गोवंश तस्करी का भंडाफोड़’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की किया था।
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खबर को संज्ञान में लेकर एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता ने सीओ सिराथू को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। मंगलवार के अंक में भी अमर उजाला ने ‘गोवंश तस्करों पर मेहरबानी की होगी जांच’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। खबर का असर रहा कि कोखराज पुलिस ने विवेचना में चालक के बयान व मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर बर्खास्त सिपाही सुशील मिश्रा व चांद का नाम शामिल कर लिया है। कोखराज इंस्पेक्टर उदयवीर का कहना है कि आरोपित लोगों का नाम शामिल किया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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