फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   साल भर से महिला डॉक्टर विहीन चल रहा सीएचसी बारा

साल भर से महिला डॉक्टर विहीन चल रहा सीएचसी बारा

Mon, 10 Jun 2019 06:40 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 06:40 PM IST
विज्ञापन
साल भर से महिला डॉक्टर विहीन चल रहा सीएचसी बारा
साल भर से महिला डॉक्टर विहीन चल रहा सीएचसी बारा
विज्ञापन

आधी आबादी की सेहत को लेकर बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग
एफआरयू का दर्जा प्राप्त होने के बाद इलाज के लिए महिलाओं को जाना पड़ता है जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। आधी आबादी की सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह है। तभी तो एफआरयू का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बारा में साल भर से महिला डॉक्टर विहीन चल रहा है। मजबूरी में इलाके की महिलाओं को इलाज के लिए 30 किमी का सफर तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।

कौशाम्बी ब्लॉक के 57 ग्रामसभाओं के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने बारा में सीएचसी संचालित कर रखा है। जिला अस्पताल को छोड़ दें तो ग्रामीण क्षेत्र का यह इकलौता सीएचसी है जिसे एफआरयू (प्राथमिक संदर्भन इकाई) का दर्जा प्राप्त है। यहां अधीक्षक समेत विशेषज्ञ डॉक्टरों के आठ पद सृजित हैं। इसके सापेक्ष सीएचसी प्रभारी डॉ. आशीष गुप्ता और डॉ. अरुण आर्या समेत सिर्फ दो डॉक्टरों की तैनाती है। जबकि अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 90 मरीजों की ओपीडी है। इनमें 15 से 20 महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए आती हैं। सर्वाधिक परेशानी महिलाओं के इलाज पिछले एक साल से किसी भी महिला डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई है। क्षेत्र की महिलाओं का इलाज अस्पताल की एएनएम अथवा स्टाफ नर्स के भरोसे होता है। या फिर महिलाएं पुरुष डॉक्टरों से इलाज कराएं। हालांकि पुरुष चिकित्सकों से महिलाएं व्यक्तिगत परेशानी बताने में खुद को असहज महसूस करती हैं। सोमवार को मेड़ुआ सलेमपुर निवासी गुड़िया देवी प्रसव के बाद जांच को आई थी। भीखा गर्ग का पूरा की लालती देवी असंदापुर की पूजा देवी, मनीषा पांडेय, पिंकी देवी आदि महिलाएं इलाज कराने आई इन महिलाओं का कहना है कि विभागीय अधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। अस्पताल में हर मर्ज के लिए स्टाफ नर्स ही मिलती हैं। ग्राम प्रधानसंघ के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक मिश्र, बुधराम यादव, गिरीश दिवेदी, पिन्टू द्विवेदी आदि का कहना है कि मुख्य चिकित्साधिकारी से कई मर्तबा शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं की जा रही है। मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता का कहना है कि महिला डॉक्टर की तैनाती के लिए विभाग को पहले ही पत्र भेजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed