कस्बे में पसरी गंदगी, नागरिकों का फूटा गुस्सा

Allahabad Bureauइलाहाबाद ब्यूरो Updated Wed, 26 Sep 2018 01:11 AM IST
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मंझनपुर। सफाईकर्मियों की हड़ताल से कस्बे में पसरी गंदगी को लेकर मंगलवार को नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित कस्बाइयों ने मुख्य चौराहे पर धरना दिया। इस दौरान एक वकील की हालत बिगड़ गई। इन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में सदर विधायक ने एसडीएम और ईओ को बुलाकर वार्ता की। बुधवार से नियमित सफाई कराने का आश्वासन मिलने पर कस्बाइयों का गुस्सा शांत हुआ।
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ईओ अंकिता पटेल और चेयरमैन महताब आलम के बीच चल रही रार के कारण नगर पंचायत में तैनात संविदा सफाईकर्मियों को पांच माह से मानदेय नहीं मिल रहा था। इससे नाराज सुभाष, दयाराम, ऊषा देवी, दिनेश समेत सभी 24 संविदा सफाईकर्मी 18 सितंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इसके चलते नगर में झाड़ू लगनी बंद हो गई। नतीजतन मुख्य मार्ग से लेकर कस्बे की गलियों व नालियां गंदगी से पट गई। चरमराई सफाई-व्यवस्था को लेकर कस्बे में मंगलवार को दिनभर ड्रामा चला। गुस्साए नागरिकों ने मंझनपुर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने में शामिल वकील राजेश त्रिपाठी की हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल भेजवाया गया। इसी बीच चौराहे से गुजर रहे विधायक सदर लालबहादुर की गाड़ी आंदोलनकारियों ने रोक ली। इस पर विधायक ने एसडीएम सतीश चंद्र और ईओ अंकिता पटेल को भी मौके पर बुलवा लिया। सभी पक्षों से वार्ता के बाद बुधवार से नगर में नियमित सफाई कराने का आश्वासन मिलने पर नागरिकों का गुस्सा शांत हुआ। इस मौके पर पंकज केसरवानी उर्फ गामा, राजेश त्रिपाठी, शिंटू श्रीवास्तव, डिगई, सोनेलाल केसरवानी, कर्मचंद साहू, अजय जायसवाल, शिवप्रताप एडवोकेट, सोनू मिश्रा, आनंद उर्फ अन्नू केसरवानी आदि मौजूद रहे।
18 सितंबर से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मियों का मानदेय डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर 20 सितंबर को ही मानदेय बैंक में भेज दिया। यह भी बताया जाता है कि ईओ अंकिता पटेल द्वारा इसकी जानकारी देने के बावजूद सफाईकर्मी स्थानीय राजनीति के फेर में फंस कर हड़ताल जारी रखे थे। मंगलवार को सभी के बैंक खाते में पैसा भी आ गया। इसके बाद भी हड़ताल वापस नहीं ली गई। शाम चार बजे के आसपास सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों के आगमन पर हड़तालियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन तेज कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर सतीश चंद्र पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने के बाद भी आंदोलन जारी रहा तो सभी कर्मचारियों की संविदा समाप्त करा दी जाएगी। इसके बाद आंदोलनकारी शांत हो गए।
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