{"_id":"5d08e58a8ebc3e48c01df66e","slug":"156086412410-kaushambi-news8","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं पूरा हो सका लक्ष्य, दस दिन की मिली मोहलत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं पूरा हो सका लक्ष्य, दस दिन की मिली मोहलत
विज्ञापन
मंझनपुर। गेहूं खरीद में इस बार जिला फिसड्डी रहा। निर्धारित समयावधि में खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सरकार दस दिन की मोहलत और दी है। 15 जून के बजाय अब विभिन्न एजेंसियां 25 जून तक किसानों का गेहूं खरीद सकती हैं। अफसर लक्ष्य के सापेक्ष 70 फीसदी गेहूं खरीद का दावा कर रहे हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि तक करीब 96 फीसदी गेहूं खरीद कर ली गई थी।
पिछले साल सरकार ने करीब 47600 मीट्रिक टन(एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष 15 जून तक विभाग ने करीब 45000 एमटी गेहूं खरीद हुई थी। इस मर्तबा लक्ष्य घटाकर 46 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया था। इसके लिए दस एजेंसियों के 61 क्रय केंद्र खोले गए थे। हालांकि इनमें से करीब आधा दर्जन सेंटर बीच में ही बंद हो गए। तमाम कवायद के बावजूद निर्धारित समयावधि 15 जून तक सिर्फ तकरीबन 32,200 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका। जो लक्ष्य के सापेक्ष करीब 70 फीसदी रहा। पिछले साल के मुकाबले करीब 25 फीसदी कम खरीद होने के कारण सरकार ने दस दिन की और मोहलत दे दी है। हालांकि 15 के बाद खरीद की जो रफ्तार है उससे साफ जाहिर हो रहा है कि समयसीमा बढ़ने के बावजूद लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। क्याेंकि दो दिन के भीतर 17 जून तक खरीद में सिर्फ एक प्रतिशत का ही इजाफा हो सका है।
जिले में गेहूं खरीद कम होने के पीछे मंडी में और बाजार में भाव अधिक होना बताया जा रहा है। दूसरी प्रमुख वजह भाव बढ़ने की उम्मीद में बड़े काश्तकारों द्वारा गेहूं की बिक्री रोक देना मानी जा रही है। बड़े किसान दाम बढ़ने पर खुले बाजार में व्यापारियों के हाथ ही उपज बेचेंगे। वहीं डिप्टी आरएमओ का कहना है कि शासन ने गेहूं खरीद के लिए दस दिन का समय बढ़ा दिया है। सभी एजेंसियों को अपने-अपने केंद्रों पर 25 जून तक गेहूं खरीदने का निर्देश दे दिया गया है। बढ़े हुए समयावधि के भीतर लक्ष्य हासिल करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल सरकार ने करीब 47600 मीट्रिक टन(एमटी) गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके सापेक्ष 15 जून तक विभाग ने करीब 45000 एमटी गेहूं खरीद हुई थी। इस मर्तबा लक्ष्य घटाकर 46 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया था। इसके लिए दस एजेंसियों के 61 क्रय केंद्र खोले गए थे। हालांकि इनमें से करीब आधा दर्जन सेंटर बीच में ही बंद हो गए। तमाम कवायद के बावजूद निर्धारित समयावधि 15 जून तक सिर्फ तकरीबन 32,200 एमटी ही गेहूं खरीदा जा सका। जो लक्ष्य के सापेक्ष करीब 70 फीसदी रहा। पिछले साल के मुकाबले करीब 25 फीसदी कम खरीद होने के कारण सरकार ने दस दिन की और मोहलत दे दी है। हालांकि 15 के बाद खरीद की जो रफ्तार है उससे साफ जाहिर हो रहा है कि समयसीमा बढ़ने के बावजूद लक्ष्य हासिल करना मुश्किल है। क्याेंकि दो दिन के भीतर 17 जून तक खरीद में सिर्फ एक प्रतिशत का ही इजाफा हो सका है।
विज्ञापन
जिले में गेहूं खरीद कम होने के पीछे मंडी में और बाजार में भाव अधिक होना बताया जा रहा है। दूसरी प्रमुख वजह भाव बढ़ने की उम्मीद में बड़े काश्तकारों द्वारा गेहूं की बिक्री रोक देना मानी जा रही है। बड़े किसान दाम बढ़ने पर खुले बाजार में व्यापारियों के हाथ ही उपज बेचेंगे। वहीं डिप्टी आरएमओ का कहना है कि शासन ने गेहूं खरीद के लिए दस दिन का समय बढ़ा दिया है। सभी एजेंसियों को अपने-अपने केंद्रों पर 25 जून तक गेहूं खरीदने का निर्देश दे दिया गया है। बढ़े हुए समयावधि के भीतर लक्ष्य हासिल करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन