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एक्सईएन की आईडी से चार साल का बिल हुआ चार सौ
Updated Thu, 18 Oct 2018 01:15 AM IST
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चार सौ रुपये में पुराने कनेक्शन को किया रफा-दफा
एक्सईएन की आईडी से किया खेल, जानकारी होने पर बिजली विभाग में मचा हड़कंप
एक्सपर्ट ने तीन लिपिकों केकम्प्यूटर की शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मुख्यालय के एक उपभोक्ता का बिल महज चार सौ रुपये जमा कर चार साल पुराने कनेक्शन को रफा-दफा करने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। शातिरों ने बिल में इस खेल के लिए अधिशाषी अभियंता प्रदीप सोनकर की आईडी का इस्तेमाल किया है। मामले की जानकारी के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। आनन-फानन आईटी एक्सपर्ट बुलाकर बिजली विभाग के लिपिकों के कंप्यूटर की जांच की जा रही है।
मुख्यालय के चकनगर प्रथम में रहने वाली गोमती देवी ने घरेलू बिजली कनेक्शन लिया था। गोमती देवी को मीटर भी आवंटित कर विभाग ने फीड नहीं किया। चार साल तक बिजली बिल का एक भी पैसा नहीं जमा हुआ। गोमती देवी के मीटर की रीडिंग ज्यादा हुई तो उसके घर वाले बिल निकलवाने के लिए परेशान हो गए। जानकारी पर पता चला कि मीटर की फीडिंग नहीं होने से बिल नहीं निकल पा रहा है। इसे लेकर उपभोक्ता ने एक्सईएन कार्यालय के एक लिपिक से सांठ-गांठ की। लिपिक ने सेटिंग करके नया मीटर लगवाया और उसकी रीडिंग कराकर महज चार सौ रुपये का बिल निकालवा दिया। इस बिल का बकायदा भुगतान भी जमा कर दिया गया। उधर उपभोक्ता से लिपिक ने पूरे पैसे वसूल किए गए। इसकी जानकारी किसी ने अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। छानबीन में पता चला कि सारा खेल अधिशाषी अभियंता प्रदीप सोनकर की आईडी से किया गया है। इसे लेकर विभाग में हड़कंप है। एक्सईएन की आईडी विभाग में काम करने वाले लेखाकार और दो लिपिकों के पास थी। ऐसे में किसने खेल किया? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता के यहां आईटी एक्सपर्ट को बुलाया गया। फिलहाल यह ट्रेस नहीं हो सका है कि खेल किसने किया।
क्या कहते हैं अधिकारी
गोमती देवी के मामले में विभाग को चूना लगाने का खेल किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी सामने आएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप सोनकर, एक्सईएन, मंझनपुर
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एक्सईएन की आईडी से किया खेल, जानकारी होने पर बिजली विभाग में मचा हड़कंप
एक्सपर्ट ने तीन लिपिकों केकम्प्यूटर की शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। मुख्यालय के एक उपभोक्ता का बिल महज चार सौ रुपये जमा कर चार साल पुराने कनेक्शन को रफा-दफा करने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। शातिरों ने बिल में इस खेल के लिए अधिशाषी अभियंता प्रदीप सोनकर की आईडी का इस्तेमाल किया है। मामले की जानकारी के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। आनन-फानन आईटी एक्सपर्ट बुलाकर बिजली विभाग के लिपिकों के कंप्यूटर की जांच की जा रही है।
मुख्यालय के चकनगर प्रथम में रहने वाली गोमती देवी ने घरेलू बिजली कनेक्शन लिया था। गोमती देवी को मीटर भी आवंटित कर विभाग ने फीड नहीं किया। चार साल तक बिजली बिल का एक भी पैसा नहीं जमा हुआ। गोमती देवी के मीटर की रीडिंग ज्यादा हुई तो उसके घर वाले बिल निकलवाने के लिए परेशान हो गए। जानकारी पर पता चला कि मीटर की फीडिंग नहीं होने से बिल नहीं निकल पा रहा है। इसे लेकर उपभोक्ता ने एक्सईएन कार्यालय के एक लिपिक से सांठ-गांठ की। लिपिक ने सेटिंग करके नया मीटर लगवाया और उसकी रीडिंग कराकर महज चार सौ रुपये का बिल निकालवा दिया। इस बिल का बकायदा भुगतान भी जमा कर दिया गया। उधर उपभोक्ता से लिपिक ने पूरे पैसे वसूल किए गए। इसकी जानकारी किसी ने अफसरों को दी तो हड़कंप मच गया। छानबीन में पता चला कि सारा खेल अधिशाषी अभियंता प्रदीप सोनकर की आईडी से किया गया है। इसे लेकर विभाग में हड़कंप है। एक्सईएन की आईडी विभाग में काम करने वाले लेखाकार और दो लिपिकों के पास थी। ऐसे में किसने खेल किया? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता के यहां आईटी एक्सपर्ट को बुलाया गया। फिलहाल यह ट्रेस नहीं हो सका है कि खेल किसने किया।
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क्या कहते हैं अधिकारी
गोमती देवी के मामले में विभाग को चूना लगाने का खेल किया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी सामने आएगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदीप सोनकर, एक्सईएन, मंझनपुर