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सबसे तेज दौड़ने वाली दलित छात्रा मंडलीय टीम से बाहर
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:21 AM IST
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मंझनपुर। परिषदीय विद्यालयों की खेलकूद प्रतियोगिता में सबसे तेज दौड़ लगाने वाली छात्रा को मंडलीय टीम से बाहर कर दिया गया। प्रतापगढ़ में प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद जानकारी होने पर छात्रा के पिता ने बुधवार को डीएम से शिकायत की। यह भी आरोप लगाया कि दलित होने के कारण छात्रा को मंडलीय प्रतियोगिता से वंचित कर दिया गया है।
रसूलपुर गिरसा निवासी गिरधारी लाल ने बताया कि उसकी बेटी विद्या देवी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। पिछले दिनों परिषदीय स्कूलों की ब्लॉक व जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्या ने दो सौ मीटर दौड़ में टॉप किया था। इसके लिए उसे मेडल भी दिया गया, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि दलित होने के कारण जिले की टॉपर छात्रा को मंडलीय टीम से बाहर कर दिया। इसकी जानकारी उसे प्रतापगढ़ में तीन दिवसीय मंडलीय प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद हुई। उसका कहना है कि इससे प्रतिभावान छात्रा कुंठित है। आरोप को गंभीरता से लेते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मामले की जांच और कार्रवाई का निर्देश बीएसए को दिया।
वहीं एबीएसए सिराथू का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। जिले में अव्वल प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों को मंडलीय टीम के लिए चयनित किया गया था। इसकी सूचना भी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के जरिए भेजी गई थी। विद्या देवी किन परिस्थितियों में प्रतियोगिता में नहीं शामिल हुई। इसकी जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रसूलपुर गिरसा निवासी गिरधारी लाल ने बताया कि उसकी बेटी विद्या देवी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। पिछले दिनों परिषदीय स्कूलों की ब्लॉक व जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विद्या ने दो सौ मीटर दौड़ में टॉप किया था। इसके लिए उसे मेडल भी दिया गया, लेकिन प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। आरोप लगाया कि दलित होने के कारण जिले की टॉपर छात्रा को मंडलीय टीम से बाहर कर दिया। इसकी जानकारी उसे प्रतापगढ़ में तीन दिवसीय मंडलीय प्रतियोगिता संपन्न होने के बाद हुई। उसका कहना है कि इससे प्रतिभावान छात्रा कुंठित है। आरोप को गंभीरता से लेते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मामले की जांच और कार्रवाई का निर्देश बीएसए को दिया।
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वहीं एबीएसए सिराथू का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है। जिले में अव्वल प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों को मंडलीय टीम के लिए चयनित किया गया था। इसकी सूचना भी विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के जरिए भेजी गई थी। विद्या देवी किन परिस्थितियों में प्रतियोगिता में नहीं शामिल हुई। इसकी जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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